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Delhi Election

दिल्ली से पूछ कर दिल्ली का बजट|

April 20, 2015 01:15 PM

आम आदमी पार्टी की सरकार आम लोगों से पूछकर दिल्ली का बजट तैयार कर रही है। रविवार को इसकी शुरुआत पटपड़गंज विधानसभा से हुई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में वेस्ट विनोद नगर की आमसभा में लोगों ने अपनी जरूरतें बताईं। इसके आधार पर सरकार ने इलाके के विकास की प्राथमिकता तय की। इसके बाद संजय झील व मयूर विहार फेज-दो में भी सभाएं की गईं।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली, मुंबई में लोगों की सरकार है, लेकिन अपने मोहल्ले में लोग ही सरकार हैं। यह आम लोगों की संसद है। लोकतंत्र फिलहाल पंचवर्षीय कसरत बनी हुई है। चुनाव के बाद नेता भगवान बन जाते हैं। साथ ही आम लोगों के पैसे का दुरुपयोग होता है। प्रयोग के तौर पर दिल्ली सरकार मोहल्ला सभा शुरू कर रही है। अगर सरकार को सफलता मिल गई तो देश के लोकतंत्र में बड़ा बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि लोगों की जरूरतों को सरकारी अधिकारी पूरा करेंगे। सीएम और डिप्टी सीएम खुद इसकी प्रगति पर नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि यह छोटी शुरुआत है। बड़े सपने का छोटा कदम है। सभाओं से निकलने वाले बड़े प्रोजेक्ट का बजट विधानसभा में पास होगा। इसीलिए जनता को थोड़ा धैर्य रखना होगा। केजरीवाल ने कहा कि भविष्य में ठेकेदारों को भुगतान तभी होगा, जब जनता उस पर सहमति देगी। इससे ठेकेदार अपने काम में लापरवाही नहीं कर सकेगा।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि बंद कमरों में लिए गए फैसलों में भ्रष्टाचार की गुंजाइश रहती है। जबकि आम लोगों के बीच बैठकर बजट तैयार करना ज्यादा भरोसेमंद है। दिल्ली सरकार का सालाना बजट करीब 40,000 करोड़ रुपये का है।

हर तरह के खर्च के बाद अलग-अलग विभागों से करीब 16,000 करोड़ रुपये बच जाता है। इस साल इसका कुछ हिस्सा 11 विधानसभाओं के लोगों से पूछकर खर्च होगा। प्रयोग अगर सफल रहा तो अगले वित्तीय वर्ष में पूरी दिल्ली का बजट आम लोगों की मर्जी से बनेगा।

सभा में सबसे पहले लोगों को बताया गया कि उनके इलाके में इस साल 50 लाख रुपये खर्च होने हैं। वह अपनी राय बताएं कि कौन सा एक काम वह प्राथमिकता के आधार पर करवाना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें सादे कागज भी दिए गए। लोगों ने लिखित तौर पर अपनी मर्जी बताई। इसके बाद प्राथमिकताएं तय की गईं। फिर आम लोगों के बीच से निकले मुद्दों पर वोटिंग हुई। आखिर में सबसे पहले उन कामों को कराने का फैसला लिया गया, जिसे सबसे ज्यादा वोट मिले।

11 विधानसभाओं में हो रहा प्रयोग

11 विधानसभाओं में मोहल्ला सभाएं कराएंगी। इसमें पटपड़गंज, बवाना, ओखला, करावल नगर, द्वारका, शाहदरा, छतरपुर, शालीमार बाग, किराड़ी, सदर बाजार और तिलक नगर शामिल हैं। इसकी शुरुआत पटपड़गंज से हुई। इस मौके पर सभी 11 विधायक और संबंधित जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र को 35 से 50 मोहल्लों में बांटा गया है। अगले शनिवार और रविवार को करीब दो सौ मोहल्ला सभाएं होंगी। अमूमन हर मोहल्ले के लिए 50 लाख रुपये का बजट रखा गया है। मई के अंत तक में मिले सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा।

मंगलम के नजदीक वेस्ट विनोद नगर के ई-ब्लॉक में हुई पहली मोहल्ला सभा में लोगों का बहुमत लाइब्रेरी बनवाने पर रहा। 230 लोगों ने लाइब्रेरी के वोट डाले। जबकि सड़कों की मरम्मत के लिए 210 लोगों की रजामंदी थी।


संजय झील की सभा में सीवर लाइन पर बहुमत:
करीब दो हजार की सभा का बहुमत सीवर लाइन के विकास पर रहा। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मुताबिक, आम लोगों की राय से पचास लाख रुपये के बजट में सबसे पहले सीवर लाइन डाली जाएगी। अगर बजट बढ़ता है तो दूसरे काम करवाए जाएंगे। वोटिंग के दौरान 1206 लोगों ने सीवर लाइन डलवाने पर मुहर लगाई। जबकि पानी की पाइन लाइन के लिए 785 वोट मिले।

मयूर विहार को चाहिए सीसीटीवी
मयूर विहार फेज-दो पॉकेट एफ की मोहल्ला सभा में लोगों का बहुमत सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद करने पर था। लोगों की राय थी कि इलाके में सीसीटीवी लगवाए जाएं। वहीं, सड़कों की मरम्मत, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पुरानी सीवेज लाइन में बदलाव व डिस्पेंसरी की मांग भी उठी। इसके अलावा अवारा कुत्तों से होने वाली परेशानी का भी लोगों ने जिक्र किया। सीसीटीवी लगवाने का काम प्राथमिकता के आधार पर होगा।

जल बोर्ड ने टूटी सड़क की नहीं की मरम्मत
वेस्ट विनोद नगर की सभा में लोगों ने शिकायत की कि पाइपलाइन डालने के बाद भी जल बोर्ड ने टूटी सड़क की मरम्मत नहीं की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने संबंधित इंजीनियर को तलब किया। साथ ही जिलाधिकारी को मौके का मुआयना करने का निर्देश दिया। दूसरी तरफ एक बुजुर्ग महिला पेंशन न मिलने की शिकायत करने लगी। तभी सभा में मौजूद लोगों ने ऐतराज जताया कि इसके पास अपना मकान है। पैसा भी अच्छा खासा है। लिहाजा इन्हें पेंशन की जरूरत नहीं है। इसके बाद महिला से शिकायत वापस ले ली।

 

संजय झील के सभा में बच्चों ने भी अपनी भड़ास निकाली। उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के सामने बच्चों ने दो टूक शब्दों में कहा कि स्थानीय गेंदालाल सरकारी स्कूल में अध्यापक ही नहीं आते।

फिर सफाई गंदगी भी बहुत रहती है। मिड डे मील भी बेहद खराब रहता है। सिसोदिया ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह स्कूल का मुआयना कर संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई करें।

संजय झील की सभा बेशक स्लम बस्ती के नजदीक थी। लेकिन मौके से स्लम विभाग के अधिकारी नदारद थे। बार-बार पुकारने के बाद भी जब अधिकारी नहीं आए तो उपमुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारी को तलब किया जाए। उपयुक्त कारण न मिलने पर उस पर सख्त कार्रवाई हो।

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