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Manifesto

AAM AADMI PARTY (MANIFESTO ) संकल्प पत्र

August 31, 2014 02:28 AM

आम आदमी पार्टी, दिल्ली विधनसभा चुनाव – 2013, न खोखले दावे, न झूठे वादे. सच की राजनीति, स्वराज का संकल्प. चुनाव हर पांच साल बाद आते हैं। देश बदलने का मौका रोज़-रोज़ नहीं आता। दिल्ली में आने वाली 4 दिसंबर को होने वाला विधनसभा चुनाव ऐसा ही एक अनूठा मौका है। यह मौका सिर्पफ दिल्ली की सरकार बदलने का नहीं है – यह मौका है देश की राजनीति बदलने का। स्वराज के सपने को सच करने का मौका आज दिल्ली के दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है। अगर दिल्ली का ताला खुलेगा तो देशभर में बदलाव के खिड़की, दरवाजे खुलेंगे। चाबी आपके हाथ में है।

विषय-सूची
1. आम आदमी पार्टी क्यों? ……………………………………………………………………………..
स्वराज
2 भ्रष्टाचार से छुटकारा दिलाएंगे …………………………………………………………………….
3 स्थानीय पैफसले अपफसर नहीं, सीध्े जनता करेगी………………………………………………..
4 दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे ………………………………
बिजली, पानी और सप़फाई
5 बिजली कंपनियों की लूट बंद होगी, बिजली के बिल आध्े होंगे ……………………………
6 साप़फ पानी हर घर तक पहुंचेगा ………………………………………………………………….
7 सीवर काम करेंगे, सार्वजनिक शौचालय बनेंगे ………………………………………………….
8 कूड़ा उठेगा, दिल्ली साप़फ-सुथरी होगी …………………………………………………………
शिक्षा और स्वास्थ्य
9 सरकारी स्कूलों में अच्छी से अच्छी शिक्षा और सुविधएं मिलेगी………………………..
10 सरकारी अस्पताल बढ़ेंगे, सस्ता और बेहतर इलाज होगा…………………………………..
सुरक्षा
11 महिला, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सुरक्षा मिलेगी………………………………………..
12 न्याय-व्यवस्था सुध्रेगी, समय पर और सच्चा न्याय मिलेगी …………………………..
घर और बस्ती
13 गांव मंे ग्रामसभा का राज होगा, शहर जैसी सुविधएं मिलेंगी ……………………………
14 अनध्किृत कालोनियों को एक साल में अध्किृत किया जाएगा ………………………..
15 झुग्गी-बस्तियों में सुविधएं मिलेंगी, वहीं पुनर्वास होगा ………………………………..
आर्थिक मुद्दे
16 महंगाई की मार से राहत दिलाएंगे ……………………………………………………..
17 दिल्ली में रोज़गार बढ़ेगा ……………………………………..
18 व्यापारियों की समस्याओं को सुलझाया जाएगा …………………………………
19 औद्योगिक क्षेत्रा में सुविधएं बेहतर की जाएंगी, उद्योग बढ़ेगा ………………………………….
20 काॅन्टैªक्ट नौकरी और लेबर ठेकेदारी की जगह पक्की नियुक्तियां होंगी ……………..
21 असंगठित क्षेत्रा के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य अध्किार मिलेंगे ………….
22 रेहड़ी-पटरी वालों को लाइसेंस और पक्की जगह मिलेगी ……………………………..
परिवहन
23 सस्ता और सुलभ सार्वजनिक परिवहन …………………………………………………………..
24 बेहतर सड़कें, रिक्शा व साईकिल के लिए जगह होगी ………………………………………….
25 आॅटो रिक्शा चालकों और जनता- दोनों के साथ न्याय होगा ………………………………..
पर्यावरण
26 यमुना में गंदगी और अतिक्रमण रोकेंगे ………………………..
27 जलवायु का प्रदूषण घटाएंगे, रिज बचाएंगे …………………………
सामाजिक न्याय
28 दलित और अन्य पिछड़े समाज के संवैधनिक अध्किारों की रक्षा होगी …………………..
29 बाल्मिकी समाज को इज्जत की जिंदगी और नये रोज़गार मिलेंगे ……………..
30 मुस्लिम समाज को अमन, इंसापफ और बराबरी के अवसर दिलाएंगे …………………
31 सिख कत्लेआम के शिकारों को न्याय और पुनर्वास दिलाएंगे ………………………
32 पंजाबी और उर्दू को सचमुच दूसरी भाषा का दर्जा देंगे …………………………………
33 अक्षम ;डिसेबल्डद्ध लोगों की जरूरतों और अध्किारों की रक्षा करेंगे ……………………
34 अन्य सभी वंचित वर्गों के हितों का विशेष ध्यान रखेंगे ………….
अन्य
35 खेल और संस्कृति

अंत में…
36 संकल्प पत्रा का क्या होगा?
37 एक वादा अपने आप से…
1. आम आदमी पार्टी क्यों?

चुनाव हर पांच साल बाद आते हैं। देश बदलने का मौका रोज़-रोज़ नहीं आता। दिल्ली में आने वाली 4 दिसंबर को होने वाला विधनसभा चुनाव ऐसा ही एक अनूठा मौका है। यह मौका सिर्पफ दिल्ली की सरकार बदलने का नहीं है – यह मौका है देश की राजनीति बदलने का। स्वराज के सपने को सच करने का मौका आज दिल्ली के दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है। अगर दिल्ली का ताला खुलेगा तो देशभर में बदलाव के खिड़की, दरवाजे खुलेंगे। चाबी आपके हाथ में है।
चुनाव आते हैं तो पार्टियां जाग जाती हैं। सत्ताधरी पार्टी झूठे दावे करती है। विपक्षी पार्टियां झूठे वादे करती है। चुनावी घोषणा पत्रा झूठ का पुलिंदा होता है। यह लिखने वाला भी जानता है और पढ़ने वाला भी समझता है। इस बार दिल्ली में एक नहीं दो सत्ताधरी पार्टियां हैं। कांग्रेस पन्द्रह साल से दिल्ली सरकार पर काबिज है तो भारतीय जनता पार्टी सात साल से म्युनिसिपल कार्पोरेशन पर राज कर रही है। दोनों पार्टियों की मिलीभगत और बंदर-बांट के चलते आज दिल्ली में पक्ष तो है, विपक्ष नहीं है। आम आदमी के दुख-दर्द की चिंता करने वाली पार्टी नहीं है। नतीजा आपके सामने है।
आम आदमी पार्टी एक और पार्टी नहीं है। रामलीला मैदान और जंतर मंतर के अभूतपूर्व आंदोलन से पैदा हुई यह पार्टी देश की राजनीति बदलने का एक औज़ार है। आज लोकतंत्रा में लोक दबा हुआ है और तंत्रा हावी है। आज सारी व्यवस्था अपफसरों, नेताओं और उनके दलालों के चंगुल में है। सरकारें पलटती हैं, पार्टियां बदलती हैं, नए चेहरे आ जाते हैं, लेकिन यह व्यवस्था जस की तस बनी रहती है। एक आम आदमी इस व्यवस्था का ज्यों का त्यों शिकार बना रहता है। आम आदमी पार्टी का मानना है कि व्यवस्था के रहते लोगों के जीवन में खुशहाली नहीं आ सकती। हम इस व्यवस्था को बदलना चाहते हैं, जनता और सरकार का रिश्ता बदलना चाहते हंै। हम खोखले दावे और झूठे वादे नहीं करना चाहते।
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ईमानदारी की राजनीति करने आई है। इस पार्टी के पास दिल्ली को देखने समझने का नया नज़रिया है, सही नीतियां हैं, साप़फ नीयत है और एक बेदाग नेतृत्व है। पैफसला आपका है।

आम आदमी का नज़रिया
दिल्ली बड़ा शहर है। यहां सरकारी कर्मचारी, डाॅक्टर, इंजीनियर वकील तथा सीए बसते हैं तो छोटे-बड़े व्यापारी, दुकानदार, शिक्षक और विद्यार्थी भी। साथ ही लाखों मजदूर, घरेलू कामगार और रिक्शा वाले, रेहड़ी-पटरी वाले भी दिल्ली के निवासी हैं। दिल्ली सबकी है- उनकी जो कई पुश्तों से यहां बसे हैं और उनकी भी जो रोज़गार की तलाश में देश के कोने-कोने से यहां आकर बस रहे हैं। इसीलिए दिल्ली के सपने और योजनाएं सभी लोगों के लिए बनने चाहिए – अमीर, गरीब और मध्यमवर्ग सभी के लिए।
आम आदमी पार्टी दिल्ली को आम आदमी के दुख-सुख के नजरिये से देखती है। हमारे सपनों की दिल्ली में हर दिल्लीवासी को रोजगार होगा, इज्जत से जीने लायक आमदनी होगी, रहने को घर होगा, उचित दाम पर बिजली होगी, जरूरत के लिए पर्याप्त पानी होगा, शिक्षा और स्वास्थ्य की न्यूनतम सुविधएं होंगी। किसी भी किस्म की हिंसा या दुर्घटना से सुरक्षा मिलेगी। कहते हैं दिल्ली दिलवालों की है। हम देश और दुनिया के लिए इस खुलेपन को बनाए रखकर एक सुरक्षित, खुशहाल और जिंदादिल शहर बनाना चाहते हैं।
स्वराज की नीति
दिल्ली में इस सपने को साकार करना सिर्पफ किसी सरकार, पार्टी या मुख्यमंत्राी का काम नहीं है। लोकतंत्रा का मतलब है स्वराज। ऐसा राज जहां लोग अपने सपने साकार कर सकें। बाकी सब पार्टियां जनता से कहती हैं कि सत्ता मुझे दो, उसके बदले में हम तुम्हारा भला करेंगे। आम आदमी पार्टी चुनाव इसलिए लड़ रही है ताकि सत्ता वापस जनता के हाथों में सौंपी जा सके। दिल्ली के चुनाव में आम आदमी पार्टी स्वराज के लिए जनादेश मांग रही है। इसके लिए दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना होगा ताकि दिल्ली की जनता द्वारा चुनी सरकार को पूरी ताकत हो। साथ ही साथ हम ऐसी व्यवस्था लागू करेंगे जिसमें निर्णय जनता खुद ले, नेता और अपफसर नहीं। स्वराज यानि सीध्े जनता का राज – सरकार पारदर्शी तरीके से काम करे, जनता सवाल कर सके, जनता जवाब मांग सके, सब पैफसले जनता के सामने हों, जनता की राय से हों और जनता उन्हें पलट सके।
स्वराज की नीति पर अमल करवाना और दिल्ली के राज-काज की पूरी व्यवस्था बदलना आम आदमी पार्टी का संकल्प है। इस संकल्प के साथ आम आदमी पार्टी की सरकार स्थानीय मुद्दों पर निर्णय लेने की ताकत मोहल्ला सभा को सौंप देगी। सरकारी बजट का एक हिस्सा सीध्े इन सभाओं को दिया जाएगा ताकि लोग खुद तय कर सकें कि उन्हें अपने इलाके में क्या काम करवाना है। जहां स्थानीय मुद्दों पर निर्णय मोहल्ला सभाएं लेंगी, वहीं अन्य बड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को निर्णय लेने होंगे। राज्य सरकार जो निर्णय लेगी उन्हें भी पारदर्शी बनाया जाएगा और जहां तक हो सकेगा, जनता की राय ली जाएगी।

साफ नीयत, सुथरी राजनीति
आज राजनीति गंदगी का दूसरा नाम बन चुकी है। पैसे से सत्ता और सत्ता से पैसा ही राजनीति का खेल बन गया है। राजनीति और झूठ का रिश्ता पक्का हो गया है। आम आदमी पार्टी राजनीति की सपफाई करने उतरी है। इसलिए आम आदमी पार्टी ने कई कदम उठाए हैंः
* एक परिवार का एक ही सदस्य हमारी पार्टी का पदाध्किारी या उम्मीदवार हो सकता है।
* अगर हमारे किसी भी उम्मीदवार के खिलापफ चरित्राहीनता, भ्रष्टाचार या अपराध्कि होने का सबूत मिलता है तो पार्टी उसकी उम्मीदवारी रद्द कर देगी।
* पार्टी ने अपने चंदे के एक-एक रुपये का हिसाब जनता के सामने रख दिया है। चुनाव साप़फ पैसे से लड़ा जाएगा। आम आदमी पार्टी का कोई भी उम्मीदवार चुनाव आयोग की सीमा से ज़्यादा पैसा खर्च नहीं करेगा। ईमानदारी से चुनाव लड़ेंगे और जीतने के बाद ईमानदारी से काम करेंगे।
* सत्ता में आते ही पार्टी दिल्ली जनलोकपाल बिल के माध्यम से दिल्ली में लोकायुक्त बनाएगी जो सरकारी कर्मचारी और अपफसरों के साथ-साथ विधयकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्राी की जांच कर सकेगा।
आम आदमी पार्टी सत्ता भोगने नहीं बल्कि राजनीति के तौर-तरीके बदलने आई है। आज एक छोटा सा विधयक जीतने के बाद वीआईपी बन जाता है – बड़े-बड़े बंगलों में रहता है, लालबत्ती की गाडि़यों में घूमता है, बाॅडीगार्ड लेकर चलता है। अगर किसी मंत्राी या मुख्यमंत्राी को किसी सड़क से गुजरना हो तो वह सड़क आम जनता के लिए बंद कर दी जाती है।
आम आदमी पार्टी नेताओं की वी.आई.पी. संस्कृति को खत्म करने के लिए प्रतिब( है। आम आदमी पार्टी के सभी 70 उम्मीदवारों ने शपथ पत्रा दिया है कि जीतने के बाद कोई भी विधयक, चाहे वो मंत्राी हो या मुख्यमंत्राी, निम्नलिखित सुविधएं नहीं लेगा -
*कोई भी विधयक लालबत्ती की गाड़ी नहीं लेगा।
* कोई भी विधयक बड़ा सरकारी बंगला नहीं लेगा। जरूरत पड़े तो वो एक छोटा सरकारी मकान लेगा।
* कोई भी विधयक अपने लिए अनावश्यक सिक्योरिटी नहीं लेगा।

हमारे पास देश की सभी समस्याओं का समाधन नहीं है। हम यह नहीं कहते कि हम सत्ता में आएंगे तो जादू की छड़ी घुमाएंगे और सब ठीक हो जाएगा। हम यह भी नहीं कहते कि सारी समझ हमारे ही पास है। लेकिन हमें विश्वास है कि यदि देश के सभी लोग मिलकर अपना दिमाग लगाएं तो अपनी सभी समस्याओं का समाधन निकाल सकते हैं। अगर दिल्ली के सभी लोग मिलकर प्रयास करें तो इस प्रदेश को खुशहाल बना सकते हैं। दिल्ली की सरकार दिल्ली के सभी लोग मिलकर चलाएं- यह हमारा प्रयास होगा। हमारे नज़रिये और नीतियों में कमियां हो सकती हैं। हमें अभी बहुत कुछ सीखना है। लेकिन हमारी नीयत में खोट नहीं हैं। हम आम आदमी हैं, आम आदमी रहेंगे। ईमानदारी के रास्ते पर चले हैं, ईमान का सौदा नहीं करेंगे।

अरविंद केजरीवाल खुद इस ईमानदारी की राजनीति की जीती जागती मिसाल हैं। भ्रष्टाचार के लिए बदनाम इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट की अपफसरी को छोड़कर देश के लिए संघर्ष की राह चुनने वाले अरविंद केजरीवाल का जीवन उस त्याग और साहस का प्रतीक है जो लाखों युवाओं को आम आदमी पार्टी की ओर खींच लाया है। सूचना के अध्किार आंदोलन को दिल्ली के आम आदमी तक पहुंचाने के लिए आपको सन् 2006 में एशिया के नोबेल पुरुस्कार माने जाने वाले रेमन मैग्सेसे पुरुस्कार से नवाज़ा गया। चाहे दिल्ली में पानी निजीकरण के खिलापफ संघर्ष हो, चाहे जनलोकपाल कि मांग पर देश में अभूतपूर्व आंदोलन हो या पिफर राॅबर्ट वाड्रा, नितिन गडकरी और अंबानी समूह का भंडापफोड़ हो- अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी, हिम्मत और समझदारी का आज पूरा देश कायल है। वहीं अरविंद केजरीवाल आज राजनीति की सप़फाई का बीड़ा उठाकर दिल्ली के रणक्षेत्रा में उतरे हैं। आज दिल्ली की जनता उन्हें अपने भावी मुख्यमंत्राी के रूप मंे देखती है।
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी एक घोषणा पत्रा नहीं, यह संकल्प पत्रा लेकर आयी है। हम संकल्प लेते हैं कि जनादेश के अनुसार काम करके दिखाएंगे। जनादेश, यानि आपका आदेश।

2. भ्रष्टाचार से छुटकारा दिलाएंगे
आम आदमी को भ्रष्टाचार से छुटकारा दिलाना आम आदमी पार्टी की प्राथमिकता है। दिल्ली से भ्रष्टाचार दूर करने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार जनादेश हासिल करते ही अनेक कदम उठाएगी। इनमें से पहले चार कदम निम्नलिखित होंगेः
2.1 दिल्ली जनलोकपाल बिलः
आज दिल्ली मे कहने को तो लोकायुक्त है लेकिन वह किसी काम का नहीं है। उसके पास न तो स्वतंत्रा जांच करवाने की ताकत है न ही दोषी पर मुकदमा चलाकर उसे सज़ा दिलवाने की ताकत। आम आदमी पार्टी की सरकार 29 दिसंबर को रामलीला मैदान में दिल्ली विधनसभा का विशेष सत्रा बुलाएगी और दिल्ली जनलोकपाल बिल पारित करेगी। इस कानून के तहतः
पण् मुख्यमंत्राी, मंत्राी, विधयक और उफपर से नीचे तक सभी सरकारी और सार्वजनिक कर्मचारी जांच के इसके दायरे में आएंगे। इन सबको हर साल अपनी आय एवं संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करनी पड़ेगी। अगर यह सूचना झूठी या अध्ूरी पाई जाती है तो अघोषित संपत्ति ज़ब्त की जा सकेगी।
पपण् भ्रष्टाचार के दोषियों को जेल होगी, उनकी संपत्ति ज़ब्त होगी और उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा।
पपपण् समयब( जांच होगी और सज़ा मिलेगी। मंत्रियों, विधयकों और सचिवों के खिलाप़फ आरोप होने पर छः महीने से एक वर्ष के भीतर जांच और मुकदमा पूरा होकर दोषियों को सज़ा मिलने की व्यवस्था बनेगी। अन्य मामलों में दो वर्षों में सज़ा दिलाए जाने की व्यवस्था होगी।
पअण् लोकपाल को अपनी पहल पर जांच करने का और भ्रष्टाचारियों पर मुकदमा चलाने का अध्किार होगा। लोकपाल को अपने काम में प्रशासनिक, वित्तीय एवं कामकाज की स्वायत्ता होगी।
अण् सरकारी विभागों में हर काम की समय सीमा तय की जाएगी। इसे लागू करवाने के लिए हर दफ्ऱतर में शिकायत और अपील करने की व्यवस्था होगी। समय सीमा के भीतर काम करने के लिए कर्मचारियों को सभी सुविधएं मुहैया कराई जाएगी। अगर उतने दिन में काम नहीं होता तो संबंध्ति अध्किारी पर जुर्माना लगाया जाएगा।
अपण् भ्रष्टाचार का भंडापफोड़ करने वाले व्यक्ति की सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया जाएगा और उन्हें ईनाम दिया जाएगा।
अपपण् ईमानदार अध्किारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। अशोक खेमका, दुर्गा शक्ति और अपना बलिदान दे चुके सत्येंद्र दुबे, मंजूनाथ और नरेंद्र कुमार जैसे ईमानदार अध्किारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। ऐसे अध्किारियों की जान-मान की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जाएंगे। ऐसे अध्किारियों को प्रशासनिक प्रताड़नाओं से बचाया जाएगा।
2.2 स्वराज
सरकार बनने के तीन महीने के अंदर ‘स्वराज कानून’ पास किया जाएगा। इस कानून के माध्यम से अपने मोहल्ले के बारे में निर्णय लेने की ताकत सीध्े जनता को दी जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले कार्यों में भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। इसका आगे विस्तार से जिक्र है।
2.3 सरकारी कामकाज का सरलीकरण
आज कई ऐसे सरकारी कानून और नीतियां हैं जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं और जिनका कोई औचित्य नहीं है। इन सभी नीतियों को बदला जाएगा और बड़े पैमाने पर सरकारी कामकाज का सरलीकरण किया जाएगा।
2.4 टेक्नोलाॅजी का उपयोग
सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए और भ्रष्टाचार के अवसर कम करने के लिए सूचना तकनीक और अन्य टेक्नोलाॅजी का उपयोग किया जाएगा।

3. स्थानीय पैफसले अपफसर नहीं, सीध्े जनता करेगी
दिल्ली के इस चुनाव में आम आदमी पार्टी सिर्पफ सरकार बनाने के लिए नहीं बल्कि दिल्ली सरकार का ढांचा बदलने के लिए जनादेश मांगने आयी है। चंद नेता और अपफसर – चाहे वे कितने भी अच्छे क्यों न हों – केवल वो मिलकर दिल्ली को खुशहाल नहीं कर सकते। आज के ढांचे के भीतर एक अच्छी सरकार चलाना संभव नहीं है। हम यह ढंाचा बदलना चाहते हैं, हम दिल्ली में स्वराज स्थापित करना चाहते हैं। स्वराज का मतलब जनता का सीध राज। जो जिन समस्याओं के शिकार हैं, वो खुद उस विषय पर पैफसला लें, नेता और अपफसर जनता के हुक्म को लागू करें। इस सि(ांत पर चलते हुए हम दिल्ली के पौने दो करोड़ लोग मिलकर अगले पांच साल में दिल्ली की दशा और दिशा बदल डालेंगे।
अपने-अपने इलाके के बारे में निर्णय लेने की ताकत सीध्े जनता को दी जाएगी। दिल्ली में 272 म्युनिसिपल वार्ड हैं। हर वार्ड को छोटे-छोटे मोहल्लों में बांटा जाएगा। एक वार्ड में दस से पन्द्रह मोहल्ले हो सकते हैं। एक मोहल्ले में 500 से 1000 परिवार होंगे। ऐसे एक मोहल्ले में रहने वाले वोटरों की आम सभा को ‘मोहल्ला सभा’ कहा जाएगा। यह सब करने के लिए सरकार बनने के तीन महीने के अंदर ‘स्वराज कानून’ पास किया जाएगा। इस कानून में इन मोहल्ला सभाओं के गठन का प्रावधन होगा। कानून के मुताबिक हर मोहल्ले की महीने मे एक मोहल्ला सभा अनिवार्य होगी। जरूरत पड़ने पर एक से अध्कि मोहल्ला सभा भी हो सकती है। मोहल्ला सभा का नोटिस सबके घरों में जाएगा। जो-जो लोग मोहल्ला सभा में हिस्सा लेना चाहें, वो हिस्सा ले सकेंगे। मोहल्ला सभा में बैठकर लोग अपने मोहल्ले के बारे में निर्णय लेंगे जबकि राज्य स्तर के निर्णय राज्य सरकार को ही लेने पडे़ंगे। मोहल्ला सभा का एक सचिवालय होगा, जिसमें कुछ कर्मचारी काम करेंगे। इस सचिवालय का काम मोहल्ला सभा में लिए गए निर्णयों को लागू कराना होगा। मोहल्ला सभा को निम्नलिखित निर्णय लेने का अध्किार होगा:-
3.1 हर मोहल्ला सभा को हर वर्ष सरकार की तरपफ से अपने मोहल्ले के विकास के लिए एक मुश्त राशि दी जाएगी। उस मोहल्ले में सरकारी पैसा कहां-कहां, किन-किन चीज़ों पर खर्च किया जाए, यह मोहल्ला सभा तय करेगी। जैसे कौन-सी सड़क बनवानी है, कौन-सा पार्क ठीक कराना है, सीनियर सिटीजन सेंटर बनवाना है, स्कूल ठीक करना है, डिस्पेंसरी बनानी है, इत्यादि-इत्यादि।
3.2 उस मोहल्ले में हुए किसी भी सरकारी काम की पेमेंट तब तक नहीं की जाएगी जब तक वहां के लोग काम से संतुष्ट न हों।
3.3 उस मोहल्ले की साप़फ-सप़फाई, पार्कों के रख-रखाव और स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव के बारे में निर्णय लेने का अध्किार सीध्े मोहल्ला सभा को होगा। इसके लिए मोहल्ला सभा कोई भी निर्णय ले सकेगी।
3.4 अगर उस मोहल्ले का राशन वाला राशन की चोरी करता है तो मोहल्ला सभा प्रस्ताव पारित करके उसकी दुकान कैंसल कर सकेगी और नया राशन वाला निर्धरित कर सकेगी।
3.5 अपने पफंड से इलाके के विकास के लिए मोहल्ला सभा किसी भी तरह की योजना बनाने के लिए स्वतंत्रा होगी।
3.6 उस मोहल्ले में रहने वाले सभी लोगों को हर तरह का प्रमाण पत्रा मोहल्ला सभा सचिवालय द्वारा दिया जाएगा जैसे- जन्म प्रमाणपत्रा, मृत्यु प्रमाणपत्रा, आय प्रमाणपत्रा, जाति प्रमाणपत्रा, वोटर कार्ड इत्यादि। अब इसके लिए लोगों को एस.डी.एम. दफ्ऱतर में रिश्वत देने की जरूरत नहीं होगी।
3.7 शराब का ठेका / दुकान बंद करने अथवा खोलने का पैफसला मोहल्ला सभा और वहां के स्थानीय लोग लेंगे। ठेका खोलते समय मोहल्ले की महिलाओं और आस-पास की मोहल्ला सभा से अनापत्ति जरूर लेनी होगी।
3.8 स्थानीय सरकारी स्कूल और अस्पताल पर भी मोहल्ला सभाओं के माध्यम से स्थानीय लोग निगरानी रखेंगे।
3.9 उस मोहल्ले में विध्वा-पेंशन, वृ(ावस्था पेंशन या अन्य सरकारी योजनाओं का पफायदा किसको मिले – यह सूची पूरी मोहल्ला सभा में बैठकर आम सहमति से बनाई जाएगी।
कुछ वर्षों में जब मोहल्ला सभाएं सुचारू रूप से काम करना शुरू कर देंगी, तो हमारा सपना है कि कुछ विषयों पर मोहल्ला सभाओं को कानून बनाने की प्रक्रिया में भी शामिल किया जाएगा। ऐसे कुछ विषयों की लिस्ट बनाई जाएगी। उन विषयों पर विधनसभा में यदि कानून प्रस्तुत किए जाते हैं तो उस कानून की प्रति सभी मोहल्ला सभाओं को भेज कर उनकी राय ली जाएगी। उसी तरह कुछ मोहल्ला सभाएं मिलकर दिल्ली सरकार को किसी विषय पर कानून बनाने पर भी सुझाव दे सकती हैं।
4. दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे
दिल्ली की पौने दो करोड़ जनता को सामान्य लोकतांत्रिक सरकार से वंचित रखना लोगों के साथ धेखा है। आम आदमी पार्टी यह जनादेश मांग रही है कि दिल्ली के नागरिकों की समस्यों को सुलझाने का पूरा अध्किार दिल्ली की चुनी हुई सरकार के पास हो और दिल्ली को भारतीय संघ के अन्य राज्यों के समान दर्जा मिले।
आज दिल्ली में कोई नहीं जानता कि आम आदमी की समस्या का पक्का समाधन कौन कर सकता है। दिल्ली सरकार, एम.सी.डी. और केंद्र सरकार दिन रात खो-खो खेलते रहते हैं। आम आदमी इध्र से उध्र भागता रहता है और हारकर किसी हालत में जीना सीख लेता है। सबसे पहले दिल्ली में दोहरे-तिहरे शासन की व्यवस्था को खत्म करना होगा। दिल्ली में जनादेश मिलने के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार अपने अध्किार क्षेत्रा में सरकारी विभागों और दफ्ऱतरों के जंजाल को सुलझायेगी। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का संघर्ष करेगी, ताकि
4.1 डी.डी.ए. पूरी तरह से दिल्ली सरकार के नियंत्राण में हो कि दिल्ली की ज़मीन का उपयोग, नयी बस्तियों का निर्माण, कालोनियों को अध्किृत दर्जा देने जैसा काम जनता के चुने हुए प्रतिनिध् िकरें, ना कि केंद्र सरकार के अप़फसर।
4.2 पुलिस और कानून व्यवस्था का नियंत्राण भी दिल्ली सरकार के हाथ में होना चाहिए। अन्य किसी राज्य की तरह पुलिस के अप़फसरों की नियुक्ति और तबादला और पुलिस को आदेश देने का अध्किार दिल्ली सरकार के पास होना चाहिए। राष्ट्रीय हित में दिल्ली कैंट और एन.डी.एम.सी. जैसी इलाकों में कानून व्यवस्था की कुछ जिम्मेदारी केंद्र सरकार के लिए छोड़ी जा सकती है।
4.3 एम.सी.डी. पूरी तरह से केंद्र सरकार के नियंत्राण से मुक्त हो।

5. बिजली कंपनियों की लूट बंद होगी, बिजली के बिल आध्े होंगे
बिजली के बढ़े हुए बिलों से दिल्लीवासियों में हाहाकार मचा हुआ है। जब दिल्ली में बिजली का निजीकरण किया गया था तो कहा गया था कि प्राइवेट कंपनियां बिजली की चोरी को कम करेंगी और जब बिजली चोरी कम हो जाएगी तो बिजली के दाम कम कर दिए जाएंगे। तब से अब तक दिल्ली में बिजली की चोरी 45 प्रतिशत कम हो गई है। पर बिजली के दाम तीन गुणा बढ़ गए। सवाल है कि दाम बढ़ने और चोरी घटने से हज़ारों करोड़ का जो मुनापफा हुआ वो कहां गया?
दिल्ली में निजी बिजली कंपनियों के खातों में भारी गड़बडि़यां पाई गई हैं। इन गड़बडि़यों की कीमत आम आदमी को देनी पड़ती है। इसके कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं -
* 2012 में बिजली कंपनियों ने 630 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया था, लेकिन जब क्म्त्ब् ने इनके खातों की चैकिंग की तो पता चला कि इन्हें घाटा नहीं बल्कि 3577 करोड़ रुपये का मुनाप़फा हुआ था।
*2008 में बिजली कंपनियों ने दिल्ली एयरपोर्ट और दिल्ली जलबोर्ड में ज़ीरो बिजली की खपत दिखाई थी। इससे जाहिर है कि बिजली कंपनियां गलत तरीकों से अपनी आमदनी कम दिखाने की कोशिश करती है। पकड़े जाने पर बिजली कंपनियों ने अपनी गलती मानी थी।
* पिछले साल इनके अकाउंट की चैकिंग करने पर पता चला कि दिल्ली के कई उपभोक्ताओं का ज़ीरों बिजली का बिल दिखाया हुआ था जबकि उन उपभोक्ताओं ने अपने बिलों की पेमेंट की थी। पकड़े जाने के बावजूद क्म्त्ब् ने इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की थी।
* 2010 में एक बिजली कंपनी ने अपनी ग्रुप कंपनी से 800 करोड़ रुपये का सामान 1200 करोड़ रुपये में खरीदा था। इससे जाहिर है कि ये कंपनियां गलत तरीके से अपने खर्चें बढ़ाकर दिखा रही हैं और पफजऱ्ी घाटा दिखाकर बिजली के दाम बढ़ाने को कहती हैं।
* पिछले तीन वर्षों में बिजली कंपनियां महंगी बिजली खरीद कर अपनी ग्रुप कंपनियों को सस्ते में बेच देती हैं। इस तरह से इन्होंने हज़ारों करोड़ रुपये का पफजऱ्ी घाटा दिखाया है।
*इन कंपनियों द्वारा लगाए गए नए बिजली के मीटर तेज़ चल रहे हैं- ऐसी सबकी आशंका है और इसके कुछ सबूत भी सामने आये हैं।
* दिल्ली में बहुत लोगों के बिजली बिल गलत आ रहे हैं। बिना रीडिंग के अनाप-शनाप बिल बनाकर भेज दिए जाते हैं और जब लोग बिल ठीक करवाने जाते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि पहले पूरा बिल जमा करो, पिफर बिल ठीक होगा। अब अगर लाखों रुपये का पफजऱ्ी बिल आ गया तो उपभोक्ता बेचारा कैसे उसे भरेगा?
पूरी दिल्ली की जनता की मांग है कि इन बिजली कंपनियों का आॅडिट कराया जाए और जब तक आॅडिट नहीं हो जाता तब तक दिल्ली में बिजली के दाम नहीं बढ़ने चाहिए।
आम आदमी पार्टी जनता की इस मांग से सहमत है। सरकार बनने के चार महीने के अंदर दिल्ली वालों के बिल आध्े किए जाएंगे। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:-
5.1 सरकार बनने के बाद जल्द से जल्द बिजली कंपनियों के आॅडिट के आदेश दिए जाएंगे। जो कंपनियां आॅडिट करवाने से मना करेगी, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे और दिल्ली में दूसरी बिजली वितरण कंपनी को लाया जाएगा। यह आॅडिट तीन महीने में पूरा करा लिया जाएगा।
5.2 बिजली के बिल ठीक किए जाएंगे। लोगों को गलत बिल भरने के लिए नहीं कहा जाएगा। पूरी दिल्ली में बिल ठीक करने के लिए सरकार बनने के एक महीने के अंदर स्पेशल अभियान चलाया जाएगा। गलत बिल भेजने पर कंपनी के खिलापफ दंड का प्रावधन किया जाएगा।
5.3 बिजली के मीटरों की किसी निष्पक्ष एजेंसी द्वारा जांच कराई जाएगी। यदि अध्कितर मीटर तेज़ चलते हुए पाए जाते हैं तो इन कंपनियों से उस सारे पैसे की वसूली की जाएगी जो इन्होंने दिल्ली की जनता से तेज़ मीटर के चलते वसूल किए हैं।

उफपर लिखे तीनों कदम लागू होने के बाद दिल्ली वालों के बिजली के बिल आध्े या उससे भी कम हो जाएंगे। इसके अलावा बिजली की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार निम्नलिखित कदम उठाएगीः
5.4 आज ये कंपनियां जब चाहे किसी के घर जाकर रेड मारने के नाम से पैसा वसूली करती है। ये ‘रेड राज’ बंद किया जाएगा।
5.5 आम आदमी पार्टी ने इस वर्ष 23 मार्च से सविनय अवज्ञा आंदोलन का आह्वान किया था और लोगों से अपने बिजली बिल न देने को कहा था। ऐसे कई लोगों पर भी बिजली कंपनियों ने केस कर दिए हैं। रेड राज के चलते भी कई लोगों पर पफजऱ्ी मुकदमें चल रहे हैं। इसीलिए दिल्ली में घरेलू कनेक्शनों के खिलापफ बिजली कंपनियों ने जितने केस आज तक बनाए हुए हैं वो सारे केस वापस लिए जाएंगे।
5.6 दिल्ली जैसे शहर में सौर उफर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने की बहुत गुंजाइश है लेकिन अभी दिल्ली की एक प्रतिशत बिजली भी सौर उफर्जा से नहीं आती। पिछले कुछ सालों में सौर बिजली की तकनीक में क्रांतिकारी बदलाव हुआ है, जिससे उसका खर्चा बहुत गिर गया है। इसलिए हमारी सरकार अब विकल्प के रूप में सौर उफर्जा को जमकर बढ़ावा देगी ताकि अगले दस साल में सौर उफर्जा दिल्ली की 20 प्रतिशत जरूरत को पूरा कर सके। हमारी सरकार सौर उफर्जा को बढ़ावा देने के लिए जरूरी नियम-कानून बनाएगी। हर घर में और मोहल्ले में सौर उफर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार सहयोग देगी। लोग न केवल सौर उफर्जा को अपने घरों में इस्तेमाल कर सकेंगे बल्कि अध्कि सौर उफर्जा उत्पादन होने पर उसे ग्रिड में बिजली कंपनी को बेच भी सकेंगे।
5.7 दिल्ली में बिजली कंपनियों के बीच में कम्पीटीशन किया जाएगा। लोगों को यह सुविध दी जाएगी कि वो जिस कंपनी से चाहें बिजली खरीद सकते हैं। इससे बिजली कंपनियों को अपने दाम कम करने पड़ेंगे और अपनी सेवाएं बेहतर करनी पड़ेंगी। यह करने के लिए बिजली कंपनियों के साथ हुए एग्रीमेंट को बदला जाएगा।
5.8 बिजली कंपनियों के बहीखातों की पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी। बिजली कंपनियों द्वारा बिजली की खरीद और पुनः बिक्री को पारदर्शी बनाया जाएगा। उन्हें आरटीआई के दायरे में लाने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।

6. साप़फ पानी हर घर तक पहुंचेगा
आज भी दिल्ली के 30 प्रतिशत लोगों के घरों में नल से पानी नहीं पहुंचता। जहां पानी मिलता है, वहां अक्सर न्यूनतम आवश्यकता के लिए कापफी नहीं होता। और जो मिलता भी है वह पीने लायक सापफ पानी नहीं होता। यह संकट सिर्पफ प्राकृतिक नहीं है- इसमें सरकार और जल बोर्ड के कुप्रबंध्न और भ्रष्टाचार का बड़ा हाथ है। आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 220 लीटर पानी प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन उपलब्ध् है। अंतर्राष्ट्रीय मानको के मुताबिक इतना पानी कापफी है। लेकिन यह हमारे घरों तक नहीं पहुंचता क्योंकि पानी के प्रबंध्न में गड़बड़ है। हर घर में साप़फ और पर्याप्त पानी पहंुचाने के लिए हमारी सरकार यु(स्तर पर निम्नलिखित काम करेगीः
6.1 आम आदमी पार्टी की सबसे पहली प्राथमिकता होगी कि दिल्ली के हर घर के नल में साप़फ पानी आए। इसके लिए पाइप बिछानेे के काम को एकदम शुरू किया जाएगा।
6.2 दिल्ली में कांग्रेस-भाजपा के नेताओं की छत्राछाया में एक बहुत बड़ा टैंकर मापिफया काम कर रहा है। इन टैंकर मापि़फयाओं को इनके माई-बाप नेताओं के साथ जेल भेजा जाएगा। जिन इलाकों में पानी की कमी होगी, वहां पर समुचित मात्रा में दिल्ली जल बोर्ड के टैंकरों सेपानी उपलब्ध् कराया जाएगा और लोगों को प्राइवेट टैंकरों के चंगुल से बचाया जाएगा।
6.3 दिल्ली जल बोर्ड आज भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। इसका पुनर्गठन किया जाएगा।
6.4 दिल्ली में पानी के प्रबंध्न को पारदर्शी बनाया जाएगाः
पण् दिल्ली का अपना पानी का उत्पादन बहुत कम है। दिल्ली में बाहर से पानी आता है। वहां पर बल्क वाटर मीटर लगाएं जाएंगे, ताकि पता चल सके कि किस दिन दिल्ली में कितना पानी आया। इस डेटा को रोज वेबसाइट पर डाला जाएगा।
पपण् दिल्ली में आने वाला कच्चा पानी पिफर ‘वाटर ट्रीटमेंट’ प्लांट में सपफाई होने जाता है। आज इसका कोई डेटा नहीं है कि किस प्लांट में कितना कच्चा पानी गया और वहां से कितना पानी साप़फ होकर आया। वहां पर भी बल्क वाटर मीटर लगाएं जाएंगे और इस डेटा को भी वेबसाइट पर डाला जाएगा।
पपपण् दिल्ली में 21 वाटर ज़ोन हैं। इनमें भी बल्क वाटर मीटर लगवाएं जाएंगे ताकि पता चल सके कि किस ज़ोन में, किस दिन, कितना पानी भेजा गया। यह डेटा भी वेबसाइट पर डाला जाएगा। जनता को पता चलेगा कि उनके इलाके में किस दिन कितना पानी भेजा गया और जनता प्रश्न कर सकेगी।
6.5 सोनिया विहार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का पानी दिल्ली के कई इलाकों में दिया जाना था। लेकिन टैंकर मापि़फयाओं के दबाव में ऐसा नहीं किया गया ताकि इन इलाकों में टैंकरों का ध्ंध चलता रहे। संगम विहार, देवली, अंबेडकर नगर, महरौली, वसंत विहार, वसंत कुंज जैसे इलाकों में तुरंत सोनिया विहार का पानी सप्लाई किया जाएगा।
6.6 दिल्ली सरकार ने मुनक नहर को पक्का करने के लिए 1500 करोड़ रूपये खर्च किए। यहां से 70 डळक् पानी आना था। इस पानी की ओखला प्लांट, बवाना प्लांट और द्वारका प्लांट में सप़फाई होनी थी। तीनों प्लांट बनकर तैयार हो चुके हैं। मुनक नहर पक्की हो चुकी है। लेकिन केन्द्र और हरियाणा में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद दिल्ली सरकार इस पानी को इस्तेमाल करने में नकारा साबित हुई है। मुनक नहर को तुरंत चालू करवा कर द्वारका, बवाना, ओखला और पश्चिम दिल्ली के पानी की कमी वाले इलाके में पानी मुहैया कराया जाएगा।
6.7 आज दिल्ली जल बोर्ड नियमित और वैध् कालोनियों के घरों में ही पानी सप्लाई करता है। अनियमित और अवैध् कालोनियों में हर घर में पानी सप्लाई नहीं किया जाता। जब अवैध् और अनियमित कालोनी वालों को जल बोर्ड पानी सप्लाई नहीं करता तो वहां रहने वाले लोग टैंकर मापि़फयाओं पर निर्भर हो जाते हैंैं। दिल्ली जल बोर्ड की अब जिम्मेदारी होगी कि वो दिल्ली में रहने वाले हर घर तक पानी पहुंचाए।
6.8 दिल्ली में गंदे पानी या सीवर से दूषित पानी की सप्लाई की शिकायतें लगभग हर इलाके से आती हैं। दिल्ली के हर डिस्ट्रिक्ट में पानी की चैकिंग के लिए एक लेबोट्री खोली जाएगी।
6.9 दिल्ली में पानी के वितरण में स्थानीय स्तर पर मोहल्ला सभाओं को जोड़ा जाएगा।
6.10 आम आदमी पार्टी दिल्ली जल बोर्ड के निजीकरण के खिलाप़फ है। आम आदमी पार्टी का मानना है कि लोगों के घरों तक पानी पहुंचाना सरकार का काम है और इससे सरकार मुंह नहीं मोड़ सकती।
6.11 नवंबर तक के घरेलू कैटेगरी के सभी लोगों के नाजायज़ बकाया बिलों को माप़फ किया जाएगा। यह काम सरकार बनने के 100 दिन के अंदर पूरा लिया जाएगा।
6.12 सरकार की जि़म्मेदारी होगी कि वह 700 लीटर प्रतिदिन तक पानी इस्तेमाल करने वाले ‘जलमित्रा’ परिवारों को पानी मुफ्ऱत उपलब्ध् कराएगी। जो परिवार इससे ज़्यादा पानी इस्तेमाल करेगा, उससे पूरे पानी का बिल लिया जाएगा। एक हज़ार लीटर प्रतिदिन से ज़्यादा पानी इस्तेमाल करने वालों पर महंगी दरें लागू की जाएंगी। इससे पानी की अध्कि खपत पर रोक लगेगी। नए रेट लागू करने का काम सरकार बनने के 100 दिनों के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।
6.13 दिल्ली सरकार ने हाल ही में एक कानून पारित किया है, जिसके तहत हर वर्ष दिल्ली में पानी के दाम आॅटोमैटिक बढ़ जाएंगे। इस कानून को पहले 100 दिन में रद्द किया जाएगा।

दीर्घकाल में दिल्ली में अपने पानी के स्रोत के अभाव और बढ़ती आबादी के चलते पानी की बचत, दुबारा इस्तेमाल ;रीसाईकिलद्ध और वर्षा जल संचयन ;रेन वाटर हार्वेस्टिंगद्ध को गंभीरता से बढ़ावा दिया जाएगा।
6.14 रसोई एवं स्नानघर के पानी को दुबारा इस्तेमाल करने को प्रोत्साहन और रियायत दी जाएगी।
6.15 दिल्ली में खूब बारिश होती है, लेकिन सारा बारिश का पानी बेकार चला जाता है। जैसे ही दिल्ली में बारिश होती है, दिल्ली में बाढ़ आ जाती है चूंकि दिल्ली का डेªनेज जाम पड़ा है। इसे ठीक करके बारिश के पानी को ‘वाटर हार्वेस्टिंग’ द्वारा बचाया जाएगा। इसके लिए मोहल्ला सभा को ग्रांट दी जाएगी।
6.16 शहर के पुराने तालाब, जौहड़ एवं बावडि़यों को पुनर्जीवित किया जाएगा। ऐसे स्रोतों के रख-रखाव की जिम्मेदारी स्थानीय मोहल्ला सभाओं को दी जाएगी।

7. सीवर काम करेंगे, सार्वजनिक शौचालय बनेंगे
शौचालयों और सीवेज लाइनों की कमी दिल्ली के आम आदमी की एक बहुत बड़ी समस्या है। दिल्ली में लगभग 17 लाख लोगों के घर में शौच की व्यवस्था नहीं है- यह महिलाओं की असुरक्षा और बीमारी का एक मुख्य कारण है। जहां सार्वजनिक शौचालय हैं भी, उनकी हालत बहुत खराब हैः टूटे-पूफटे हैं, पानी नहीं आता, सापफ-सपफाई नहीं होती। इन शौचालयों के बाहर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ एक आम समस्या है। दिल्ली में बहुत सारे ऐसे इलाके हैं, जहां लोगों के घरों में शौचालय तो है परंतु वहां घरों से गंदा पानी ले जाने के लिए सीवेज लाइनें नहीं है। दिल्ली के 25ः हिस्से में ;जहां लगभग 42 लाख लोग रहते हैंद्ध सरकार ने सीवेज की लाइनें नहीं डाली हैं और घरों का गंदा पानी खुली नालियों में बहता है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में सापफ हुए बिना यह गंदा पानी शहर के नालों व यमुना नदी को प्रदूषित करता है। सड़क पर बहती गंदगी, बीमारी का बड़ा कारण बनती है। आम आदमी पार्टी की सरकार इन समस्याओं को सुलझाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएगी:
7.1 आम आदमी पार्टी दो लाख सार्वजनिक शौचालय निर्मित करेगी- जिसमें से एक लाख महिलाओं के लिए होंगे। यह शौचालय झुग्गी-बस्तियों एवं सार्वजनिक स्थानों पर बनाए जाएंगे। कम पानी इस्तेमाल करने वाले ईको-टाॅयलेट को बढ़ावा दिया जाएगा। इन शौचालयों की देख-रेख और सुरक्षा व्यवस्था का काम सीध मोहल्ला सभाओं को सौंपा जाएगा।
7.2 दिल्ली में सीवेज की व्यवस्था का डिज़ाइन ठीक नहीं है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट रिहायश से बहुत दूर-दूर स्थित हैं। इतनी लंबी दूरी तक सीवेज की पाइपंे बिछाना और रोज़-रोज़ गंदे पानी को पम्प करना बहुत महंगा पड़ता है। इसलिए दिल्ली सरकार ने शहर के एक चैथाई हिस्से में सीवेज के प्रबंध्न की जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर लिए हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार सीवेज की व्यवस्था को नये सिरे से डिज़ाइन करेगी, सीवेज की सपफाई और प्रबंध्न को विकेन्द्रिकृत करेगी ताकि उसका खर्च कम हो और इस आधर पर जिन घरों और इलाकों में सीवर नहीं हैं, वहां सीवर डाले जाएंगे, चाहे वो अनियमित, अनध्किृत या किसी भी तरह की कालोनी हो।
7.3 दिल्ली शहर में कितना सीवेज होता है, इसका कोई भी आंकड़ा दिल्ली जल बोर्ड के पास नहीं है। जब डी.जे.बी को पता ही नहीं है कि कितना सीवेज है तो पूरे सीवेज की सपफाई का सवाल ही पैदा नहीं होता। शहर में स्थित सीवेज ट्रीटमंेट प्लांटों की कमी है और बहुत सीवेज बिना साप़फ हुए यमुना नदी में बह जाता है। इस कुप्रबंध्न को सुलझाने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार निम्नलिखित कदम उठाएगीः
पण् हर इलाके में सीवेज के बल्क मीटर लगाए जाएंगे कि सरकार के पास सीवेज की मात्रा का सही आंकलन हो। दिल्ली जल बोर्ड के इन आंकड़ों को वेबसाइट के माध्यम से जनता के सामने रखा जाएगा।
पपण् सीवेज के सही आंकलन के अनुसार उपयुक्त संख्या में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। इन्हें विकेन्द्रित रूप में स्थापित किया जाएगा और इनकी निगरानी और कामकाज में मोहल्ला सभा की भूमिका रहेगी।
पपपण् पानी के पुनः उपयोग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे पानी भी बचेगा और सीवेज की मात्रा भी कम होगी।
पअण् सीवेज ट्रीटमेंट के लिए पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल तरीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।

8. कूड़ा उठेगा, दिल्ली सापफ-सुथरी होगी
हमारा सपना है कि दिल्ली को दुनिया के सबसे साप़फ-सुथरे शहरों में से एक बनाया जाए। परंतु अभी दिल्ली गंदगी से भरी है, बदबू और प्रदूषण से बेहाल हैं और बीमारियों का घर है। शहर में जहां-तहां कूड़े के ढेर और शहर के बाहर कूड़े के पहाड़ लगे हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली को साप़फ और स्वस्थ बनाने के लिए निम्न कदम उठाएगी:
8.1 मोहल्ला सभाओं को अपने-अपने मोहल्लों की सपफाई की पूरी जिम्मेदारी, पफंड और ताकत दी जाएगी।
8.2 सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा, मलबा या गंद पेंफकने पर भारी जुर्माना लगेगा, जिसे मोहल्ला सभा लागू करेगी।
8.3 प्लास्टिक पर बैन प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
8.4 एम.सी.डी. के साथ मिलकर विभिन्न प्रकार के कूड़े को ;अर्थात् जैविक, प्लास्टिक इत्यादिद्ध को घर के स्तर पर अलग करना अनिवार्य किया जाएगा।

9. सरकारी स्कूलों में अच्छी से अच्छी शिक्षा और सुविधएं मिलेंगी
कहने को दिल्ली देश की शिक्षा की राजधनी कही जाती है। लेकिन हकीकत में शिक्षा उसी को मिलती है जिसकी जेब में पैसा है। अच्छी शिक्षा मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग और गरीब की पहंुच से बाहर है। सरकारी स्कूलों की हालत खराब है। दिल्ली में 1750 दिल्ली नगर निगम के स्कूल हैं और 924 दिल्ली सरकार के स्कूल हैंै। इन स्कूलों में 24 लाख से ज़्यादा बच्चे पढ़ते हैं। इन सभी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बहुत ही खराब है। एम.सी.डी. के स्कूलों में बीजेपी और दिल्ली सरकार के स्कूलों में कांग्रेस – दोनों पार्टियां दिल्ली के बच्चों को अच्छी शिक्षा व्यवस्था देने में नाकामयाब रहीं हैं। दूसरी तरपफ प्राइवेट स्कूलों में पफीस अनाप-शनाप बढ़ा दी जाती हैं। दाखिलों के वक्त भारी डोनेशन ली जाती है। ऐसा लगता है कि दिल्ली में शिक्षा मापि़फया काम कर रहा है। दिल्ली में कई ऐसे प्राइवेट स्कूल हैं जिनमें बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों के नेताओं की सीध्ी या बेनामी भागीदारी है।
आम आदमी पार्टी की सरकार शिक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देगी। इसके लिए चाहें कितना पैसा खर्च करना पड़े, हम अपने बच्चों को- चाहें वो गरीब हो या अमीर- बेहतर से बेहतर शिक्षा देना चाहते हैं। अगर हमारे बच्चे पढ़-लिख गए, तो ये बड़े होकर देश को बुलंदी पर पहुंचाएंगे और खुद अच्छे इंसान बनेंगे। आम आदमी पार्टी इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाएगी:-
9.1 सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर अच्छे प्राइवेट स्कूलों जैसा किया जाएगा चाहे इसके लिए जितना पैसा खर्च करना पड़े। दिल्ली में कम से कम 500 नये सरकारी स्कूल खोले जाएंगे। इस तरह हर एक या दो मोहल्ला सभाओं के स्तर पर एक प्राइमरी स्कूल होगा और हर दो या तीन मोहल्ला सभा के स्तर पर एक सेकेण्डरी स्कूल होगा।
9.2 सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों और अध्यापकों के लिए सभी सुविधएं दी जाएंगी। जैसे पर्याप्त कमरे, चारदिवारी, पीने का पानी, लड़को और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय और खेलकूद की सुविधएं इत्यादि।
9.3 छः साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आंगनवाडि़यांे की संख्या बढ़ाई जाएंगी।
9.4 दिल्ली के सभी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाएगा।
9.5 सरकारी स्कूलों और आंगनवाडि़यों की निगरानी का काम मोहल्ला सभा द्वारा गठित अभिभावकों की समिति को दिया जाएगा।
9.6 प्राइवेट स्कूलों और काॅलेजों में मुनापफाखोरी को रोका जाएगा। प्राइवेट स्कूलों और काॅलेजों की पफीस नियंत्रित करने के लिए और दाखिले के वक्त डोनेशन का सिस्टम बंद करने के लिए कानून लाया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों में गरीब ;म्ॅैद्ध बच्चों के दाखिले की व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाएगा और सख़्ती से लागू कराया जाएगा।
9.7 आज हमारी शिक्षा प्रणाली केवल रटने पर ज़ोर देती है। शिक्षा प्रणाली को ऐसा बनाया जाएगा कि बच्चे बड़े होकर समझदार बने, अच्छे इंसान बने, देश और समाज के प्रति अपने दायित्त्वों को समझें और अच्छी आजीविका कमाने लायक बनें।
9.8 दिल्ली में, खासकर दिल्लीवालों के बच्चों के लिए, कई नए काॅलेजों का निर्माण किया जाएगा। आज काॅलेजों में दाखिले के लिए इतना ज़्यादा कट-आॅपफ होता हैं कि बहुत काबिल विद्यार्थियों को भी दाखिला नहीं मिल पाता। यह इसलिए होता है क्योंकि दिल्ली में काॅलेजों की कमी है। इसीलिए कई नये काॅलेज खोले जाएंगे। दिल्ली प्रशासन के काॅलेजों का प्रबंध्न ठीक किया जाएगा।
9.9 दिल्ली सरकार के तहत आने वाले विश्वविद्यालयों में केन्द्रीय विश्वविद्यालयों जैसी सुविधएं दी जाएंगी। इन सभी विश्वविद्यालयों के कानूनों में एकरूपता और लोकतांत्रिक प्रतिनिध्त्वि की व्यवस्था होगी। इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में ऐपिफलिएशन में भ्रष्टाचार और ऐपिफलिएटेड काॅलेजों में छात्रों का शोषण बंद किया जाएगा। अम्बेडकर विश्वविद्यालय का विस्तार किया जाएगा।
9.10 जिस समाज में शिक्षकों का सम्मान नहीं होता वह समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता। आज दिल्ली में सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों में अध्यापकों को काॅन्टैªक्ट पर अस्थाई रूप से रखा जाता है और उनका तरह-तरह से शोषण किया जाता है। यह व्यस्था बंद की जाएगी और इन सभी पदों को नियमित किया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों और काॅलेजों में अध्यापकों की नियुक्ति और वेतन को नियमित किया जाएगा। शिक्षकों को उचित सम्मान दिया जाएगा।
9.11 दिल्ली यूनिवर्सिटी में जबरदस्ती थोपे गए 4-वर्षीय सिस्टम को खत्म कराने के लिए दिल्ली सरकार प्रयास करेगी।
9.12 किसी भी स्कूल में शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम बच्चों को दाखिलें के लिए मना नहीं किया जाएगा। इन्हें स्कूल में विशेष सुविधएं दी जाएंगी।
10. सरकारी अस्पताल बढ़ेंगे, सस्ता और बेहतर इलाज होगा
कहने को दिल्ली में देश के बड़े-बड़े अस्पताल हैं। लेकिन ये अस्पताल, डाॅक्टर और इलाज आम आदमी की पहंुच से बाहर हैं। सरकारी अस्पताल का बुरा हाल है और प्राइवेट अस्पताल में सब कुछ लुट जाता है। अगर घर में किसी की कोई गंभीर बीमारी हो जाए, तो घर की सारी जमापूंजी खत्म हो जाती है और लोन लेना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधएं बेहतर करने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार निम्नलिखित कदम उठाएगीः
10.1 आज दिल्ली में अस्पतालों की भारी कमी है। प्राइवेट और सरकारी दोनों अस्पतालों में मिलाकर दिल्ली में कुल 43000 बेड हैं। इसका मतलब है 2.5 बेड प्रति हज़ार व्यक्ति हैं। अंतर्राष्ट्रीय पैमानों के मुताबिक 5 बेड प्रति हज़ार व्यक्ति होने चाहिए। अर्थात् बेड दुगने होने चाहिए। इसके लिए नये सरकारी अस्पताल खोले जाएंगे।
10.2 दिल्ली में कई ऐसे अस्पताल हैं जिनका हर चुनाव के पहले नारियल पफोड़ा जाता है। पर वे कभी पूरे नहीं हुए। इन सभी अध्ूरे अस्पतालों को पूरा किया जाएगा। मोहल्ला स्तर पर, ;या कुछ मोहल्लों को मिलाकरद्ध एक प्राइमरी हेल्थ सेंटर खोलने की कोशिश की जाएगी। इसके रख-रखाव और काम-काज से जुड़े निर्णय वहां की मोहल्ला सभा करेगी। कोशिश की जाएगी कि हर वार्ड स्तर पर एक सैकेण्डरी अस्पताल खुल सके और दिल्ली के स्तर पर उचित संख्या में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल खोलें जाएं।
10.3 डिस्पेंसरियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्राथमिकता उन इलाकों को दी जाएगी जहां आबादी और इलाके की तुलना में डिस्पेंसरियों की संख्या कम हैं।
10.4 सरकारी अस्पतालों की दशा सुधरी जाएगी, इसके लिए चाहे जितना पैसा खर्च करना पड़े। सरकारी अस्पतालों में सपफाई, इलाज और बुनियादी सुविधएं अच्छे प्राइवेट अस्पतालों के बराबर होगी।
10.5 अस्पतालों में डाॅक्टरों के 40 प्रतिशत स्थान रिक्त हैं और मेडिकल स्टापफ के 20 प्रतिशत। इन्हें शीघ्र भरा जाएगा।
10.6 सरकारी अनुदानित जमीन पर बने अस्पतालों को अपनी जि़म्मेदारियों को पूरा करने को बाध्य किया जाएगा।
10.7 होम्योपैथी, आयुर्वेदिक, यूनानी, नैचरोपैथी और अन्य वैकल्पिक चिकित्सा के तरीकों को भी सरकार की तरपफ से बढ़ावा दिया जाएगा और इनके अलग नये अस्पताल बनाए जाएंगे। इनके शोध् केंद्र भी बनाए जाएंगे।
10.8 दिल्ली में जेेनेरिक दवाइयों का प्रचलन शुरू किया जाएगा। इससे दवाइयांे के दाम कापफी कम हो जाएंगे।
10.9 दिल्ली में आध्ी बीमारियां साप़फ पानी और हवा न होने से हैं। इनकी रोकथाम और गंदगी, कूड़े-कचरे की सप़फाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
10.10मोहल्ला सभाओं के बनने के बाद प्राइमरी अस्पतालों और डिस्पेन्सरी के प्रबंध्न की जिम्मेदारी मोहल्ला सभाओं को सौंपी जाएगी। बड़े अस्पताल सीध्े दिल्ली सरकार की देख-रेख में रहेंगे।
10.11डेंगू की रोकथाम के लिए स्पेशल टास्क पफोर्स बना कर यु(स्तर पर अभियान छेड़ा जाएगा ताकि दिल्लीवासी इस समस्या से निदान पायें।

11. महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को विशेष सुरक्षा मिलेगी
दिल्ली में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की असुरक्षा सरकार की विप़फलता का एक बड़ा सबूत है। आए दिन बुजुर्गों की हत्या और डकैती की खबर आती है। दिल्ली में कई मामलों में तो पुलिस वाले खुद अपराध् में शामिल रहे हैं। बलात्कार और अपहरण की दर बाकी सब महानगरों से कई गुना ज़्यादा है। आम आदमी पार्टी की सरकार महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कुछ तात्कालिक और कुछ दूरगामी कदम उठाएगी। चूंकि पुलिस दिल्ली सरकार के आध्ीन नहीं है, इसलिए हमारी सरकार जनादेश का इस्तेमाल कर केन्द्र सरकार से निम्नलिखित काम करवाएगी।
11.1 आज अगर किसी के साथ दिल्ली में कुछ अनहोनी घटना घटती है तो दिल्ली पुलिस उस पर एपफ.आई.आर. करने में आना-कानी करती है। एपफ.आई.आर. कर भी ले तो पुलिस उस पर कार्रवाई नहीं करती। हमारी सरकार यह सुनिश्चित कराएगी कि ऐसे सभी मामलों मे पुलिस एपफ.आई.आर. दर्ज करे और दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दिलाए।
11.2 हर पुलिस थाने में सीसीटीवी कैमरे एपफआईआर वाले कमरे में लगे ताकि यह पता लगे कि पुलिस किन मामलों में एपफआईआर दर्ज करने से मना करती है।
11.3 महिलाओं के खिलापफ अपराध् के मामले में वर्मा कमेटी की अहम सिपफारिशों को लागू किया जाए।

लेकिन दिल्ली के नागरिकांे को सुरक्षा देने के लिए कई ऐसे कदम हैं जो दिल्ली सरकार अपने आप उठा सकती है। हमारी सरकार सत्ता में आते ही कई ऐसे कदम उठाएगी:
11.4 स्पेशल सुरक्षा दलों का गठन किया जाएगा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए दिल्ली में एक स्पेशल सुरक्षा दल बनाया जाएगा। इस दल की हर म्युनिसिपल वार्ड में एक शाखा होगी। महिलाओं और बुजुर्गों के साथ-साथ स्पेशल सुरक्षा दल दिल्ली में ऐसे हर नागरिक की मदद करेगा जो अपने आपको मुसीबत में पाता है अथवा जिसे तुरंत सहायता की जरूरत हो। स्पेशल सुरक्षा दल को रिटायर्ड पफौजियों की निगरानी में चलाया जाएगा। स्पेशल सुरक्षा दलों के गठन का कार्य सरकार बनने के 100 दिन में शुरू हो जाएगा, पर इसके पूरा होने में एक वर्ष लग सकता है।
11.5 बलात्कारियों को जल्द और सख़्त सज़ा दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। बलात्कार के मामले निपटाने में आज 20 साल तक लग जाते हैं, तब तक बलात्कारी खुलेआम घूमते रहते हैं। दिल्ली में नए पफास्ट ट्रैक कोर्ट खोले जाएंगे और जजों की नियुक्ति की जाएगी ताकि बलात्कारियों को साल भर में सख़्त से सख़्त सज़ा दिलवाई जा सके। नए कोर्ट और जजों की नियुक्ति पर कार्य, सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर शुरू हो सकता है पर इसे पूरा होने में एक से दो वर्ष लग सकता है।
11.6 सड़क, पार्क, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रात को बेहतर रोशनी की व्यवस्था की जाएगी।
11.7 दिल्ली में वर्किंग विमेन्ज़ ;कामकाजी महिलाओंद्ध हाॅस्टल की संख्या बढ़ाई जाएगी। इनकी देख-रेख एवं सुरक्षा की व्यवस्था को सुधरा जाएगा। बेघर महिलाओं के लिए रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई जाएगी एवं उनकी व्यवस्था सुचारु और सुरक्षित की जाएगी।
11.8 दिल्ली के बच्चे असुरक्षित हैं। पिछले एक साल में दिल्ली में 3500 से ज़्यादा बच्चों का अपहरण हो चुका है। निठारी कांड ने दिखाया था कि मासूम बच्चों का किस तरह से अपहरण करके कत्त्ल किया जा रहा था। अनाथालय और जुवेनाइल होम में रहने वाले बच्चों का हर तरह का शोषण होता है। बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून तो अच्छे बने हैं ;जैसे – जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, च्व्ब्ैव् एक्टद्ध लेकिन इन्हें सख़्ती से लागू करने की जरूरत है। अनाथालय की देख-रेख स्थानीय समाज को दी जाएगी।
11.9 देश और समाज के लिए शहादत देने वाले पुलिस और सुरक्षाकर्मियों का सम्मान होगा। अगर दिल्ली का निवासी पुलिस, सेना या सुरक्षाकर्मी देश की सीमाओं या आतंकवाद से रक्षा करते समय प्राणों का बलिदान करता है तो उसके परिवार को दिल्ली सरकार एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देगी।

12. न्याय व्यवस्था सुध्रेगी, समय पर और सच्चा न्याय मिलेगा
हमारे देश की न्याय व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। एक केस पूरा होने में पंद्रह-बीस साल लग जाते हैं। बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराध् करने वाले लोगों को भी कई-कई वर्षों तक सज़ा नहीं होती। इसके लिए कापफी हद तक हमारे कानून जिम्मेदार हैं। दिल्ली सरकार इन कानूनों को बदल नहीं सकती। लेकिन इन कानूनों के तहत भी आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली की न्याय व्यवस्था सुधरने के लिए निम्नलिखित कदम उठा सकती हैः
12.1 दिल्ली में नई अदालतें खोली जाएंगी और नए जजों की नियुक्ति की जाएगी। जरूरत पड़ी तो अदालत को दो शिफ्रट में चलाया जाएगा। इतनी अदालतंे होनी चाहिए ताकि किसी भी केस को निपटाने में छः महीने से ज़्यादा का समय न लगे।
12.2 आज किसी भी केस में कई-कई महीनों की तारीखें पड़ती हैं। हर केस कई साल चलता है। आध्े से ज़्यादा केसों में सरकार खुद एक पार्टी है। सरकारी वकील तारीखें लेना बंद करेंगे और सरकार छोटे-मोटे मुकदमे वापिस लेगी।
12.3 अभी तक निचली अदालतों में जितने केस लंबित पड़े हैं उन्हें अध्कि से अध्कि एक साल में निपटाने के लिए स्पेशल अदालतें बनाई जाएंगी।
12.4 हर कोर्ट की कार्रवाई की वीडियो रिकाॅर्डिंग कराई जाएगी जिसकी प्रति कोई भी आम नागरिक ले सकेगा।

13. गांव में ग्रामसभा का राज होगा, शहर जैसी सुविधएं मिलेंगी
दिल्ली में गांवों को दोहरी मार पड़ती है। न तो गांव जैसा जीवन, न ही शहर जैसी सुविधएं। खेती और पुश्तैनी ध्ंध्े खत्म होते जा रहे हैं। लेकिन नए रोजगार लायक शिक्षा नहीं है। ले-देकर जमीन और मकान ही आमदनी का मुख्य साध्न है, और उसपर भी तरह-तरह के सरकारी नियम-कानून की बंदिश लगी है। जो खेती कर रहे हैं उन्हें अन्य राज्यों की तरह सुविध और मुआवज़ा नहीं मिलता। मुख्यमंत्राी शीला दीक्षित ने तो यह भी कह दिया है कि दिल्ली में खेती होती ही नहीं है। आज दिल्ली के गांव-देहात सरकार द्वारा पूरी तरह से उपेक्षित हैं। पहले तो इन पर शहरीकरण थोप दिया गया और पिफर उन्हें मूलभूत सुविधएं भी नहीं दी गयीं। दिल्ली के गांव-देहातों का विकास करने के लिए निम्न कदम उठाए जाएंगे:
13.1 गांव के लोगों को अपने गांव के बारे में निर्णय लेने का अध्किार दिया जाएगा। गांव में रहने वाले वोटरों की सभा को ग्रामसभा कहते हैं। कानून पारित करके गांव के बारे में निर्णय लेने का अध्किार ग्रामसभाओं को दिया जाएगा। सरकार हर गांव को अपने विकास के लिए एक मुश्त राशि देगी, ग्रामसभा की हर महीने मीटिंग होगी, जिसमें लोग तय करेंगे कि उनके गांव में सरकारी पैसा कहां-कहां खर्च होगा।
13.2 गांव समाज की मजऱ्ी के बिना उनकी करोड़ों रुपये की ज़मीन सरकार द्वारा कौडि़यों के भाव अध्ग्रिहित कर ली जाती है। कानून में ऐसा प्रावधन किया जाएगा कि किसी भी गांव की ज़मीन उस गांव की ग्रामसभा की मंजूरी के बिना नहीं ली जाएगी। ग्रामसभा तय करेगी कि ज़मीन देनी है या नहीं देनी और अगर देनी है तो किन शर्तों पर देनी है। सरकारी मुआवज़े की रकम बढ़ाई जाएगी।
13.3 गांव की ज़मीन को तमाम अनावश्यक पाबंदियों से मुक्त कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। लालडोरा बढ़ाने का अध्किार ग्रामसभा को दिया जाना चाहिए। दिल्ली भूमि सुधर कानून ;1954द्ध की धरा 33ए 81ए 150 जैसी जमीन खरीदने-बेचने पर लगी बेकार की पाबंदियों को खत्म किया जाना चाहिए।
13.4 कई ऐसे किसान हैं जिनकी ज़मीने अध्ग्रिहित की गई थीं। लेकिन उन्हें आजतक अपनी ज़मीनों का मुआवज़ा नहीं मिला। डीडीए किसानों का बकाया तुरंत चुकाए- इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
13.5 कई गांवों में भूमिहीन किसानों को पट्टे पर ज़मीन दी गईं थीं। आध्े किसानों के पट्टे पक्के कर दिए गए। बाकी किसानों के पट्टे पक्के करने की कोशिश की जाएगी।
13.6 आज दिल्ली के गांवों में बसों की सेवा बहुत कम हैं। जो बसें हैं वो खटारा है। दिल्ली के गांवों को समुचित बस सेवा से जोड़ा जाएगा।
13.7 दिल्ली के गांवों में स्कूलों की भारी कमी है। या तो सरकारी स्कूल हैं नहीं, हैं तो शिक्षा का स्तर बहुत ही खराब है। आम आदमी पार्टी शिक्षा को सबसे अध्कि महत्त्व देती है। हर गांव में उचित संख्या में सरकारी स्कूल खोले जाएंगे और सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर अच्छे प्राइवेट स्कूलों जैसा बनाया जाएगा। गांव में काॅलेज तो गिनती के ही हैं। गांव-देहात के इलाके में नए काॅलेज भी खोले जाएंगे।
13.8 दिल्ली के गांवों में सरकारी डिस्पेंसरियों और अस्पतालों की भारी कमी है। और जो हैं भी उनकी हालत खस्ता है। गांव में नई डिस्पेंसरी और अस्पताल खोले जाएंगे और उनमें बेहतर इलाज का प्रबंध् किया जाएगा।
13.9 दिल्ली सरकार किसानों को कोई सुविध नहीं देती। खाद और बीज पर सब्सिडी और प्राकृतिक आपदा में सहायता जैसी जो सुविधएं किसानों को दूसरे राज्यों में मिलती हैं, वो सभी सुविधएं आम आदमी पार्टी दिल्ली के किसानों को भी मुहैया कराएगी।
13.10 पशुओं के लिए वेटरिनरी अस्पताल बनाए जाएंगे।
13.11 दिल्ली के गांव-देहात ने कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए हैं। गांव में खेल-कूद की सभी सुविधएं दी जाएंगी और नए स्टेडियम बनाए जाएंगे।

14. अनध्किृत कालोनियां को एक साल में अध्किृत किया जाएगा
दिल्ली की सिर्पफ एक-चैथाई आबादी अध्किृत योजनाओं के तहत बनी वैध् कालोनियों में रहती है। यानि कि तीन-चैथाई दिल्ली को अनध्किृत-अनियमित-अवैध् दर्जे में ठेल दिया गया है। एक-चैथाई दिल्ली के लिए विकास है बाकि तीन-चैथाई दिल्ली के लिए कभी-कभार रियायत के टुकड़े। नियोजित एवं वैध् रिहायशी आम आदमी की पहुंच से बाहर रही है, इसलिए दिल्ली के निम्न मध्यमवर्ग और गरीब ने जैसे-तैसे करके कोई मकान बनाया, और पहले दिन से ही वो कानून की निगाह में अपराध्ी हो गया। गुंडों, दलालों और नेताओं ने इस स्थिति का पफायदा उठाया। हर पार्टी और सरकार इस बुनियादी हालात को स्वीकार कर लेती है और इसमें छोटी-मोटी रियायत के वादे करती है।
दिल्ली के लगभग एक तिहाई लोग अनध्किृत कालोनियों में रहते हैं। कांग्रेस पार्टी हर चुनाव के पहले अनध्किृत कालोनियों के लोगों को झांसा देकर उनका वोट लेने की कोशिश करती है। सरकार ने 24 मार्च 2008 को एक नोटिपिफकेशन जारी किया था, जिसके तहत इन कालोनियों को अध्किृत करने की बात कही गई थी। नवंबर 2008 में चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस इन लोगों से किए वादे को भूल गई। पांच साल तक कांग्रेस ने इनके बारे में कुछ नहीं किया। भारतीय जनता पार्टी भी बीच-बीच में विरोध् की रस्म पूरी करती रही। अब चुनाव के पहले पिफर से अनध्किृत कालोनियों की इन पार्टियों को याद आई है। आम आदमी पार्टी अनध्किृत कालोनियों के बारे में निम्नलिखित कदम उठाएगी:
14.1 सरकार में आने के एक साल के अंदर इन कालोनियों को अध्किृत किया जाएगा और इनमें रहने वालों को मालिकाना हक दिया जाएगा। इसके लिए 24 मार्च 2008 के नोटिपिफकेशन में तय किए रेट के आधर पर पैसे लिए जाएंगे।
14.2 अध्कितर अनध्किृत कालोनियां पुलिस, नेताओं और अपफसरों की साठगंाठ से बसाई जाती है। वहां पर घर खरीदने वालों के साथ भारी धेखाध्ड़ी होती है। भविष्य में जो नेता, पुलिसवाले और अपफसर ऐसी कालोनियां बसाएंगे, उनके खिलापफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
14.3 अनध्किृत कालोनियों की अध्किृतिकरण प्रक्रिया एवं उसके बाद विकास की योजना बनाने में, और उस योजना के क्रियान्वयन में मोहल्ला सभा मुख्य भूमिका निभाएंगी।
14.4 दीर्घकाल में दिल्ली में ऐसी योजनाएं बनाई जाएंगी ताकि बड़े पैमाने पर सस्ते और वैध् मकान उपलब्ध् हों।

15. झुग्गी-बस्तियों में सुविधएं मिलेंगी, वहीं पुनर्वास होगा
दिल्ली में कांग्रेस ने झुग्गीवालों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। चुनाव से पहले झूठे वादों और पैसे के सहारे वोट खरीद लिए और पिफर उनकी झुग्गियां तुड़वाकर उन प्लाॅटों पर कब्जा कर लिया। कानून झुग्गीवासियों को अपराध्ी मानता है और बाकी समाज उनसे नप़फरत करता है। हकीकत यह है कि किसी को झुग्गी में रहने का कोई शौक नहीं है। यह मजबूरी है क्योंकि चैबीस घंटे मेहनत करने के बाद भी केवल इतना कमा पाते हैं कि अपना और बच्चों का पेट भर सकें। किराए पर ढंग का मकान लेने के लिए पैसे नहीं बचते। इन झुग्गी वालों के बिना दिल्ली एक दिन भी नहीं चल सकती। झुग्गी में रहने वाले लोग रोज दिल्ली की सपफाई करते हैं, कचरा उठाते हैं, दूध् बांटते हैं, आॅटो चलाते हैं, रिक्शा चलाते हैं, अमीरों की गाड़ी चलाते हैं, चैकीदारी का काम करते हैं, घर-घर सब्जी पहुंचाते हैं, घरेलू काम करते हैं। अगर एक दिन भी ये झुग्गी वाले काम करना बंद कर दें तो दिल्ली बंद हो जाएगी।
लेकिन किसी भी पार्टी ने झुग्गी वालों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। सबने झुग्गियां तुड़वायीं और उस वक्त प्लाॅट और फ्रलैट के झूठे वायदे किए। झुग्गी वालों को न प्लाॅट मिला और न ही उनकी झुग्गी बची। कांग्रेस ने झुग्गी वालों को फ्रलैट देने की योजना बनाई- ‘राजीव रतन योजना’ इसमें भी लोगों से पैसे जमा करा लिए गए, लेकिन आजतक किसी को फ्रलैट नहीं मिला।
आम आदमी पार्टी की सरकार झुग्गी वालों को न्याय दिलायेगी। झुग्गियों के पुनर्वास हेतु निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:-
15.1 झुग्गियों में रहने वालों का सर्वे कराया जाएगा। उनकी लिस्ट तैयार की जाएगी। ज़्यादा से ज़्यादा कोशिश यह की जाएगी कि आज झुग्गियां जहां स्थित हैं, वहीं पर प्लाॅट या फ्रलैट बनाकर बसाया जाएगा और सापफ-सुथरा जीवन दिया जाएगा।
15.2 यदि उसी ज़मीन पर बसाना संभव नहीं हुआ तो उसके नजदीक से नजदीक स्थान लेकर वहां पर बसाया जाएगा। पुनर्वास प्रक्रिया की योजना और उसके क्रियान्वयन की निगरानी मोहल्ला सभा करेगी।
15.3 इतनी बड़ी संख्या में सस्ते मकान बनाए जाएंगे कि भविष्य में झुग्गियों की जरूरत ही न बचे।
जब तक पुनर्वास नहीं हो जाता तब तक झुग्गियों को किसी भी हालत में तोड़ा नहीं जाएगा। तब तक झुग्गियों में निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:-
15.4 झुग्गियों में सड़कें और गलियां टूटी पड़ी हैं, उन्हें ठीक और पक्का किया जाएगा।
15.5 कई झुग्गियों में शौच की कोई व्यवस्था नहीं है, इससे महिलाओं को खासी परेशानी होती है। दिल्ली की सभी झुग्गियों में समुचित शौच की व्यवस्था की जाएगी। सामुदायिक शौचालयों की देख-रेख की जि़म्मेदारी और सापफ-सपफाई की निगरानी मोहल्ला सभा को दी जाएगी।
15.6 पानी, साप़फ-सपफाई और नालियों की सपफाई की व्यवस्था की जाएगी।

16.1 महंगाई की मार से राहत दिलायेंगे
आम आदमी के लिए आज महंगाई और रोजगार सबसे बड़ी समस्या है। आंकड़ों में दिल्ली राज्य और दिल्लीवासियों की आय बढ़ी है, पर हकीकत में सभी मूलभूत आवश्यकताएं जैसे कि बिजली, पानी, सब्जी, अनाज, पेट्रोल-डीजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यय के दाम बढ़ने से हर परिवार की वास्तविक हालत पहले से कहीं खराब है। आज हर चीज़ के दाम बढ़े हुए हैं। चाहे वो प्याज़, टमाटर हो या बिजली-पानी या बच्चों के स्कूल की पफीस। आम आदमी के लिए महंगाई उसकी जरूरत की चीज़ों के दामों से जुड़ी हुई है। महंगाई का पूरा समाधन केन्द्र सरकार की नीतियांे को बदले बिना नहीं हो सकता। लेकिन राज्य सरकार भी इस स्थिति को सुधरने के लिए कई कदम उठा सकती हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार निम्नलिखित कदम उठाएगीः
16.1 बिजली के बिल आध्े होंगे, 700 लीटर पानी प्रतिदिन प्रति परिवार मुफ्रत पहुंचाएंगे – इससे हर परिवार को बहुत बड़ी राहत पहुंचेगी।
16.2 थोक तथा खुदरे व्यापार में जमाखोरों और मुनापफाखोरों पर कड़ी नजर होगी। पकड़े जाने पर सख़्त सज़ा होगी। कालाबाज़ारी बिना राजनैतिक संरक्षण के संभव नहीं हैं। आम आदमी पार्टी कांग्रेस की मुख्यमंत्राी की तरह जमाखोरों और कालाबाज़ारियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना नहीं करेगी। सरकार के पास कानून और प्रशासन की ताकत होती है। आम आदमी पार्टी उस ताकत का इस्तेमाल करेगी। कालाबाज़ारियों को जेल भेजा जाएगा और उनके गोदामों में रेड मार कर सामान बाहर निकाला जाएगा ताकि अनाज, पफल, सब्जी इत्यादि के दाम कम होंगे।
16.3 शिक्षा पर होने वाला व्यय हर परिवार के व्यय का एक बड़ा हिस्सा है। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पफीस पर नियंत्राण के कानून बनेंगे और डोनेशन लेना बंद करवाएंगे। सरकारी स्कूलों का स्तर बेहतर करेंगे ताकि आम आदमी भरोसे के साथ अपने बच्चे को सरकारी स्कूल में भेज सकें। इससे शिक्षा पर खर्च कम होगा।
16.4 सरकारी अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जाएंगी और सेवाओं में कापफी सुधर होगा, ताकि आम आदमी आसानी से इन सुविधओं का प्रयोग कर पाए। इससे डाॅक्टर और अस्पताल का खर्चा कम होगा।
16.5 महंगाई का एक महत्त्वपूर्ण कारण भ्रष्टाचार है। सरकार बनने के 15 दिनों में दिल्ली राज्य में लोकपाल कानून लाकर हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर कड़ी एवं प्रभावी रोक लगाएगी। जैसे-जैसे दिल्ली में भ्रष्टाचार कम होगा, महंगाई भी कम होने लगेगी।
16.6 कालेध्न की अर्थव्यवस्था भी महंगाई का बड़ा कारण है। कालेध्न की गंगोत्राी चुनाव प्रचार के खर्च से शुरू होती है। चुनाव सापफ पैसे से लड़ा जा सकता है, हमारी पार्टी ने इसकी एक मिसाल प्रस्तुत की है। कालेध्न को रोकने से लोगों को महंगाई की मार से बड़ी राहत मिलेगी।
16.7 राशन की दुकान आम आदमी के लिए महंगाई से बचने का तरीका है। लेकिन दिल्ली की राशन व्यवस्था भ्रष्टाचार में डूबी है। आम आदमी पार्टी की सरकार मोहल्ला सभा के सहयोग से राशन में भ्रष्टाचार खत्म करेगी। कैश ट्रांसपफर की जगह सीध्े राशन पहुंचाने की व्यवस्था करेगी और राशन में दाल और तेल भी जोड़ा जाएगा।

17. दिल्ली में रोजगार बढ़ेगा
आंकड़े तो दिल्ली में सम्पन्नता दिखाते हैं लेकिन यह आंकड़े कागज़ी हैं। दिल्ली में आर्थिक वृ(ि रियेल एस्टेट, सट्टा-बाज़ार और शेयर बाज़ार की दुनिया में है। इससे रोज़गार नहीं बढ़ रहा। साथ ही पिछले 10-15 वर्षों में दिल्ली में ठेकेदारी पर कर्मचारियों को रखने की प्रथा ;काॅन्टैªक्ट लेबर व काॅन्टैªक्च्युल इम्पलाॅयमेंटद्ध बहुत तेजी से बढ़ा है। इससे पक्की नौकरियां घटी हैं और कर्मचारियों का शोषण बढ़ा है। औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधओं के घोर अभाव से दिल्ली में उद्योग भी और रोज़गार नहीं दे पा रहे। इसके लिए हम निम्नलिखित कदम उठाएंगेः
17.1 शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सपफाई कर्मचारी इत्यादि के रिक्त सरकारी पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाएगी। दिल्ली में बड़े पैमाने पर नये सरकारी स्कूलों और अस्पताल खुलेंगे। इससे भारी संख्या में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
17.2 औद्योगिक क्षेत्रों के सुधर और उद्योग अनुकूल नीतियों से दिल्ली में औद्योगिक गतिविध्यिां बढे़ंगी- इससे रोजगार भी बढ़ेगा।
17.3 दिल्ली में अनेकों वोकेशनल इन्स्टीट्यूट खोले जाएंगे और वोकेशनल पढ़ाई को प्रोत्साहन दिया जाएगा। यहां पर युवाओं को अलग-अलग किस्म के हुनर और काम सिखाए जाएंगे ताकि वो अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें।
17.4 अपना रोजगार शुरू करने के लिए युवाओं को सस्ती दरों पर लोन मुहैया कराया जाएगा। आज लोग लेने में ढेरों कठिनाइयां आती हैं। इस प्रक्रिया को सरल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाएगा।
17.5 काॅन्टैªक्ट प्रथा पर रोक लगाकर पर्मानेंट नियुक्तियों से पक्की नौकरियों में बढ़ोतरी होगी।
17.6 व्यापार के लिए अनुकूल नीतियों से व्यापार बढ़ेगा – इससे भी रोजगार बढ़ेगा।
17.7 रेहड़ी-पटरी व्यवस्था नियोेजित और सुरक्षित की जाएगी। इससे कई हजार छोटे व्यापार के अवसर खुलेंगे।

18. व्यापारियों की समस्याओं को सुलझाया जाएगाः
सरकारी तंत्रा के जंजाल और भ्रष्टाचार से हमारे देश का व्यापारी हमेशा डरा और सहमा रहता है। सरकार ने ऐसे नियम और कानून बनाए हैं जिनको ईमानदारी से अमल कर पाना बहुत ही टेढ़ी खीर है। इन्हीं नियमों और कानूनों के चलते सरकारी विभाग के भ्रष्ट कर्मचारी एक आम व्यापारी को डराते रहते हैं। कुछ व्यापारी ऐसे जरूर होते हैं जो गड़बड़ करते हैं। लेकिन हमारे देश का आम व्यापारी ईमानदारी और शांति के साथ व्यापार करना चाहता है।
दिल्ली उत्तर भारत में व्यापार का एक मुख्य केन्द्र रहा है। वैट एवं अन्य टैक्स के जंजाल, सरकारी तंत्रा की लाल पफीताशाही एवं भ्रष्टाचार व्यापारियों को ईमानदारी और सहजता से व्यापार करने का अवसर समाप्त करते जा रहे हैं। व्यापारी वर्ग को बीजेपी का वोट बैंक माना गया है। चुनावों में वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने के अलावा बीजेपी ने भी आजतक व्यापारियों की समस्याओं का समाधन नहीं किया है – नहीं तो बीजेपी शासित राज्यों में तो व्यापारी सुख शांति से व्यापार कर पा रहे होते। आम आदमी पार्टी इस स्थिति को बदलना चाहती है। हम ऐसी व्यवस्था और माहौल का निर्माण करना चाहते हंै जहां ईमानदारी से व्यापार करना संभव हो। इसके हम निम्नलिखित कदम उठाएंगे:
18.1 आज दिल्ली में वैट की व्यवस्था इतनी जटिल बना दी गई है कि व्यापारी के लिए इसका पालन करना असंभव हो गया है। हारकर व्यापारी को रिश्वत देनी पड़ती है। वैट एवं अन्य टैक्स व्यवस्था का सरलीकरण किया जाएगा।
18.2 दिल्ली एक समय होल सेल व्यापार का गढ़ माना जाता था। सरकार की गलत नीतियों की वजह से दिल्ली के होल सेल व्यापार का बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों मे चला गया है। सरकारी नीतियों को होल सेल के लिए अनुकूल किया जाएगा, जिससे कि दिल्ली पिफर से होल सेल व्यापार का प्रमुख केन्द्र बने। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
18.3 आम आदमी पार्टी किराना व्यापार में थ्क्प् का विरोध् करती है। किराना में थ्क्प् आने से देश के करोड़ों छोटे व्यापारी बेरोजगार हो जाएंगे इसलिए आम आदमी पार्टी दिल्ली में किराना व्यापार में थ्क्प् को आने की अनुमति नहीं देगी।

19. औद्योगिक क्षेत्रा में सुविधएं बेहतर की जाएंगी, उद्योग बढ़ेगा
19.1 दिल्ली के सभी औद्योगिक क्षेत्रों का बुरा हाल है – न सड़कें हैं, न पानी और न बिजली। हमारी सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधएं उपलब्ध् कराएगी। दिल्ली में उद्योग बढ़ेगा तो रोजगार भी बढ़ेगा।
19.2 आज कई सरकारी नीतियां, नियम और कानून ऐसे हैं, जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। आज दिल्ली में उद्योग शुरू करना और उद्योग चलाना नामुमकिन होता जा रहा है। इन सभी नीतियों को बदला जाएगा। उद्योगों के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाएगा।
19.3 नए उद्योग लगाने के लिए युवाओं को ट्रैनिंग, लोन एवं अन्य सुविधएं दी जाएंगी।

20. काॅन्ट्रैक्ट नौकरी और लेबर ठेकेदारी की जगह पक्की नियुक्तियां होंगी
पिछले दस से पन्द्रह वर्षों में दिल्ली में ठेकेदारी पर कर्मचारियों को रखने की प्रथा बहुत तेज़ी से बढ़ी है। आज अस्पतालों में डाॅक्टर और नर्से, स्कूलों और कालेजों में अध्यापक और अन्य कर्मचारी, एम.सी.डी. और एन.डी.एम.सी. में सपफाई कर्मचारी, डीटीसी में ड्राइवर और कंडक्टर इत्यादि – इनको सबको ठेकेदारी नौकरी पर रखा जा रहा है। इनका कई तरह से शोषण होता है। कई ऐसे टीचर, सपफाई कर्मचारी बताते हैं कि उनसे जितनी पगार पर दस्तख़्त करावाएं जाते हैं, उससे कहीं कम उनके हाथ में दिए जाते हैं। कई मजदूरों का पीएपफ और ईएसआई का पैसा काटा तो जाता है, लेकिन उसे जमा नहीं कराया जाता। कई कर्मचारियों से 365 दिन काम लिया जाता है और उन्हें कोई छुट्टी नहीं दी जाती।
आम आदमी पार्टी इस शोषण के खि़लाप़फ है। इसे खत्म करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे -
20.1 जो ऐसे काम हैं जिनकी ज़रूरत 365 दिन होती हैं- जैसे अध्यापक, डाॅक्टर, नर्स, सप़फाई कर्मचारी, ड्राइवर इत्यादि – ऐसे स्थायी किस्म के कामों से ठेकेदारी प्रथा खतम की जाएगी और इन सब लोगों को पर्मानेंट किया जाएगा।
20.2 जो टेम्परेरी किस्म के काम हैं, जिनकी ज़रूरत कुछ दिनों या कुछ महीनों के लिए होती हैं, जैसे बिल्डिंग बनाने वाले मज़दूर इत्यादि – ऐसे कामों में ठेकेदारी प्रथा बंद नहीं की जा सकती। लेकिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे कामगारों का शोषण न हो।
20.3 दिल्ली में न्यूनतम वेतन कानून सख़्ती से लागू नहीं होते। न्यूनतम वेतन कानून का उल्लंघन करने वालों के खि़लाप़फ सख़्त सज़ा का प्रावधन किया जाएगा और ऐसा करने वालों पर सख़्त कार्यवाही की जाएगी।
20.4 दिल्ली का पूरा लेबर डिपार्टमेंट भ्रष्टाचार के चलते लेबर कानूनों का उल्लंघन करने वालों के हाथों की कठपुतली बन चुका है। लेबर विभाग में, और इन कानूनों में मूलचूल परिवर्तन किए जाएंगे।
20.5 कांट्रेक्ट लेबर एक्ट 1970 में कुछ मज़दूर विरोध्ी प्रावधन हैं। इनमें जो प्रावधन दिल्ली सरकार बदल सकती है, वो बदले जायेंगे। अन्य मज़दूर विरोध्ी प्रावधनों को बदलने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।

21. असंगठित क्षेत्रा के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य अध्किार मिलेंगे
दिल्ली में सभी काम करने वालों में से 86 प्रतिशत कामगार असंगठित क्षेत्रा के कामगार हैं। इनमें से कुछ वर्ग, जैसे कि, निर्माण मजदूर ;कंस्ट्रक्शन वर्करद्ध, घरेलू कामवाली बाई ;मेडद्ध एवं नौकर, चैकीदार, कचरा बीनने वाले, छोटी दुकानों-होटलों पर काम करने वाले, रेहड़ी-पटरी वाले इत्यादि की हालत बहुत खराब है। इतना उपयोगी काम करने के बावजूद इन्हें न तो मान मिलता है, न ही उचित वेतन और उफपर से हर तरह की प्रताड़ना सहनी पड़ती हैं। इनकी तन्ख्वाह, इनके काम करने के समय, इनके काम करने के स्थान पर सुविधओं पर कोई नियम कानून लागू नहीं है। इनकी स्थिति में सुधरने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार ऐसे सभी कारगारों का सर्वे कराएगी ताकि उनकी गिनती और पहचान हो सके तथा उनकी अलग-अलग समस्याएं समझ आएं।
घरेलू कामवाली और ऐसे अन्य कामगारों की तन्ख्वाह, काम के घंटे, साप्ताहिक और वार्षिक छुट्टी के नियम बनाए जाएंगे। कचरा बीनने वाले मजदूरों को एम.सी.डी. के साथ मिलकर काम करने की व्यवस्था की जाएगी। बिल्डिंग कन्स्ट्रक्शन वर्कर वेलपेफयर बोर्ड को निर्माण मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा ;पेंशन, चिकित्सा, दुर्घटना बीमा इत्यादिद्ध की व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए बाध्य किया जाएगा और सरकार की तरपफ से आवश्यक सहयोग मिलेगा। इसी तरह सभी असंगठित मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था की पहल की जाएगी।
22. रेहड़ी पटरी वालों को लाइसेंस और पक्की जगह मिलेगी
रेहड़ी पटरी वाले किसी भी शहरी अर्थव्यवस्था में एक अहम भूमिका निभाते हैं। ये आम आदमी को सस्ते और सुविधजनक रूप में चीज़े उपलब्ध् कराती हैं। साथ ही इनकी नियोजित भागीदारी रोजगार देने में और दामों को कम बनाए रखने में सहायक होती हैं। परंतु नियोजित न होने पर यह भीड़ बढ़ाने, ट्रैपिफक रोकने, पुफटपाथ अतिक्रमण और कचरा बढ़ाने का काम करते हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएगीः
22.1 रेहड़ी-पटरी वालों को लाइसेंस दिया जाएगा। लाइसेंस देने का काम स्थानीय मोहल्ला सभा करेंगी।
22.2 सभी बाज़ारों में उनके लिए स्थान निर्धरित किए जाएंगे। स्थानों का निर्णय वहां की मोहल्ला सभा तय करेंगी।
इससे एक तरपफ उस क्षेत्रा में रहने वाले लोगों को रेहड़ी पटरी वालों की अच्छी सेवाएं मिलेंगी और दूसरी तरपफ रेहड़ी पटरी वालों का पुलिस एवं नगर निगम द्वारा शोषण और हफ्ऱता वसूलना बंद होगा।

23. सस्ते और सुलभ सार्वजनिक परिवहन का विस्तार होगा
दिल्ली जैसे महानगर का जीवन सड़क और परिवहन पर निर्भर है। लेकिन एक सुसंगत व्यवस्था न होने की वजह से दिल्ली का आम आदमी हर दिन घंटो सड़कों पर ध्क्के खाता है, टैªपिफक में अटका रहता है। कुछ टुकड़ों में अच्छी यात्रा हो भी जाए तो उसी यात्रा के बाकी टुकड़ों में कसर निकल जाती है। सार्वजनिक परिवहन की हालत का इस बात से पता लगता है कि दिल्ली की सड़क पर चलने वाले 93 पफीसदी वाहन निजी कार, स्कूटर, मोटरसाइकिल हैं और सिर्पफ 2.5 पफीसदी वाहन बसें हैं जो कि 55-60 प्रतिशत सवारियों को ढोती हैं। बाहरी दिल्ली के अध्किांश इलाकों में परिवहन की व्यवस्था करना दिल्ली सरकार जैसे अपनी जिम्मेदारी ही नहीं समझती।

यदि हमें दिल्ली की टैªपिफक समस्या का समाधन करना है तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आकर्षक और सुविधजनक बनाना होगा ताकि ज्यादा से ज़्यादा लोग अपने निजी वाहन का प्रयोग छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। आम आदमी पार्टी की सरकार एक सस्ती, सुलभ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित परिवहन व्यवस्था बनाएगी।
23.1 मेट्रो, बस, आॅटो, रिक्शा और साइकिल के बारे में अलग-अलग टुकड़ों में सोचने की बजाय एक समग्र सोच के आधर पर कदम उठायें जाएंगे। इसके लिए एक ‘युनिपफाइड ट्रांसपोर्ट अथाॅरिटी’ का गठन किया जाएगा।
23.2 दिल्ली में बस सेवा का बड़े स्तर पर विस्तार करना पड़ेगा। इसमें निजी और सरकारी क्षेत्रा दोनों की भूमिका होगी। कई विकसित देशों में ट्रैपिफक से बचने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अध्किारी भी कारों का इस्तेमाल न करके बसों का इस्तेमाल करते हैं। इसीलिए समाज के हर तबके की जरूरतांे को ध्यान में रखते हुए बस सेवाएं उपलब्ध् करानी होंगी। इसमें एक अहम भूमिका अदा करेगी।
23.3 डीटीसी कर्मचारियों की सभी जायज़ शिकायतों का समाधन किया जाएगा। डीटीसी के कई कर्मचारियों को ठेके पर रखा गया है और उनका शोषण किया जाता है, जिसकी वजह से वो काप़फी पीडि़त हैं। ठेकेदारी प्रथा बंद की जाएगी। और इन पदों को नियमित किया जाएगा।
23.4 बस और मेट्रो को दूरदराज की बस्तियों से जोड़ने वाली पफीडर सर्विस, ग्रामीण सेवा, शेयर आॅटो, ई-रिक्शा, रिक्शा इत्यादि जैसे साध्नों पर लगी बेकार की पाबंदियों को खतम किया जाएगा। इनके रूट के नक्शे नये सिरे से बनाए जाएंगे। यात्रा की घर तक पहुंचाने वाली आखिरी कड़ी को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए रिक्शा व आॅटो का बढ़ावा दिया जाएगा। दिल्ली में शेयर आॅटो और शेयर टैक्सी को बढ़ावा दिया जाएगा।
23.5 ट्रांसपोर्ट विभाग के भ्रष्टाचार को सख़्ती से निपटाया जाएगा।
23.6 भारतीय रेल के साथ मिलकर रिंग रेलवे की सुविध का विस्तार किया जाएगा। इसे पफीडर सर्विस से जोड़ा जाएगा।
23.7 दिल्ली मेट्रो का पूरी दिल्ली में बड़े पैमाने पर विस्तार किया जाएगा।
23.8 दिल्ली में बुजुर्गों, विद्यार्थियों और डिसेबल्ड यात्रियों के लिए विशेष पास बनाए जाऐंगे। बुजुर्गों के लिए आभार पास होगा, विद्यार्थियों के लिए आधर पास और डिसेबल्स के लिए साभार पास, जिससे उन्हें मेट्रो और बसों के किराए में रियायत मिलेगी।

24. बेहतर सड़कें और रिक्शा व साईकिल के लिए जगह होगी
24.1 भीड़-भाड़ वाले इलाके में मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाई जाएगी।
24.2 मोहल्ले की, और छोटी सड़कों के रख-रखाव की व्यवस्था को मोहल्ला / वार्ड सभा को दिया जाएगा।
24.3 हर संभव सड़क पर पुफटपाथ बनाया जाएगा और उन्हें अतिक्रमण से मुक्त रखा जाएगा। रिक्शे की संख्या एवं रूटों पर लगी नाजायज़ रोक हटाई जाएगी। रिक्शे की जब्ती को रोका जाएगी। जगह-जगह पर रिक्शा स्टैंड बनाए जाएंगे। जहां जरूरत है वहां साइकिल के लिए विशेष काॅरिडोर बनाए जाएंगे।

25. आॅटो रिक्शा चालकों और जनता- दोनों के साथ न्याय होगा
आॅटो दिल्ली के परिवहन व्यवस्था का एक अहम हिस्सा है। लेकिन सरकार की गलत नीतियों की वजह से आज आॅटो व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। एक तरपफ दिल्ली सरकार की गलत नीतियों ट्रांसपोर्ट विभाग के भ्रष्टाचार और पुलिस की मनमानी की वजह से आॅटो चालक दुखी हैं तो दूसरी तरपफ आॅटो चालकों के व्यवहार से जनता दुखी है।
आज तक किसी राजनीतिक पार्टी ने आॅटो वालों की समस्याओं को नहीं उठाया था। पहली बार आम आदमी पार्टी आॅटो वालों के मुद्दों पर खुलकर सामने आई है। हमारी सरकार आॅटो वालों के लिए निम्नलिखित कदम उठाएगी:
25.1 दिल्ली में हजारों आॅटो स्टैंड बनाए जाएंगे।
25.2 बैंक लोन सहित बिना वेटिंग और बिना ब्लैक के आॅटो मिलेगा।
25.3 ट्रांसपोर्ट विभाग की रिश्वतखोरी और आतंक को बंद किया जाएगा। आॅटो वालों का शोषण करने वाले पफायनेंसरों व दलालों को जेल भेजा जाएगा।
25.4 पुलिस की दादागिरी और रिश्वतखोरी को बंद किया जाएगा। आॅटो की ज़ब्ती पर रोक लगा दी जाएगी। शाम को घर जाते वक्त या इमरजैंसी में रिफ्रयूजल पर सज़ा नहीं होगी।
25.5 आॅटो का किराया एक निश्चित पफार्मूले के हिसाब से साल में दो बार तय किया जाएगा। अगर महंगाई बढ़ी तो किराया बढ़ेगा और महंगाई कम हुई है तो किराया घटेगा। आॅटो वालों को मीटर में वेटिंग मिलेगी।
25.6 धरा 66/192 । के दुरुपयोग को बंद किया जाएगा।
आॅटो वालों का व्यवहार ठीक करने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। ये सब कदम उठाने के बाद भी यदि आॅटो वाले नियम तोड़ते हैं और सवारियों के साथ बद्तमीज़ी करते हैं तो सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

26. यमुना में गंदगी और अतिक्रमण रोकेंगे
यमुना दिल्ली की जीवन रेखा रही है। यमुना के तट पर बसे इस शहर में आज न तो यमुना का पानी सापफ बच रहा है और न ही यमुना के तट की ज़मीन बच रही है। यमुना नदी 1300 किलो मीटर बहती है, लेकिन ये शर्म की बात है कि दिल्ली शहर के 22 किलोमीटर उसके 80 प्रतिशत प्रदूषण का कारण है। यमुना, जो दिल्ली की शान होनी चाहिए, एक गंदा नाला बनकर रह गई है। यह प्रदूषण यमुना में सीवेज बहाने की वजह से है। दिल्ली में घरेलू सीवेज और औद्योगिक गंदगी की सपफाई के लिए पर्याप्त ट्रीटमंेट प्लांट नहीं है। जहां प्लांट है उनका पर्याप्त इस्तेमाल नहीं हो रहा है। बिल्डरों और भ्रष्ट सरकार की जुगलबंदी दिल्ली की हरियाली और जलाशयों पचा गए।
यमुना को बचाने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार निम्नलिखित कदम उठाएगीः
26.1 आज दिल्ली में केवल 70 प्रतिशत इलाकों में सीवेज की लाइने हैं और सीवेज को इकट्ठा किया जाता है। जो इकट्ठा होता है उसकी भी सप़फाई ठीक से नहीं होती। आम आदमी पार्टी सुनिश्चित करेगी कि दिल्ली का 100 प्रतिशत सीवेज इकट्ठा करके उसकी सप़फाई की जाए। किसी भी हालत में सीवेज को यमुना में नहीं भेजा जाएगा।
26.2 पैफक्ट्री के कचरे की सपफाई के लिए बड़ी संख्या में एफ्रलुएंट ट्रीटमंेट प्लांट बनाए जाएंगे। दिल्ली जल बोर्ड के भ्रष्टाचार के कारण कई प्लांट बहुत सालों से अध्ूरे पड़े हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा।
26.3 सरकारी ढील और भ्रष्टाचार के चलते यमुना के तट पर अक्षरधम मंदिर और काॅमनवेल्थ गेम्स विलेज जैसी अनेकों बिल्डिंगे बन गई हैं। इनके कारण यमुना में बाढ़ का दिल्ली शहर में घुसने का खतरा बढ़ गया है। यमुना तट पर अतिक्रमण एवं निर्माण कार्य तुरंत रोका जाएगा।

27. जलवायु का प्रदूषण घटाएंगे, रिज बचाएंगे
दिल्ली की गिनती विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में से है। दिल्ली में होने वाली आध्ी बीमारियां केवल हवा और पानी दूषित होने की वजह से हैं। शहर में तेज़ी से बढ़ते हुए वाहनों की मार हवा पर पड़ती है और पानी पर सीवेज कुप्रबंध् का असर है। आम आदमी पार्टी पर्यावरण संरक्षण को अपना एक महत्त्वपूर्ण एजेंडा मानती है। उफपर दिए गए बिंदुओं में पहले ही सौर उफर्जा, जल संचयन, सीवेज ट्रीटमेंट, पानी का पुनः उपयोग, कचरे को अलग-अलग करना और सार्वजनिक परिवहन का जिक्र हो चुका है। इसके अलावा पर्यावरण सुधर के लिए हम निम्नलिखित कदम उठाएंगे:
27.1 दिल्ली रिज इस महानगर का एकमात्रा जंगल है। इस पर लगे पेड़-पौध्े दिल्ली के पफेपफड़ों का काम करते हैं। यह भी सरकारी भ्रष्टाचार का शिकार हुआ है। ध्ीरे-ध्ीरे पेड़-पौध्े गायब हो रहे हैं। और बिल्डर पसर रहे हैं। सरकार वृक्षारोपण का नाम लेती है, लेकिन इस काम के लिए कंेद्र सरकार से मिले पैसे का इस्तेमाल भी नहीं करती। रिज पर अतिक्रमण एवं निर्माण कार्य पर पूर्णतः रोक लगाई जाएगी। जहां जंगल उजड़ा है, वहां दुबारा पेड़ लगाएं जाएंगे। वृक्षारोपण एवं पेड़ों की देख-रेख मोहल्ला सभा, वार्ड सभा के सहयोग से की जाएगी।
27.2 दिल्ली में आवारा जीव-जानवरों की दशा भी अत्यंत दर्दनाक हैं। सड़कों पर घूमती हुई गायें प्लास्टिक खाकर मर रही हैं। ऐसे जीवों की रक्षा के लिए दिल्ली के ‘एनीमल वेल्पेफयर बोर्ड’ को सलाहकार मात्रा की हैसियत से ऐसी एजेंसी में बदला जाएगा जो अपने पैफसले खुद ले सकें और उन्हें लागू कर सके।
27.3 वायु प्रदूषण को घटाने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि सड़क पर कारों की संख्या और उनका प्रदूषण कम हो सके। सी.एन.जी. जैसे कम प्रदूषण पैफलाने वाले ईंध्न को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

28. दलित और अन्य पिछड़े समाज के संवैधनिक अध्किारों की रक्षा होगी

28.1 कानून के मुताबिक सरकार को अपने बजट का एक हिस्सा अनुसूचित जाति ;एस.सी.द्ध श्रेणी के लोगों पर खर्च करना अनिवार्य है। इसे ‘एस.सी. काॅम्पोनेंट’ कहते हैं। दिल्ली सरकार अभी तक इस पैसे को एस.सी. श्रेणी के लोगों पर खर्च न करके अन्य मदोें पर खर्च करती रही है। जैसे 2012 में एस.सी. काॅम्पोनेंट प्लान के पैसों को काॅमनवेल्थ के खेलों पर खर्च कर दिया गया। इसके दोषियों को सख़्त सज़ा दिलवाई जाएगी और भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एस.सी. कोम्पोनेन्ट का पैसा एस.सी. श्रेणी के लोगों पर ही खर्च हो।
28.2 दिल्ली सरकार के तहत आने वाली नौकरियों एवं शैक्षणिक संस्थाओं में अनुसूचित जाति, जन-जाति एवं अन्य पिछड़ी जातियों के आरक्षण को कायदे से लागू किया जाएगा। रिक्त पद भरे जाएंगे।
28.3 दलित समाज के उद्यमी को सस्ते या शून्य ब्याज पर कामकाज खोलने के लिए लोन दिलाया जाएगा। भ्रष्टाचार और कागजी कार्रवाई की वजह से लोन लेने में दिक्कतें आती हैं। भ्रष्टाचार खत्म किया जाएगा और प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
28.4 जाति प्रमाण-पत्रा लेने में आज बहुत दिक्कतें आती हैं। इसे सरल बनाया जाएगा। हो सके तो यह अध्किार मोहल्ला सभा को दिया जाएगा।

29. बाल्मिकी समाज को इज्जत की जिंदगी और नए रोजगार मिलेंगे
सदियों से बाल्मिकी समाज छूआछूत और अन्याय का सामना कर रहा है। बाल्मिकी समाज को कांग्रेस ने अपना वोट बैंक बनाकर रखा है, लेकिन उनके लिए किया कुछ नहीं। जहां एक तरपफ एम.सी.डी. में बीजेपी की सरकार है, वहीं दूसरी तरपफ एन.डी.एम.सी. और दिल्ली में कांग्रेस की सरकार है। दोनों ने ही सपफाई कर्मचारियों को ठेकेदारों के हाथों शोषण के लिए छोड़ दिया है। दोनों ही पार्टियों ने इस समाज को शिक्षा, रोजगार और सम्मान की जिंदगी से वंचित रखा। आम आदमी पार्टी बाल्मिकी समाज के लिए निम्नलिखित कदम उठाएगी -
29.1 बाल्मिकी समाज के साथी कई-कई सालों से सप़फाई कर्मचारी का काम कर रहे हैं। उन्हें एवजी और दिहाड़ी की नौकरी में लटका कर रखा जाता है, और अब ठेकेदारी प्रथा के चलते पक्की नौकरी दी ही नहीं जाती। आम आदमी की सरकार ठेकेदारी को खत्म करेगी, सालों से काम कर रहे सप़फाई कर्मचारियों को पर्मानेंट करेगी और आगे से नियमित तरीके से पक्की भर्ती करेगी। सपफाई कर्मचारी को कैरियर में प्रोमोशन और पढ़-लिखकर अन्य पोस्ट लेने का मौका मिलेगा।
29.2 अगर आज भी बाल्मिकी समाज सपफाई पेशे में पफंसा है तो इसका सबसे बड़ा कारण है कि उन्हें अच्छी शिक्षा नहीं मिलती। गरीब होने की वजह से वो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजते हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की हालत इतनी खराब है कि उनके बच्चे भी बड़े होकर सप़फाई का काम ही करते हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधरना आम आदमी पार्टी की सबसे पहली प्राथमिकता होगी। बाल्मिकी समाज के बच्चे पढ़ाई बीच में न छोड़ दें और काॅलेज, विश्वविद्यालय में पढ़ें इसके लिए विशेष स्कीम बनाई जाएगी।
29.3 आज जहां दूसरे समुदायों के लोग रोज़गार के नए अवसर पाकर तरक्की की नई उफचाइयों को छू रहे हैं, बाल्मिकी समाज को रोजगार के नए अवसरों से दूर ही रखा गया। आम आदमी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि बाल्मिकी समाज के युवाओं के साथ भेदभाव खत्म हों और उन्हें अन्य क्षेत्रों में भी सम्मानजनक काम मिले। वे अपना खुद का व्यवसाय खोल सकें, इसके लिए उन्हें कम ब्याज पर आसानी से लोन मुहैया कराया जाएगा।
29.4 नालों में उतरने वाले कर्मचारी को वैसे ही मास्क, लिबास, मशीन और बीमा हासिल होगा जैसे पफायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को होता है।

30. मुस्लिम समाज को अमन, इंसापफ और बराबरी के अवसर दिलाएंगे
पिछले 66 सालों में हमारे देश के मुसलमान कांग्रेस को वोट देते आए हैं। कांग्रेस को वोट देना मुसलमानों की मज़बूरी थी। हर बार चुनावों में मुसलमानों को बीजेपी का डर दिखाया जाता है। फ्कहीं बीजेपी सत्ता में ना आ जाएय्- इस डर से मुसलमान हर बार कांग्रेस को वोट देता है। कांग्रेस ने मुसलमानों को जानबूझकर पिछड़ा रखा ताकि उन्हें वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया जा सके।
हज़ारों छोटे-बड़े दंगे, पिछड़े हुए उर्दू माध्यम स्कूल, मदरसों की बदहाली, सलाखों के पीछे सड़ते निर्दोष मुस्लिम युवा, भ्रष्ट वक्पफ बोर्ड, आरक्षण का झुंझुना, निष्ठुर एवं निठल्ला अल्प संख्यक आयोग- यह सब मुसलमानों के साथ धेखे की गवाही देते हैं। केन्द्र और दिल्ली दोनों जगह कांग्रेस की सरकार है लेकिन पिफर भी दिल्ली का मुसलमान दहशत में जीता है। पिछड़ेपन और भेदभाव का शिकार है। और अपने ही घर में किरायेदार जैसा जीवन जीने को मजबूर है।
आम आदमी पार्टी इस देश में साम्प्रदायिक द्वेष और दंगे बंद कराके अमन और चैन कायम करना चाहती है। इसके लिए भाजपा की साम्प्रदायिकता और कांग्रेस की वोट बैंक राजनीति दोनों का विरोध् करने की जरूरत है। आम आदमी पार्टी मुसलमानों को बराबर का हक़ दिलाना चाहती है, उन्हें सुरक्षा देना चाहती है और उनके मन से दहशत दूर करना चाहती है। इसके लिए आम आदमी पार्टी की सरकार निम्नलिखित कदम उठाएगीः
30.1 बेबस एवं बेगुनाह लोगों को झूठे मामलों में पफंसाने की वारदातों को बिल्कुल बंद किया जाएगा। अगर कोई पुलिस वाला किसी बेगुनाह को झूठे केस में पफंसाता है तो उसके खिलापफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। न्याय व्यवस्था को दुरूस्त किया जाएगा ताकि किसी भी केस का पफैसला छः महीने से एक साल में आ सके। आतंकवाद के शक में जो युवा पकड़े गए हैं उन पर जल्द से जल्द मुकदमा चलाया जाएगा। अगर कोई दोषी है तो उसे सख़्त सज़ा दी जाए। निर्दोष व्यक्ति को सालों तक जेल में सड़ना नहीं पड़ेगा।
30.2 गरीब होने की वजह से ज़्यादातर मुसलमान अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजते हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की हालत बेहद खराब है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधरना आम आदमी पार्टी की सबसे पहली प्राथमिकता होगी। स्कूलों के दाखिले में मुसलमान बच्चों के साथ भेदभाव की शिकायतों पर गंभीरता से जांच की जाएगी।
30.3 उर्दू भाषा को सभी स्कूलों और सरकारी कामकाज में दूसरी भाषा का दर्जा वास्तव में दिया जाएगा।
30.4 आज पिछड़े और कम पढ़े-लिखे होने की वजह से मुसलमान छोटे-मोटे कारोबार, रेहड़ी-पटरी आदि लगाकर अपना गुज़र-बसर करते हैं। छोटे कारोबार की सुरक्षा के लिए कानून पास करके गरीब आदमी को ईमानदारी से काम करने की इज़ाजत दी जायेगी।
30.5 दिल्ली वक्पफ बोर्ड को सरकारी दलालों के चंगुल से छुड़ाया जायेगा और वक्पफ का प्रबंध्न समाज के ईमानदार प्रतिनिध्यिों के हाथ सौंपा जाएगा। वक्पफ की संपत्ति को सरकार और गैरकानूनी कब्जे से छुड़ाया जाएगा।
30.6 कब्रिस्तानों के लिए जमीन की कमी की समस्या को सुलझाया जाएगा।

31. सिख कत्लेआम के शिकारों को न्याय और पुनर्वास दिलाएंगे
दिल्ली के सिख समुदाय के मन में आज भी 1984 के शर्मनाक कत्ले-आम का दर्द आज भी नहीं गया है। आम आदमी पार्टी की सरकार:
31.1 सन् 1984 में हुए सिक्खों के कत्त्लेआम के दोषियों को सज़ा दिलवाने की पूरी कोशिश करेगी। जिन मामलों को गलत तरीके से बंद कर दिया गया, उनकी पुनर्समीक्षा की जाएगी। ऐसे कई मामले हैं, जिनमें जांच ठीक से नहीं की गई अथवा सभी गवाहों के बयान नहीं लिए गए। इन सभी मामलों में न्याय दिलवाने की कोशिश की जाएगी।
31.2 1984 कत्लेआम दंगों के शिकार परिवार आज तिलक विहार जैसी दिल्ली की कुछ बस्तियों में रहते हैं। यहां पर इनकी हालत बहुत खराब है। इनके मकान टूटे हुए हैं, छते गिर रहीं हैं, बच्चों के लिए कोई स्कूल नहीं है, कोई अस्पताल नहीं है, कोई रोजगार नहीं है। इन परिवारों के पुनर्वास के लिए आम आदमी पार्टी पूरा प्रयास करेगी।

32. पंजाबी और उर्दू को सचमुच दूसरी भाषा का दर्जा देंगे
आम आदमी पार्टी दिल्ली के भाषाई अल्पसंख्यकों के अध्किारों का सम्मान करेगी और इस दिशा में निम्नलिखित कदम उठाएगी:
32.1 उर्दू और पंजाबी को दिल्ली में कानूनन दूसरी भाषा का दजऱ्ा तो दिया गया है, लेकिन इसे अब व्यवहार में लागू कराया जाएगा।
32.2 दिल्ली के सरकारी स्कूलों मंे उर्दू और पंजाबी को वैकल्पिक भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा। दिल्ली प्रशासन के नियंत्राण में चलने वाले काॅलेजों में शिक्षकों के रिक्त पद भी भरे जाएंगे। दिल्ली विश्वविद्यालय में चार सालाना कोर्स ;थ्ल्न्च्द्ध के लागू होने के बाद भारतीय भाषाओं की गिरावट को रोका जाएगा।
32.3 अम्बेडकर और इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में पंजाबी और उर्दू के अध्ययन, अध्यापन और शोध् की जगह बनाई जाएगी।
32.4 संस्कृत की पढ़ाई और शोध् को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
32.5 दिल्ली देश की तमाम भाषाओं का संगम है। यहां बसने वाले सभी भाषाई अल्पसंख्यकों की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान के लिए सरकार समुचित कदम उठाएगी।
33. अक्षम ;डिसेबल्डद्ध लोगों की जरूरतों और अध्किारों की रक्षा करेंगे
आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली को शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम नागरिकों के लिए देशभर के लिए एक माॅडल बनने का प्रयास करेगी:
33.1 विकलांग ;च्ॅक्द्धकी परिभाषा का विस्तार किया जाएगा और उनके लिए किए गए तीन प्रतिशत आरक्षण को गंभीरता से लागू किया जाएगा।
33.2 अक्षम / विकलांग बच्चों को सामान्य स्कूलों में दाखिले में मदद की जाएगी और उनके लिए बने विशेष स्कूलों और संस्थाओं को मदद बढ़ाई जाएगी।
33.3 विकलांग नागरिकों की जरूरतों और अध्किारों की रक्षा के लिए एक विशेष संस्था का गठन किया जाएगा।
33.4 दिल्ली की सरकारी बिल्डिंग, शैक्षणिक संस्थान, सार्वजनिक संस्थान और मनोरंजन स्थलों में रैंप और लिफ्रट बनाने को प्राथमिकता दी जाएगी।

34. अन्य सभी वंचित वर्गाें के हितों का विशेष ध्यान रखेंगे
34.1 दिल्ली में कई घुमन्तु समाज ;छज्ध्क्छज्द्ध अब बसने लगे हैं। लेकिन वे पुलिस, प्रशासन और समाज से भेदभाव का शिकार हैं। इस भेदभाव को बंद किया जाएगा।
34.2 दिल्ली के किन्नर समाज के लोगों को पुलिस की प्रताड़ना, सरकारी सेवाओं में भेदभाव, सरकारी कागज़ों में पुरूष / महिला घोषित करने की मजबूरी जैसी समस्याओं से निजात दिलाई जाएगी।

35. संस्कृति और खेल
35.1 दिल्ली के हर विधनसभा क्षेत्रा में एक पब्लिक लाइब्रेरी खोली जाएगी। इसकी देख-रेख स्थानीय मोहल्ला सभाओं की निगरानी में होगी।
35.2 दिल्ली में अनेकों म्यूजि़यम हैं जिनमें भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक ध्रोहर है। परंतु यह सारे म्यूजि़यम बहुत बुरे हाल में हैं। इन सब की देख-रेख की व्यवस्था को ठीक किया जाएगा। म्यूजि़यमों को रोचक बनाया जाएगा और स्कूलों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे नियमित तौर पर बच्चों को वहां लेकर आएं।
35.3 हर वार्ड में लड़के-लड़कियों के लिए खेलकूद के मैदान व सुविधएं बनाई जाएंगी, जिनकी देख-रेख स्थानीय मोहल्ला / वार्ड सभाएं करेंगी।
35.4 दिल्ली की सभी स्पोर्ट्स अथाॅर्टीज़ को आरटीआई कानून और लोकपाल के तहत लाया जाएगा। इन सब में होने वाले भ्रष्टाचार पर सख़्ती से रोक लगाई जाएगी।
35.5 काॅमनवेल्थ गेम्स के दौरान खेल-कूद की सुविधओं को दिल्ली के खिलाडि़यों के लिए उपलब्ध् करवाया जाएगा। इनके रख-रखाव की व्यवस्था होगी।
35.6 हर मोहल्ले या वार्ड मे बुजुर्गों के लिए मनोरंजन केन्द्र खोले जाएंगे जहां वे सुकून के साथ कुछ समय गुजार सकें।

36. संकल्प पत्रा का क्या होगा अथवा जवाबदेही कैसे?
चुनावी घोषणा पत्रों को कोई याद नहीं रखता। पार्टियां जानती हैं कि यह चुनाव से पहले की रस्म अदायगी है। ध्ीरे-ध्ीरे जनता भी समझ गई है कि पार्टियों और नेताओं को ये वादे याद दिलाना भी बेकार है। राजनीति में सिर्पफ राज है, नीति नहीं बची है।
आम आदमी पार्टी देश की राजनीति को बदलने की शुरूआत है। यह संकल्प पत्रा हमारे लिए एक पवित्रा दस्तावेज़ हैं। यह सिर्पफ जनता से नहीं, अपने आप से वादा है। आम आदमी पार्टी का जन्म ही सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही की मांग से हुआ है। इसलिए हम जवाबदेही को अपने कामकाज में सबसे उफपर रखना चाहते हैं। हम अपने संकल्पों पर खरे उतरें और जनता इसकी जांच कर सके इसके लिए आम आदमी पार्टी की सरकार निम्नलिखित कदम उठाएगीः
* मुख्यमंत्राी के दफ्रतर में एक स्पेशल सेल बनाएंगे। यह सेल इसी संकल्प पत्रा पर ही नहीं, आम आदमी पार्टी द्वारा जारी किए गए 70 विधनसभा क्षेत्रों में हर एक संकल्प पत्रा लागू करवाने पर नज़र रखेगा।
* यह सेल सभी विभागों के माध्यम से संकल्प पत्रों के सभी बिंदुओं को लागू करवाएगा और इस बारे में जनता की शिकायतों का जवाब देगा।
* यह सेल नियमित रूप से वेबसाइट के माध्यम से जनता को जानकारी देता रहेगा कि किन वादों पर कितना काम हो चुका है। अगर किसी संकल्प को पूरा करने में कोई दिक्कत आ रही है या देर लग रही है तो उसके कारण जनता को साप़फ-साप़फ बताए जाएंगे।
*मुख्यमंत्राी हर साल मंे एक बार जनता के सामने संकल्प पत्रा को लागू करने पर रिपोर्ट-कार्ड प्रस्तुत करेंगे।
* आम आदमी पार्टी का हर विधयक भी हर साल अपने क्षेत्रा की जनता के सामने अपने विधनसभा के संकल्प पत्रा की रिपोर्ट पेश करेगा।
37. एक वादा अपने आप से
चुनाव में पार्टियां वोटर से अपील करती हैं। सरकार एक बार पिफर राजपाट मांगती हैं। पार्टियां एक मौका मांगती हैं। नेता कुर्सी मांगते हैं। जनता इस खेल को देखती है। चुनाव होते हैं, लेकिन चुनने को कुछ नहीं होता। इसलिए ले-देकर जनता भी इन खिलाडि़यों में से किसी एक को वोट डालने को मजबूर हो जाती है। इस खेल को देखते-देखते हम-आप इसका शिकार बन जाते हैं।
इस बार का दिल्ली विधनसभा चुनाव इस पुराने खेल से अलग है। मैदान में पुराने खिलाडि़यों के साथ-साथ एक नया विकल्प भी है। इस बार हम यह नहीं कह सकते कि सब पार्टियां एक जैसी हैं। इस बार वी.आई.पी. नेता हैं तो दूसरी तरपफ ईमानदारी का संघर्ष करने वाले आम आदमी। इस बार सच और झूठ की लड़ाई है। यह चुनाव नहीं ध्र्मयु( है। आपको पैफसला करना है कि आप ध्र्म के साथ हैं या अध्र्म के साथ।
आम आदमी पार्टी आपसे वोट मांगने नहीं आई है। हम इस चुनाव में राजपाट और कुर्सी हासिल करने के लिए नहीं उतरे हैं। अगर हम कुछ मांगते हैं तो सिर्पफ इतना ही कि आप अपने आप में भरोसा करें, अपनी आत्मा की आवाज़ सुनें। यह चुनाव पार्टियों की जीत-हार का खेल नहीं है। यह हमारी अपनी जीत-हार का दांव है। आम आदमी पार्टी आपसे कोई वादा नहीं करती। बल्कि हम आप से एक वादा मांगते हैं। इस बार दिल्ली की सरकार चुनते वक्त हम रिश्ते-नाते नहीं देखेंगे, जात-बिरादरी को भूल जाएंगे, पैसा और शराब बांटने वालों को ठोकर मार देंगे। वोटिंग मशीन के सामने खड़े होकर हम अपने बच्चों का भला-बुरा सोचेंगे, अपने शहर का भविष्य देखेंगे, अपने देश के लिए नया सपना बुनेंगे। हम आम आदमी पार्टी के ज़रिए अपने आपको एक मौका देंगे।

आम आदमी पार्टीकार्यालयः ए-119, कौशांबी, गाजि़याबाद, उ0प्र0-201010, फोनः 9718500606,

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