Friday, February 23, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
उत्तरी निगम के भाजपा पार्षद जयेंद्र डबास के ख़िलाफ़ होनी चाहिए निष्पक्ष जांच- दिलीप पांडेआम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री को फंसाने के लिए बीजेपी के कहने पर रची जा रही है गहरी साज़िशआम आदमी पार्टी के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री सुशील गुप्ता एवं राष्ट्रीय सचिव श्री पंकज गुप्ता का विमानतल पर भव्य स्वागतराजनीतिक साज़िश और षडयंत्र के तहत आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहती है BJPघोटालों और मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए अधिकारियों का इस्तेमाल कर रही भाजपा : आलोक अग्रवालआम आदमी पार्टी के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री सुशील गुप्ता एवं राष्ट्रीय सचिव श्री पंकज गुप्ता का 2 दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवासकिसकी शह पर सचिवालय में की गई मंत्री के साथ मारपीट? कौन सी राजनीतिक शक्तियां हैं इसके पीछे?दिल्ली में भाजपा के एक और पार्षद ज़मीन घोटाले के फेर में फंसे !
National

मोदी सरकार ने बैंक सिस्टम को बर्बाद कर दिया है पढिये ये रिपोर्ट

February 10, 2018 07:59 PM
आपका अखबार और आपका मीडिया सही तथ्यों को बताने में नही बल्कि उन्हें छिपाने में इस्तेमाल किया जा रहा है। कल एसबीआई के तिमाही परिणाम घोषित किये। लगभग सभी अखबारों सभी मीडिया चैनलो की एक ही हेडलाइन थी कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने इस वित्त वर्ष को तीसरी तिमाही में कुल 2,416.37 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया है।

लेकिन यह बड़ी खबर नही थी, नफा नुकसान तो चलता ही रहता है, बड़ी खबर तो बेतहाशा बढ़ता एनपीए है।

आपको पता है कि बैंकिंग की रूल बुक कहती हैं कि आदर्श स्थिति में शुद्ध एनपीए डेढ़ प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए. लेकिन कल जो एसबीआई के तिमाही परिणाम सामने आए है उसमे पता चला है कि एसबीआई का शुद्ध एनपीए बढ़कर अग्रिम का 5.61 प्रतिशत हो गया है।लेकिन रुकिए इस से भी आश्चर्यजनक तथ्य अभी सामने आना बाकी हैं। 

कल जो रिपोर्ट सामने आई है उसके अनुसार समीक्षाधीन अवधि में एसबीआई का सकल फंसा हुआ कर्ज (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां या जीएनपीए) लगभग 2 लाख करोड़ रुपये हो गया है जबकि वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही के दौरान जीएनपीए 1 लाख 8 हजार करोड़ रुपये था।

कल जो रिपोर्ट सामने आई है उसके अनुसार समीक्षाधीन अवधि में एसबीआई का सकल फंसा हुआ कर्ज (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां या जीएनपीए) लगभग 2 लाख करोड़ रुपये हो गया है जबकि वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही के दौरान जीएनपीए 1 लाख 8 हजार करोड़ रुपये था।

इसका अर्थ यह है कि 1 साल के अंदर 92 हजार करोड़ रुपये फॅसे हुए कर्ज की श्रेणी में आ गए आप खुद सोचिए कि इतने सालों में जो जीएनपीए 1 लाख करोड़ के आसपास ही पुहचा था वह एक झटके में लगभग दोगुना होकर सीधे 2 लाख करोड़ के आसपास पुहंच गया है

इतना ही नही वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही के दौरान जो एनपीए यानी पूर्ण रूप से डूबा हुआ कर्ज 61,430.45 करोड़ रुपये था वह इस बार सीधा 1,02,370.12 करोड़ रुपये हो गया हैं।और सुनिए देश भर का कर्ज यदि दस हजार रुपये मान लिया जाए तो 1 हजार रुपया यानी 10 प्रतिशत आलरेडी डूब चुका है।

एक जानकारी के अनुसार एसबीआई भारत की कुल बैंकिंग का एक चौथाई है अर्थात इसके नतीजों से पूरी अर्थव्यवस्था के बारे में निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं, ओर सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह कर्ज खेती किसानी का डूबा हुआ नही है न ही किसी छोटे मोटे व्यापार करने वाले गली मोहल्ले के दुकानदारों ने डुबोया है, यह कर्ज बड़े कारपोरेट ने डुबोया है जो प्रधानमंत्री को चुनावी सभाए करने के लिए प्लेन मुहैया कराते हैं जो हर छोटे बड़े विदेशी दौरे पर उनके साथ डील सेट करवाते हैं।

बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार संवाददाताओं से कह रहे हैं ‘‘तीसरी तिमाही के परिणाम निश्चित रूप से निराशाजनक रहे हैं ।

वास्तव में यह परिणाम निराशाजनक नही बल्कि डिजास्टर है अब आप समझ सकते हैं कि सरकार क्यो बेल इन जैसे प्रावधानों को जल्द से जल्द लागू करने के पीछे पड़ी हुई है – गिरीश मालवीय

Have something to say? Post your comment
More National News
उत्तरी निगम के भाजपा पार्षद जयेंद्र डबास के ख़िलाफ़ होनी चाहिए निष्पक्ष जांच- दिलीप पांडे
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री को फंसाने के लिए बीजेपी के कहने पर रची जा रही है गहरी साज़िश
आम आदमी पार्टी के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री सुशील गुप्ता एवं राष्ट्रीय सचिव श्री पंकज गुप्ता का विमानतल पर भव्य स्वागत
राजनीतिक साज़िश और षडयंत्र के तहत आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहती है BJP
घोटालों और मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए अधिकारियों का इस्तेमाल कर रही भाजपा : आलोक अग्रवाल
आम आदमी पार्टी के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री सुशील गुप्ता एवं राष्ट्रीय सचिव श्री पंकज गुप्ता का 2 दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास
किसकी शह पर सचिवालय में की गई मंत्री के साथ मारपीट? कौन सी राजनीतिक शक्तियां हैं इसके पीछे?
दिल्ली में भाजपा के एक और पार्षद ज़मीन घोटाले के फेर में फंसे !
PNB घोटाले के बाद गुजरात में सामने आया ‘महाघोटाला’! 26,500 करोड़ के घोटाले में शामिल हैं 5 कंपनियां
बैंकों को लगा चुका 5000 करोड़ का चूना, अब यह भी है भागने की फ़िराक में