Monday, May 25, 2020
Follow us on
Download Mobile App
BREAKING NEWS
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के लॉकडाउन उल्लंघन पर AAP सांसद संजय सिंह का बयान...लॉकडाउन में ढील के बाद बढ़े मरीज, लेकिन चिंता की बात नहीं, स्थिति नियंत्रण में: अरविंद केजरीवालकोरोना से जंग जीतने के बाद अब प्लाज्मा दान करेंगे आप विधायक विशेष रविमौत पर राजनीति कर रही भाजपा दिल्ली की जनता से माफी मांगे - राघव चड्ढामोगा सेक्स स्कैंडल-3 की सीबीआई से जांच करवाएं सीएम कैप्टन अमरिन्दर - हरपाल सिंह चीमाबिजली की करंट से बिहार की जनता को बचाए, तीन माह का बिल माफ करें सरकार: आपपंचायती राज प्रतिनिधियों को सुरक्षा देने में नाकाम हो रही कैप्टन सरकार: प्रो. बलजिन्दर कौरलंबित शिकायतों की तुरंत सुनवाई व निस्तारण करें विभाग: राजेन्द्र पाल गौतम
National

एक और बेइन्साफी है राजनाथ सिंह की ओर से 1984 की सिक्ख नरसंहार को भीड़तंत्र हत्या तक सीमित करना -आप

July 23, 2018 05:08 PM

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह की ओर से 1984 की सिक्ख नरसंहार को केवल भीड़ की ओर से कत्ल कर देने (लिंचिंग) तक सीमित करने का सख्त विरोधी किया है और इसे एक ओर बेइन्साफी करार दिया।

  'आप' मुख्य दफ्तर द्वारा जारी प्रैस ब्यान में पार्टी के सह-प्रधान डा. बलबीर सिंह ने कहा कि 1984 में दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में सिक्खों के खिलाफ हुई सोची समझी नरसंहार को सिर्फ भीड़ की ओर से कत्ल करने तक सीमित करके राजनाथ सिंह ने दुनिया भर में रहते पंजाबियों, इंसाफ पसन्दों खास कर पीडि़त सिक्ख कौम के दश्कों से ताजा पड़े जख्मों पर नमक छिडक़ा है। इस लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह इस ब्यान को तुरंत वापस लें और इमानदारी के साथ बताएं कि उस समय कांग्रेस हकूमत की नाक तले कई दिन चला सिक्खों का कत्लेआम वास्तव में नरसंहार था या नहीं? 

डा. बलबीर सिंह ने कहा कि 1984 में दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में सिक्खों के खिलाफ हुई सोची समझी नरसंहार को सिर्फ भीड़ की ओर से कत्ल करने तक सीमित करके राजनाथ सिंह ने दुनिया भर में रहते पंजाबियों, इंसाफ पसन्दों खास कर पीडि़त सिक्ख कौम के दश्कों से ताजा पड़े जख्मों पर नमक छिडक़ा है। 

 डा. बलबीर सिंह ने कहा कि अफसोस इस बात का है कि भाजपा ने भी 1984 के नरसंहार के पीडित सिक्खों को अपनी, सरकारों दौरान समयबद्ध इंसाफ देने में रूचि नहीं दिखाई। कांग्रेस से भी आगे गुजरते नरसंहार को पहले दंगे और अब भीड़तंत्र की ओर से किए गए कत्लेआम (लिंचिंग) कह दिया गया है। जबकि कानूनी धाराएं भी नरसंहार, दंगे और लिंचिंग को अलग-अलग प्रभाषित करती हैं। डा. बलबीर सिंह ने केंद्र में भाजपा के हिस्सेदार अकाली दल बादल के सरप्रस्त प्रकाश सिंह बादल, प्रधान सुखबीर सिंह बादल और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल से स्पष्टीकरण मांगा कि वह बताएं कि 1984 में सिक्खों के साथ जो कुछ हुआ वह नरसंहार था, दंगे थे या भीड़ की ओर से किया गया कत्लेआम (लिंचिंग) था?
    डा. बलबीर सिंह ने कहा कि यदि बादल राजनाथ सिंह के लिंचिंग वाले ब्यान के साथ सहमत हैं तो भले ही  सत्ता का सुख भोगें, अगर ऐसा नहीं है तो भाजपा से गठबंधन तोड़ कर पंजाब और पीडित सिक्खों के सामने अपनी असली सोच प्रगट करें।    

 
Have something to say? Post your comment
More National News
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के लॉकडाउन उल्लंघन पर AAP सांसद संजय सिंह का बयान...
लॉकडाउन में ढील के बाद बढ़े मरीज, लेकिन चिंता की बात नहीं, स्थिति नियंत्रण में: अरविंद केजरीवाल
कोरोना से जंग जीतने के बाद अब प्लाज्मा दान करेंगे आप विधायक विशेष रवि
मौत पर राजनीति कर रही भाजपा दिल्ली की जनता से माफी मांगे - राघव चड्ढा
बिजली की करंट से बिहार की जनता को बचाए, तीन माह का बिल माफ करें सरकार: आप
बिजली के बिल माफ करे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कांग्रेस की सरकार आप पार्टी
पंचायती राज प्रतिनिधियों को सुरक्षा देने में नाकाम हो रही कैप्टन सरकार: प्रो. बलजिन्दर कौर
हजारों किसानों-मजदूरों को उजाड़ कर लगाए उद्योग बर्दाश्त नहीं: हरपाल सिंह चीमा
लंबित शिकायतों की तुरंत सुनवाई व निस्तारण करें विभाग: राजेन्द्र पाल गौतम
AAP ने जयपुर में कोरोना वॉरियर्स डॉक्टरों का किया सम्मान