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धरने पर बैठे 1983 पीटीआई टीचर्स की जायज मांगों को दिया समर्थन

June 26, 2020 11:57 PM

गुरुग्राम: आम आदमी पार्टी हरियाणा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, गुरुग्राम के पूर्व जिला अध्यक्ष व लीगल सैल गुरुग्राम अध्यक्ष एडवोकेट आशा सिंह ने धरने पर बैठे पीटीआई टीचर की जायज मांगों का किया समर्थन।

आम आदमी पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध नहीं है, और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध कोई भी सरकार या व्यक्ति हो भी नहीं सकते हैं, परंतु अपने नागरिकों के लिए सरकार मां-बाप समान होती है। जिस प्रकार माता-पिता अपने बच्चों का संरक्षण करते हैं, उसी प्रकार सरकार को भी अपने हर नागरिक को संरक्षण देना चाहिए। 2010 में चाहे जो भी सरकार रही हो, उस सरकार द्वारा 1983 पीटीआई टीचर्स भर्ती किए गए। उन्हें सरकार द्वारा स्थाई व उनका प्रमोशन भी किया गया। आज 10साल बाद 2020 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए हरियाणा सरकार ने 10साल पुराने पक्के व प्रमोशन प्राप्त किए हुए 1983 पीटीआई टीचर्स को अचानक नौकरी से निकाल दिया है, जो कि आज इन टीचर के साथ अन्याय हुआ जैसा प्रतीत हो रहा है, क्योंकि उस समय की सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी द्वारा इनका सिलेक्शन किया गया था। यदि भविष्य में भी इसी प्रकार से भर्ती किया जाना व उन्हें10 साल बाद नौकरी से निकाले जाना जारी रहा तो यह अपने आप में ना केवल उन कर्मचारियों के साथ अन्याय होगा, बल्कि उनके परिवार बच्चों के साथ भी अन्याय होने के समान प्रतीत होता है। 15साल में तो कर्मचारी पेंशन के हकदार भी हो जाते हैं, और उन्हें 10साल में इस प्रकार से नौकरी से निकालना उनकी जिंदगी तबाह करने जैसा है, क्योंकि अब उनकी उम्र भी बीत गई है, और उम्र ज्यादा होने की वजह से अब ये सभी पीटीआई टीचर्स कहीं अन्य स्थान पर नौकरी प्राप्त करने के लिए पात्र भी नहीं रहें हैं।

बताया जाता है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना यह फैसला उस समय की सिलेक्शन कमेटी द्वारा बरती गई अनियमितताओं के कारण देना पड़ा है, तो दंड भी उसी समय की भर्ती करने वाली सिलेक्शन कमेटी के पदाधिकारियों, उस समय की सरकार के जिम्मेदार मंत्रियों व जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को मिलना चाहिए, ना कि इन पीटीआई टीचर्स को।
माता-पिता जैसे सरकार हमारी संरक्षक होती है, और किसी भी सरकार को अपने नागरिकों का संरक्षक होना भी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान भी रखते हुए सरकार को अपनी संरक्षक होने की भूमिका भी निभानी चाहिए, और इस नाते उन्हें अपने नागरिकों यानि 1983 पीटीआई टीचर्स की 10साल की पक्की नौकरी चली जाने का दर्द महसूस करते हुए उन्हें अतिरिक्त वेटेज मार्क्स देकर नई भर्ती के दौरान इन सभी का सिलेक्शन/बहाली सुनिश्चित करके एक्स्ट्राऑर्डिनरी प्रावधानों द्वारा 10साल की सीनियोरिटी दी जानी चाहिए। इस मौके पर आम आदमी पार्टी की एडवोकेट आशा सिंह लीगल सेल प्रेसिडेंट व पीटीआई टीचर एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी गण व सदस्य उपस्थित रहे।

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