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'लंगर' पर ओछी राजनीति कर रहे हैं बादल - आप 

June 07, 2018 09:19 PM

-मोदी सरकार की भूमिका गुमराहकुन्न, इस्तीफा दे हरसिमरत कौर बादल -डा. बलबीर सिंह
-चुप्पी तोड़ कर स्थिति साफ करें कैप्टन अमरिन्दर सिंह

 आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने श्री दरबार साहिब समेत श्री दुर्गयाणा मंदिर और अन्य धार्मिक स्थानों के लंगर की सेवा पर जीएसटी को लेकर पाए जा रहे असमंजस पर नरिन्दर मोदी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की सख्त निंदा की है। 'आप' ने इस मुद्दे पर नरिन्दर मोदी सरकार में शामिल अकाली दल बादल को आड़े हत्थों लेते बादल परिवार की बहु और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल से इस्तीफे की मांग की है।

    'आप' के सूबा सह-प्रधान डा. बलबीर सिंह ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी की ओर से शुरू की गई लंगर की न्यारी प्रथा पर भाजपा की केंद्र सरकार ने जीएसटी के द्वारा सीधी चोट मारने की कोशिश की है, वहीं मोदी सरकार में वजीरी मान रही हरसिमरत कौर बादल समेत अकाली दल बादल 'लंगर' से जीएसटी माफ करवाने के नाम पर न केवल बेहद राजनीति कर रही है। बल्कि गुरू साहिबानों की कृपा से दुनिया भर में अटूट चलाए जा रहे लंगर की सेवा को 'माफी' जैसी 'भिक्षा' के साथ जोड़ कर साध-संगत की श्रद्धा और आस्था को चोट पहुंचा रहे है।
    डा. बलबीर सिंह ने वकीलों, कानूनी माहिरों और मीडिया / सोशल मीडिया पर लंगर की सेवा पर जीएसटी संबंधी किए जा रहे सनसनीखेज खुलासों पर मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को चुप्पी तोडऩे के लिए कहा है। 'आप' नेता ने कहा कि 'लंगर' पर जीएसटी का मामला शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (ऐसजीपीसी) की अपेक्षा अधिक केंद्र और सूबा सरकार के साथ सम्बन्धित है, जहां सूबा सरकार ने अपने हिस्से की जीएसटी छोड़ दी है, जो कि अभी लागू होना बाकी है, फिर भी स्वागत योग्य कदम है, वहीं सूबा सरकार का यह फर्ज भी बनता है कि वह इस मुद्दे के बारे में पैदा हुए असमंजस को बिना देरी खत्म करे और केंद्र सरकार की तरफ से जारी हुए पत्रों को कानूनी नुक्ते के लिहाजे के साथ पारिभाषित करे। इसके साथ केंद्र की नरिन्दर मोदी सरकार, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, शिरोमणी अकाली दल बादल और एसजीपीसी की भूमिका का सच साध -संगत के सामने आ जोगा।
    डा. बलबीर सिंह ने केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से 31 मई 2018 को 'सेवा भोज योजना' के अंतर्गत चैरिटेबल धार्मिक संस्थाओं को कुछ विशेष वस्तुएं /सामग्री के लिए 'आर्थिक सहायता' देने सम्बन्धित जारी हुई चि_ी के बारे में भी केंद्र सरकार, हरसिमरत कौर बादल और पंजाब की कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने पूछा कि केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से पंजाब और केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों को जारी किये इस पत्र का श्री दरबार साहिब और श्री दुर्गयाना मंदिर समेत अन्य गुरुद्वारों, मंदिरों, मस्जिदों, गिर्जों में चलाए जाते 'लंगर की सेवा' और जीएसटी के साथ क्या सम्बन्ध है? यह भी सवाल किया कि यदि यह पत्र सचमुच लंगर की सेवा और जीएसटी के साथ सम्बन्धित है तो इस को सांस्कृतिक मंत्रालय की ओर से क्यों जारी किया गया है? क्या श्री दरबार साहिब और श्री दुर्गयाना मंदिर समेत अन्य धार्मिक समितियां जा संस्थाओं का सम्बन्ध केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय के साथ है? डा. बलबीर सिंह ने ऐसजीपीसी प्रधान भाई गोबिन्द सिंह लोंगोवाल से अपील की है कि वह बादल परिवार के प्रभाव में बाहर निकल कर इस समूचे मसले पर ऐसजीपीसी का स्टैंड स्पष्ट करते हुए संगत को इस असमंजस की स्थिति से निजात दिलाएं।
  

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