Thursday, July 19, 2018
Follow us on
Download Mobile App
BREAKING NEWS
प्रोजेक्ट रिपोर्ट 1 को बदलकर बिना आधार , बिना कारण प्रोजेक्ट UIT कोटा को हस्तानांतरित कर दिया गयापंजाब : जोधपुर के नजरबन्दों के साथ कांग्रेस की ओर से की गई बेइन्साफी पर माफी मांगें कैप्टन : आपपंजाब : नशे के तांडव विरुद्ध 2 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास के समक्ष रोष मार्च व धरना देगी 'आप'लीडरशिप मध्य प्रदेश : क्या एमबी पॉवर से सरकार के गैरकानूनी करार का सवाल उठाएंगे अजय सिंह: आलोक अग्रवालराजस्थान : भ्रष्टाचार के गढ़ पर आप का प्रदर्शन, पीड़ित भी आए समर्थन मेंदिल्ली : दिल्ली में री-डवलपमेंट के नाम हजारों पेड़ो को काटने के षड्यंत्र में भाजपा और कॉंग्रेस दोनों शामिल : AAP  रमन के दमन का पुरजोर विरोध 'आप' द्वारा विधायक चीमा को लीगल सैल और सदरपुरा को किसान विंग का प्रांतीय अध्यक्ष किया नियुक्त 
Revolutionary Poems
आम आदमी तो आम होता है...

कभी गुस्सा तो प्यार कभी,सच-झूठ का कारोबार कभी ,
परिवार और रोजी-रोटी, इनका सारा संसार यही,
आजकल ख़बरों में, प्रायः गुमनाम ही होता है....

 

वो 49 दिन, बहुत याद आएगे...

वो जनता की मर्ज़ी पे सत्ता मे आना,
आम आदमी का आसमान छू जाना,
वो मेट्रो से तेरा, ताजपोशी को आना,
वो राम-लीला मैदान का मंज़र सुहाना,
वो सपनो की दुनिया हक़ीकत मे आना,
वो आँखो की नमी, होंठों का मुस्कुराना,
कभी तो हंसाएँगे , कभी तो रुलाएँगे. वो 49 दिन..

रंग दुनिया ने दिखाया है निराला / कुमार विश्वास

रंग दुनिया ने दिखाया है निराला, देखूँ,
है अँधेरे में उजाला, तो उजाला देखूँ
आइना रख दे मेरे हाथ में,आख़िर मैं भी,
कैसा लगता है तेरा चाहने वाला देखूँ
जिसके आँगन से खुले थे मेरे सारे रस्ते,
उस हवेली पे भला कैसे मैं ताला देखूँ

भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा/ कुमार विश्वास

भ्रमर कोई कुमुदुनी पर मचल बैठा तो हंगामा!
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा!!
अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का!
मैं किस्से को हकीक़त में बदल बैठा तो हंगामा!!

कोई दीवाना कहता है

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है !
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !!
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे दूर कैसी है !
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !!

मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है !
कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है !!
यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं !
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है !!

गर्मी की कुंडलियाँ - अरविंद कुमार झा

गर्मी का यह हाल है बिजली पानी बंद
ये सब छोटी बात है हम सब है स्वच्छंद