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अरविन्द केजरीवाल और अखिलेश यादव के बीच हुई बैठक|

May 05, 2015 06:45 PM

दिल्ली के मख्यमंत्री अरविंद केजीरवाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच सोमवार को दिल्ली सचिवालय में जमीन विवाद सुलझाने को लेकर बैठक हुई।

बैठक में दिल्ली-नोएडा बॉर्डर के पास स्थित जमीन के बेहतर उपयोग पर चर्चा की गई। करीब एक घंटे चली बैठक में पहले मुख्यमंत्री, मंत्री, अधिकारियों के बीच संयुक्त बैठक हुई और फिर अधिकारियों को अलग करके चर्चा की गई। अखिलेश यादव का काफिला ठीक 4 बजे दिल्ली सचिवालय पहुंचा था।

दिल्ली सरकार ने फैसले को लेकर कुछ साफ नहीं कहा है। इतना कहा गया है कि सौहार्दपूर्ण वातावरण में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री व अधिकारियों की बैठक हुई। फैसले के बारे में सुप्रीम कोर्ट की अगली तारीख में अवगत करा दिया जाएगा।

दूसरी तरफ यूपी सरकार ने जारी बयान में कहा है कि भूमि के स्वरूप व उसके उपयोग को लेकर सक्षम अधिकारी से संयुक्त रूप से निरीक्षण एवं परीक्षण कराने बाद ही भविष्य में भूमि के उपयोग पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

सूत्र के अनुसार, बैठक में बताया गया कि दिल्ली सरकार ने जमीन का अधिग्रहण कर लिया है, जबकि ओखला बैराज की जमीन यूपी की है। अक्षरधाम मंदिर को भी यूपी ने जमीन दी है फिर ये जमीन दिल्ली की कैसे हो गई।

मामला 214 बीघा जमीन के मालिकाना हक का है। इसमें से 114 बीघा जमीन अधिग्रहीत हो चुकी है। अब बाकी जमीन भी दिल्ली लेना चाहती है। दिल्ली सरकार का तर्क है कि दिल्ली में यूपी की जमीन कहां से आ गई।

दिल्ली सरकार ने जारी बयान में कहा है कि दोनों राज्यों ने दक्षिण दिल्ली स्थित उस जमीन के मालिकाना हक के विवाद पर चर्चा की, जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।

इसमें दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मुख्य सचिव केके शर्मा के अलावा मुख्यमंत्री के सचिव राजेन्द्र कुमार व मंडलायुक्त अश्वनी कुमार भी शामिल हुए।

वहीं यूपी के सिंचाई एवं लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव, राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी, प्रमुख सिंचाई सचिव दीपक सिंघल शामिल थे।

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