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पंजाब : जोधपुर के नजरबन्दों के साथ कांग्रेस की ओर से की गई बेइन्साफी पर माफी मांगें कैप्टन : आप

June 29, 2018 08:18 AM

पंजाब और पंजाबियों को भट्ठी में झोंकने के लिए कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा बराबर की जिम्मेदार -डा. बलबीर सिंह 

    आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जोधपुर जेल के नजरबन्दों पर राजनैतिक रोटियां सेकने की कोशिश न करें बल्कि समय की कांग्रेस सरकार की ओर से इन बेकसूर नौजवानों को जेलों में फैंक इन नजरबन्दों और इनके परिवारों की जिन्दगियां तबाह करने पर पश्चाताप करते हुए इनके समेत समूचे पंजाबियों से माफी मांगेें। 

डा. बलबीर सिंह के नेतृत्व में 'आप' नेताओं ने कहा कि यदि कैप्टन अमरिन्दर सिंह इन नजरबन्दों और इनके परिवारों के प्रति इतने ही सहृदय होते तो अदालती डंडे से पहले 2002 से 2007 दौरान इन बेकसूर नजरबन्दों के जख्मों पर मरहम लगा सकते थे, परंतु उन पांच वर्षों के दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ऐसे किसी बेकसूर की फरियाद नहीं सुनी।

'आप' द्वारा  जारी संयुक्त प्रैस ब्यान में पार्टी के सूबा सह-प्रधान डा. बलबीर सिंह, माझा जोन के प्रधान कुलदीप सिंह धालीवाल, मालवा जोन-1 के प्रधान नरिन्दर सिंह संधू, मालवा जोन-2 के प्रधान गुरदित्त सिंह सेखों, मालवा जोन-3 के प्रधान दलबीर सिंह ढिल्लों और दोआबा जोन के प्रधान डा. रवजोत सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी जोधपुर जेल के इन बेकसूर नजरबंद पंजाबियों सम्बन्धित अदालत की ओर से करीब तीन दश्कों की देरी के उपरांत सुनाए दरुसत फैसले का तो स्वागत करती ही है, परंतु इन नजरबन्दों को अदालत की ओर से मुआवजा देने के मामले में कांग्रेस और अकाली-भाजपा अपने-अपने राजनैतिक दाव खेल रही हैं, जबकि यह रिवायती पार्टियां पंजाब और पंजाबियों को इस कद्र भट्ठी में झोंकने वाली अपनी भूमिका से कभी भी मुनकर नहीं हो सकती, जो इतिहास के काले पन्नों में दर्ज हो चुकी है।
    डा. बलबीर सिंह के नेतृत्व में 'आप' नेताओं ने कहा कि यदि कैप्टन अमरिन्दर सिंह इन नजरबन्दों और इनके परिवारों के प्रति इतने ही सहृदय होते तो अदालती डंडे से पहले 2002 से 2007 दौरान इन बेकसूर नजरबन्दों के जख्मों पर मरहम लगा सकते थे, परंतु उन पांच वर्षों के दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ऐसे किसी बेकसूर की फरियाद नहीं सुनी।
    'आप' नेताओं ने कहा कि यदि कैप्टन अमरिन्दर सिंह उस समय ऐसे हर बेकसूर पंजाब को इंसाफ और मुआवजे देते तो वह सचमुच तारीफ-ऐ-काबिल होते परंतु आज अदालती फरमान पर फूल चढ़ा कर कैप्टन अमरिन्दर सिंह इन नजरबन्दों, इनके परिवारों, पंथ और पंजाबी कौम पर कोई अहसान नहीं कर रहे।
    'आप' नेताओं ने कहा कि साका नीला तारा (ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार) से पहले और बाद में जो स्थिति पैदा हुई, पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत उसका आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक स्तर पर आज तक संताप भोग रही है। कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा काले इतिहास के लिए सीधे तौर पर बराबर जिम्मेदार हैं। विभिन्न लेखकों, पत्रकारों और सेवामुक्त अफसरों की ओर से पंजाब के उस काले दौर पर लिखी गई दस्तावेजी इतिहास बादल-कैप्टन समेत इन रिवायती पार्टियों की तरफ से निभाई गई भूमिका का कच्चा चि_ा खोलती है।
    'आप' नेताओं ने जोधपुर के नजरबन्दों के लिए अदालत की ओर से ऐलान किया गया मुआवजा देने से भागी मोदी सरकार की तीखी आलोचना करते हुए केंद्र में हिस्सेदार अकाली दल (बादल) के साथ सम्बन्धित केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे की मांग की। 'आप' नेताओं ने कहा अच्छा होता अकाल दल प्रधान सुखबीर सिंह बादल परिवार का कुर्सी मोह त्याग कर हरसिमरत कौर बादल से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिला कर मोदी सरकार पर पंजाब और पंजाबियों के लटकते मसलों और मांगों को मनवाने के लिए उसी तरह दबाव बनाते जैसे तेलुगु देसम और टी.आर.एस. जैसी क्षेत्रीय पार्टियों ने भाजपा के साथ राजनैतिक हिस्सेदारी छोड़ कर अपने-अपने सूबे के हितों के लिए पहरा दिया। 
 

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