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1984 के सिख विरोधी दंगों पर एसआईटी के बारे में झूठी और शरारती समाचार रिपोर्ट

May 10, 2015 01:32 PM

सूचना एवं प्रचार निदेशालय

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार

 दिनांक:- ०८/०५/२०१५

दिल्ली सरकार ने दृढ़ता से मीडिया के एक वर्ग में झूठी और शरारती रिपोर्टों का खंडन किया है जिसमें यह कहा गया है कि सरकार ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही है विशेष जांच दल (एसआईटी) के लिए रसद और मानव शक्ति प्रदान नहीं की है|

सरकार ने इस मुद्दे को पर फैलाए जा रहे झूट को उजागर करने के लिए यह प्रेस विज्ञप्ति जारी की है|

इस पूरे मुद्दे के तथ्य इस प्रकार हैं:- 

  • केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसी वर्ष 12 फ़रवरी को एक एसआईटी की स्थापना की घोषणा की और छह महीने में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए इसे समय दिया।
  • दिल्ली की नई राज्य सरकार ने 14 फरवरी को शपथ ली थी|
  • पहली बार 1 मई को केन्द्रीय गृह मंत्रालय में आयोजित एक बैठक में, दिल्ली सरकार को एसआईटी के लिए एक सरकारी वकील की आवश्यकता के बारे में सूचित किया गया था। 
  • दिल्ली सरकार पहले ही सरकारी वकीलों की एक सूची जो केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जानी थी, तैयार कर चुकी थी| 
  • गृह मंत्रालय ने दिल्ली सरकार से एसआईटी के लिए सिर्फ और सिर्फ सरकारी वकीलों के नामो की ही मांग की थी और कुछ नहीं| अन्य सभी अटकलें पूरी तरह से आधारहीन है। 
  • एसआईटी के लिए सहायक उप निरीक्षकों, उप निरीक्षकों और निरीक्षकों की नियुक्ति पूरी तरह से गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के डोमेन के भीतर एक मामला है। इस संबंध में कोई संचार दिल्ली सरकार के साथ साझा नहीं किया गया है। 

यह अरविन्द केजरीवाल की ही सरकार थी जिसने अपने पहले ही कार्यकाल २०१४ में पहली बार एसआईटी की स्थापना की सिफारिश की थी|

गलत ख़बरों को राज्य सरकार ने सिरे से ख़ारिज किया है साथ ही कहा है की उन लोगो के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही की जाएगी जो झूटी कहानी प्रकाशित/प्रसारित कर रहे हैं और सही संस्करण में प्रतिउत्तर देने में असफल हैं|

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