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प्रदेश में उभर रहे तीसरे राजनीतिक विकल्प की भ्रूण हत्या करने पर आमादा है भाजपा

May 30, 2018 08:07 AM

जयपुर: जब से आम आदमी पार्टी ने राजस्थान विधानसभा के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है तब से भारतीय जनता पार्टी के सियासी हलकों में बेचैनी है। फिलहाल आम आदमी पार्टी ने महज दस सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किये हैं। इन सभी दस सीटों में से ज्यादातर पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की स्थिति गडबड़ा गई है। पार्टी जल्दी ही और सीटों पर भी उम्मीदवारों की घषणा करने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के लिए यही चिंता और बौखलाहट का कारण बन गया है और यह बौखलाहट हाल ही में घटी तीन चार घटनाओं से खुलकर सामने आयी है। 

आम आदमी पार्टी राजस्थान के युवा नेता अमित लियो, रितेश खण्डेलवाल, दीपक मिश्रा एवं जयपाल भण्डोता ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि यह बात साबित करने के लिए तीन घटनाओं की ओर हम मीडिया का ध्यान खींचना चाहते हंै

            आम आदमी पार्टी राजस्थान के युवा नेता अमित लियो, रितेश खण्डेलवाल, दीपक मिश्रा एवं जयपाल भण्डोता ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि यह बात साबित करने के लिए तीन घटनाओं की ओर हम मीडिया का ध्यान खींचना चाहते हंै। पहली घटना है भीलवाड़ा की, जहां जल संकट दूर करने की मांग को लेकर वहां के पार्टी के प्रत्याशी सुनील आगीवाल एवं उनके साथियों पर पुलिस ने लाठियां चला दी, दूसरी घटना लालसोट में पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा प्रभारी रहे रामवतार जोर वाल के साथ मारपीट की गयी और उनके शोरुम में तोड़फोड़ हुई, और तीसरा मामला उस काले अध्यादेश को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन से जुड़ा है जिसमें तकरीबन 25 लोगों के खिलाफ पुलिस ने सरकार के इशारे पर आपराधिक मामले बना दिये हैं। उसमें आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस मुख्यालय बुलाया जा रहा है और जांच के नाम पर उनको धमकाया जा रहा है।

भीलवाडा में जल संकट पर प्रदर्शन:

जनता और मीडिया मिल कर खुद तय करे कि एक जनसेवक का अपने बंगले में बागबगीचों की सींचाई करते हुए घर में बैठना क्या उस वक्त उचित है जब  उसके क्षेत्र के लोग मई महीने की भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए सड़कों पर उतरने पर मजबूर हों। भीलवाड़ा में आम आदमी पार्टी ने स्थानीय विधायक का ध्यान इस समस्या की तरफ ध्यान खींचने के मकसद से चेतावनी दी कि अगर वो लोगों की जल समस्या का समाधान नहीं करते और घर में बैठे रहते हैं तो उनको जगाना हमारा काम है। यही काम करने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता स्थानीय बीजेपी विधायक के आवास पर गए थे। पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। करीब डेढ़ दर्जन लोगों को चोटें आई। जहां जहां सरकार जल संकट दूर करने में नाकामयाब रही है वहां अगर बीजेपी के विधायक हैं तो उनकी नींद हराम होनी चाहिए। तब ही ये सरकरा जागेगी।

आम आदमी पार्टी नेता जोरवाल के साथ मारपीट

आम आदमी पार्टी के लालसोट के नेता रामवतार जोरवाल बेहद जूझारु कार्यकर्ता हैं। उन्होंने सार्वजनिक मंचों से कई बार स्थानीय सांसद के वादों की सच्चाई जनता के सामने रखी। साथ ही वो रोजाना फेसबुक लाइव के माध्यम से भी लोगों को जागरुक कर रहे थे। बस यही नाराजगी थी भारतीय जनता पार्टी के लोगों को। मई 25 को जब जोरवाल अपने शोरुम में बैठे थे तब एक स्थानीय गुंडा उनके पास आया और मारपीट करने लगा। उसने शोरुम में तड़फोड़ भी की और चेतावनी भी दी की सांसद किरोड़लाल मीणा के खिलाफ वो ना बोले।

रामवतार जोरवाल अपने स्टैंड पर कायम है। आम आदमी पार्टी इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करती है। इस मामले को कानूनी तौर पर पार्टी जोरवालजी के साथ मिल कर लड़ेगी। साथ ही बीजेपी और किरोड़ीलाल मीणा की असलियत उजागर करती रहेगी।

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर नान बेलेबल मुकदमे

आम आदमी पार्टी ने 25 अक्टूबर 2017 को राज्य सरकार के काले अध्यादेश के खिलाफ प्रोटेस्ट आयोजित किया था। अध्यादेश प्रदेश की जनता और प्रेस दोनों का गला घोंटने वाला था जिसका विरोध दूसरी पार्टियों ने भी किया था। पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर नान बेलेबल धाराएं लगा कर मुकदमे बना दिया गए। बताया गया है कि कुल 25 लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हंै। इनमें चार वो लोग भी हैं जिनको पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी मानती है कि वो धक्कामुक्की और प्रोव्होकेशन जैसी घटना थी जिसमें पुलिस को इतना सख्त कदम नहीं उठाना चाहिए था। ऐसे मुकदमे बरसों लंबित पड़े रहते हैं। पर चुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी और उसके सदस्यों को विक्टिमाइज करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि प्रदेश में तीसरे विकल्प के तौर पर उभर रही पार्टी को तोड़ा जा सके।

आम आदमी पार्टी मानती है कि भारतीय जनता पार्टी सरकार ही नहीं कांग्रेस भी चाहती है कि प्रदेश में किसी तरह राजनीतिक विकल्प पैदा ना हो। यही कारण है कि राज्य सरकार के तमाम गलत कर्यो पर कांग्रेस मौन है। दोनों के बीच नूरा कुश्ती चल रही है।

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