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पैट्रोल और डीज़ल के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी करके PM नरेंद्र मोदी ने देश की जनता के जेब पर दिन दहाड़े मारा डाका: राघव चड्ढा

September 01, 2018 06:05 PM

PM नरेंद्र मोदी 8 लाख करोड़ के सुनियोजित घोटाले नोटबंदी के नाम पर देश में हुई सैकड़ो मौतों के लिए देश की जनता से माफ़ी मांगे : दिलीप पाण्डेय

 पार्टी कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए आप नेता और आप  साऊथ दिल्ली लोकसभा के प्रभारी राघव चड्ढा ने नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए, बढ़ते पेट्रोल के दामों पर जो तत्कालीन सरकार के खिलाफ बयान दिया था, वो दिखाते हुए कहा कि आज मोदी जी को अपने सारे पुराने बयान उठा कर देखने चाहिये। उन्होंने कहा की इस देश में आज दो प्रकार की प्रतियोगिता चल रही है। पहले ये की रुपया ज्यादा तेज़ी से गिर रहा है या मोदी जी की लोकप्रियता ज्यादा तेज़ी से गिर रही है और दूसरी ये की पेट्रोल और डीज़ल के दाम ज्यादा तेज़ी से बढ़ रहे हैं या देश में मोदी जी के खिलाफ एंटी इन्कम्पेंसी ज्यादा तेज़ी से बढ़ रही है। और इन दोनों ही प्रतियोगिताएं में मोदी जी कांटे की टक्कर दे रहे हैं।

मई 2014 में जब मोदी जी का कार्यकाल शुरू हुआ तब अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत 108 डॉलर प्रति बेरल के लगभग थी और 2014 से 2018 के बीच एक समय ऐसा आया जब कच्चे तेल के दाम 30 रूपए प्रति बेरल तक आ गए लेकिन देश की जनता को रत्ती भर भी उसका फायदा नहीं मिला। कच्चे तेल के दाम कम होने का जो फायदा देश की जनता को होना चाहिए था, वो मोदी जी ने पिछले 4 साल में पेट्रोल पर लगभग 200% और डीज़ल पर 400%, अलग-अलग समय पर बारह बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ा-बढ़ा कर अपनी और अपने मित्रो की जेब में डाल लिया।

एक्साइज ड्यूटी के माध्यम से की गई इस चोरी से मोदी सरकार के खजाने में 10 लाख करोड़ की वृधि हुई है।

 प्रेस वार्ता में मौजूद उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा के प्रभारी दिलीप पाण्डेय ने नोटबंदी पर बात करते हुए कहा कि आरबीआई के हाल ही में जारी किये गए आंकड़ो से एक बार फिर ये साफ़ हो गया है कि नोटबंदी इस देश के 70 सालों के इतिहास का सबसे बड़ा लगभग 8 लाख करोड़ का एक सुनियोजित घोटाला है। आरबीआई के मुताबिक दावा था की लगभग 15 लाख 41 हजार करोड़ के नोट चलन में है, जिसमे से लगभग 15 लाख 32 हज़ार करोड़ के नोट वापस आ गए हैं, और अभी इसमें सहकारी बेंको का पैसा शामिल नहीं है। अर्थात लगभग सारा पैसा वापस आ गया है, तो सवाल ये उठता है कि वो जो तीन चार लाख करोड़ के काले धन की बात की जाती थी वो कहा गया। जनता सरकार से सवाल पूछ रही है लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं है।

दिलीप पाण्डेय ने कहा की ये प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय की मुर्खता की नहीं तो और किया है कि नए नोट छापने में ही 20 हजार करोड़ रूपए खर्च कर दिए। क्या ये पैसा किसी नेता की जेब से गया। नहीं ये इस देश की गरीब जनता की खून पसीने की गाढ़ी कमाई का पैसा था। 

मई 2014 में जब मोदी जी का कार्यकाल शुरू हुआ तब अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत 108 डॉलर प्रति बेरल के लगभग थी और 2014 से 2018 के बीच एक समय ऐसा आया जब कच्चे तेल के दाम 30 रूपए प्रति बेरल तक आ गए लेकिन देश की जनता को रत्ती भर भी उसका फायदा नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि जब ये नोटबंदी हुई तो देश में केवल एक व्यक्ति था जिसने कहा था की ये 8 लाख करोड़ का एक सुनियोजित घोटाला है, और वो थे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, ये बात कुछ लोगो को एक महीने बाद समझ आई, कुछ लोगो को एक साल बाद समझ आई, और कुछ लोगो को आज समझ आ रही है।

नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के बड़े बड़े नेताओं ने कुछ वादे किये थे। उन्होंने कहा था कि नोटबंदी से भ्रष्टचार ख़त्म हो जाएगा, नकली नोटों का कारोबार बंद हो जाएगा, और आतंकवाद ख़त्म हो जाएगा। लेकिन आज नोटबंदी को सफल साबित करने के लिए भाजपा के नेता जो उदहारण देते है, वो पिछले दावों से बिलकुल अलग है। नोटबंदी के समय किये गए दावों पर अब कोई भी भाजपा का नेता बात नहीं करना चाहता।

दिलीप पाण्डेय ने कहा कि नोटबंदी के समय मोदी जी ने देश की जनता से वादा किया था की मुझे 50 दिन दे दो, अगर सब ठीक नहीं हुआ तो जिस चौराहे पर कहोगे आ जाऊँगा और मुझे सूली पर लटका देना देश की जनता आज इंतजार कर रही है, कि मोदी जी अगर थोड़ी सी भी शर्म है तो कम से कम जनता के बीच आकर अपने इस 8 लाख करोड़ के घोटाले के लिए माफ़ी ही मांग लीजिये

मीडिया के माध्यम से दिलीप पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुछ सवाल पूछे, जो निम्न प्रकार हैं- 

1-मैंने मेहनत और इमानदारी की कमाई का अपना पैसा नोटबंदी में जमा किया था, मोदी जी बताओ कहाँ गया काला धन ?

2-मैंने मेहनत और ईमानदारी की कमाई का अपना पैसा नोटबंदी में जमा किया था, मोदी जी बताओ कहाँ गया नकली नोट ?

3-मैंने मेहनत और ईमानदारी की कमाई का अपना पैसा नोटबंदी में जमा किया था, मोदी जी बताओ क्या नक्सलियों की कमर टूटी ?

4-मैंने मेहनत और ईमानदारी की कमाई का अपना पैसा नोटबंदी में जमा किया था, मोदी जी बताओ क्या कश्मीर में पत्थरबाजी कम हो गई ?

अगर मोदी जी में ज़रा सी भी शर्म बची हैं, तो अपनी इस सुनियोजित घोटाले की वजह से देश में जो सैकड़ों लोगो की जाने गई हैं, उसके लिए ट्वीटर, फेसबुक, मन की बात, या किसी रैली के माध्यम से ही सही, देश की जनता से अपने इस कू-कृत्य के लिए माफ़ी मांग लें, देश की जनता का दिल बहुत बड़ा है, देश माफ़ कर देगा।

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