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कोर्ट के आदेशों के बावजूद केंद्र नहीं खरीद रहा है VVPAT

July 25, 2018 10:30 PM

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं खरीदी VVPAT मशीनें, 16 लाख 50 हज़ार VVPAT मशीनें खरीदने का कोर्ट में दिया था हलफनामा, अभी तक केवल 3 लाख 48 हज़ार ही खरीदी गई : सौरभ भारद्वाज

बुधवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 'जैसा कि आप सबको मालूम है कि EVM मशीन में होने वाली गड़बड़ी की शंकाओं को लेकर 2013 में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी और उस याचिका के जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए सभी EVM मशीनों को VVPAT मशीनों के साथ जोड़ा जाए, ताकि लोगों को पता चल सके कि उनका वोट उसी प्रत्याशी को गया है जिसे उन्होंने वोट दिया है। 

देश के कई राज्यों में और दिल्ली के एमसीडी के चुनाव में भाजपा की जीत के बाद साल 2017 में जब ये विवादास्पद मुद्दा फिर से उठा और सरकार एवं चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठे, तो बहुजन समाज पार्टी के साथ-साथ कई अन्य पार्टियों ने भाजपा द्वारा EVM मशीन में गड़बड़ी करने की शंका जताते हुए फिर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की। याचिका का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि केंद्र सरकार सुनिश्चित करे कि 2019 में होने वाले चुनाव में सभी EVM मशीनों को VVPAT मशीनों के साथ जोड़ा जाए।

देश के कई राज्यों में और दिल्ली के एमसीडी के चुनाव में भाजपा की जीत के बाद साल 2017 में जब ये विवादास्पद मुद्दा फिर से उठा और सरकार एवं चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठे, तो बहुजन समाज पार्टी के साथ-साथ कई अन्य पार्टियों ने भाजपा द्वारा EVM मशीन में गड़बड़ी करने की शंका जताते हुए फिर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की। याचिका का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि केंद्र सरकार सुनिश्चित करे कि 2019 में होने वाले चुनाव में सभी EVM मशीनों को VVPAT मशीनों के साथ जोड़ा जाए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार ने कोर्ट में एक हलफ़नामा दाखिल करते हुए कहा कि हम इलेक्शन कमीशन को पैसा देंगे और सुनिश्चित करेंगे कि 2019 के चुनाव में सभी EVM मशीनों को VVPAT के साथ जोड़ा जाए।

एक अंग्रेजी दैनिक में छपी खबर का हवाला देते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ये बेहद ही चौकाने वाली बात है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग इस मुद्दे पर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। केंद्र सरकार और चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे के अनुसार लगभग साढ़े सोलह लाख VVPAT मशीनों की ज़रुरत है। लेकिन 2014 के आदेश के बाद भी 2017 तक केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग को VVPAT मशीनें खरीदने के लिए कोई पैसा ही नहीं दिया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार साढ़े सोलह लाख मशीनें सितम्बर 2018 तक सभी डिस्ट्रिक्ट ओफिसिज़ में पहुँच जानी चाहिए थीं, ताकि इनकी टेस्टिंग की जा सके, परन्तु ये बेहद ही चौकाने वाली बात है कि अभी तक चुनाव आयोग द्वारा केवल 3 लाख 48 हज़ार मशीनें ही खरीदी गई हैं, अर्थात कुल मशीनों का केवल 22% ही अभी तक खरीदा गया है। केंद्र सरकार की ये लापरवाही एक बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करती है, ये दर्शाता है कि केंद्र सरकार ने 2019 में होने वाले चुनाव में गड़बड़ी करने और भाजपा को दोबारा भारी बहुमत से चुनाव जिताने की अभी से पूरी तैयारी कर ली है।

प्रेस वार्ता में मौजूद राज्यसभा सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा 'जैसा कि आप सबको याद होगा, सौरभ भारद्वाज ने विधानसभा में एक डुप्लीकेट मशीन द्वारा प्रयोग करके दिखाया था कि किस तरह से EVM मशीन में गड़बड़ की जाती है। देश के कई राज्यों में चुनाव के दौरान सामने आई घटनाओं जैसे कानपुर नगर निगम चुनाव, मध्य प्रदेश चुनाव, राजस्थान में धौलपुर के चुनाव, महाराष्ट्र के चुनाव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि, इन सभी चुनावों में एक बात समान थी कि आप वोट किसी को भी डालें पर वोट जाता बीजेपी को था, जो कि सिद्ध करता है कि भाजपा अपनी कानूनी शक्तियों का दुरूपयोग करके मशीनों में गड़बड़ी करती है, और धोखाधड़ी से चुनाव जीतती है।

सौरभ भरद्वाज द्वारा किये गए प्रयोग और पिछले कुछ सालों में देश के अलग-अलग राज्यों में चुनावों के दौरान सामने आई घटनाओं से ये साबित होता है कि EVM मशीन में गड़बड़ी की जा सकती है, और भाजपा इसी का फायदा उठाकर देश के आम नागरिक के लोकतान्त्रिक अधिकार का हनन कर रही है, और धोखेबाजी से चुनावों में जीत हासिल करती है।

मीडिया के माध्यम से संजय सिंह ने कहा कि जिन-जिन पार्टियों ने EVM मशीनों के ख़िलाफ़ विरोध दर्ज कराया है, मैं उन सबसे संपर्क करुंगा, और कोशिश करुंगा कि सब एकजुट होकर ईमानदार चुनाव प्रक्रिया के पक्ष में खड़े हों, साथ ही साथ संजय सिंह ने केंद्र और चुनाव आयोग से आग्रह किया कि दुनिया भर के देशों में बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाता है, आप भी धोखाधड़ी की ये राजनीती छोड़कर ईमानदारी से बैलेट पेपर प्रक्रिया से चुनाव कराने की प्रक्रिया को अपनाएं और चुनाव प्रक्रिया पर देश की जनता का जो भरोसा है उसे बरक़रार रखने में सहयोग करें।

 
 
 
 
 
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