Monday, January 16, 2017
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International
बनी रहे पृथ्वी दिवस की सार्थकता!

औद्योगीकरण और नगरीकरण के लिए बड़े पैमाने पर जंगलों का सफाया किया जा रहा है,जो प्रकृति के लिए गंभीर चिंता की बात है।आंकड़े बता रहे हैं कि 1990 के बाद विश्व में वर्षा वनों की संख्या आधा घट चुकी है।वल्र्ड वाइल्डलाइफ फंड के अनुसार,पिछले 50 वर्षों में दुनिया के आधे से ज्यादा जंगल गायब हो चुके हैं।ऐसा अनुमान लगाया गया है कि वनोन्मूलन के कारण पृथ्वी पर से प्रतिदिन 137 पौधे,जंतु व कीड़ों की प्रजातियों को खो रहे हैं।यह आंकड़ा 5000 प्रजाति प्रतिवर्ष के बराबर है।इस तरह आहार श्रंखला के विच्छेद होने और जैव-विविधता में कमी लाने का एक बड़ा कारक जंगलों का सफाया करना है।इसके साथ ही यह सूखे की समस्या और प्राकृतिक असंतुलन के लिए भी जिम्मेवार है।

रवीश की कलम से : ...तो इसलिए विदेश दौरों पर गए थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी भी कहते हैं, "मैं ऑस्ट्रेलिया गया। वहां की यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों से मिला। किस काम के लिए मिला। मैंने कहा कि हमारे किसान खेती करते हैं, मूंग, अरहर और चने की खेती करते हैं, लेकिन एक एकड़ भूमि में जितनी पैदावार होनी चाहिए, उतनी नहीं होती। भूमि तो बढ़ नहीं सकती, लेकिन उतनी ही भूमि में परिवार चलाना है, तो प्रति एकड़ हमारा उत्पादन कैसे बढ़े।

“मतदान होने के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व की अवधि के दौरान सार्वजनिक सभाओं पर रोक”

किसी चुनाव में मतदान के लिए तय निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व की अवधि के दौरान सिनेमा, टेलीविजन या इसी तरह के प्रचार माध्यम द्वारा जनता में किसी तरह की प्रचार सामग्री का प्रदर्शन नहीं करेगा।

आम आदमी पार्टी ने बाल्मीकि मंदिर, आर.के आश्रम प्रांगन में चुनाव चिन्ह झाडू का लोकार्पण किया

आम आदमी पार्टी ने आज बाल्मीकि मंदिर, आर.के आश्रम प्रांगन में अपने चुनाव चिन्ह झाडू का लोकार्पण किया। पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल ने. आर. के. आश्रम बाल्मीकि कालोनी में झाड़ू मार कर उपस्थित जन समूह को गलियों की सफाई के साथ -साथ राजनीती की सफाई का सन्देश दिया।

पिछले कुछ वर्षों से देश भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट हुआ है।

पिछले कुछ वर्षों से देश भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट हुआ है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई- सभी धर्मं के लोग अन्ना के नेतृत्व में एकजुट हुए। गंदी राजनीति करने वाले नेता इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे। ये इस एकजुटता को तोड़ने की कोशिश करेंगे ताकि इनका भ्रष्टाचार चलता रहे।

पहचाने “आप” के बीच की काली भेड़ों को.

अरविंद केज़रीवाल वह सख्श है जिसके नाम की ईमानदारी के लिए कसमें खाई जा सकती हैं। किंतु आज देश का समूचा भ्रष्ट तंत्र उसे बेईमान साबित करने के लिए एक जुट हो गया है। अपने भ्रष्ट आकाओं के समक्ष मीडिया जहां एक ओर अपने नम्बर बनाने के लिए ‘आम आदमी पार्टी’ को नेस्तनाबूद करने का षड़यंत्र रच रहा है वहीं पार्टी के अन्दर ही प्लांट किए गए कुछ दूसरी पार्टी के लोगों ने तोड़-फोड़ करने की नियत को लेकर अपना अभियान आरंभ कर दिया है।