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कारोबारियों के अधिकारों के लिए आप नेताओं ने खाई लाठियां

January 31, 2018 05:49 PM

एमसीडी कर रही है सीलिंग, ईलाज एलजी के पास, मगर वो नहीं जानते

व्यापारियों को इंसाफ दिलाने के लिए आम आदमी पार्टी करेगी क्रमिक अनशन

दिल्ली : दिल्ली के कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए सोमवार को आम आदमी पार्टी को न सिर्फ लाठियां ही खानी पड़ीं बल्कि कुछ वरिष्ठ नेताओं को पुलिस की हिरासत में भी जाना पड़ा। एससीडी की ओर से चलाया जा रहा सीलिंग अभियान आप नेताओं पर भारी पड़ रहा है। सोमवार को सीलिंग के खिलाफ शांति से प्रदर्शन कर रहे आप नेताओं पर दिल्ली पुलिस ने बेतहाशा लाठियां बरसाईं। कुछ नेताओं व कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें भी आईं। पुलिस ने वरिष्ठ आप नेता आशुतोष, गोपाल राय, दिलीप पांडे सहित कुछ विधायकों व पार्षदों हिरासत में ले लिया। ये सब तब हुआ जबकि आम आदमी पार्टी नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की आज्ञा मांगी थी ताकि मामले को बैठकर हल किया जा सके। मुलाकात तो खैर उन्हें नसीब नहीं हुई अलबत्ता जलालत ज़रूर झेलनी पड़ी।

भारतीय जनता पार्टी जिस तरह डंडे के बल पर सीलिंग का कानून लागू करने की जि़द्द पर आमादा है उससे दिल्ली का हर व्यापारी परेशान हो उठा है। सीलिंग के नाम पर जो धन ऐंठा जा रहा है उससे निजात दिलाने के लिए आप नेताओं ने उप राज्यपाल से मिलना चाहा, उन्हें मिलने की बजाए राज्यपाल ने एक पत्र भेजकर सीलिंग मसला हल करने के लिए अपने सुझाव डीडीए और दिल्ली सरकार के अर्बन डवलपमेंट विभाग को देने को कहा। इसपर भी आप नेता सौरभ भारद्वाज ने राज्यपाल का धन्यवाद करते हुए उन्हें राज्यपाल को लिख भेजा कि दिल्ली की व्यवसायिक संपत्तियों की सीलिंग का हल कन्वजऱ्न के नाम पर पैसा ऐंठने वाली एमसीडी दिल्ली के उपराज्यपाल यानि वे स्वयं आराम से कर सकते हैं।

भारद्वाज ने लिखा कि यदि मास्टर प्लान 2021 में थोड़ा सा संशोधन करके एफएआर को बढ़ा दिया जाए तो सीलिंग पर तत्काल रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में संशोधन केवल डीडीए ही कर सकती है जबकि एलजी स्वयं डीडीए के चेयरमैन हैं इसलिए संशोधन के लिए किसी और की आज्ञा या सलाह लेने की नौबत भी नहीं आएगी। भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की मास्टर प्लॉन का दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्रालय से कोई सरोकार ही नहीं है। मामला डीडीए के अधीन है और डीडीए भाजपा की केंद्र सरकार के अधीन है, अत: समस्या का समाधान सिर्फ और सिर्फ उप राज्यपाल तक महदूद है।

सोमवार को हुई लाठीचार्ज की घटना ने जहां भाजपा की मानसिकता को उजागर किया है वहीं आम आदमी पार्टी के जन हितैषी इरादों को भी ज़ाहिर कर दिया है। भाजपा जबर पर उतर आई है तो आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी तय कर लिया है कि वो भाजपा की हर ज़ोर जबरदस्ती का जवाब अपनी सहनशक्ति से देंगे। यहां ये बात भी सामने आ रही है कि सीलिंग के नाम पर हो रही लूट को उपराज्यपाल जहां अपने दम पर ही बंद करवा सकते हैं उसे भाजपा के हाथ सौंप दिया है ताकि वह आम व्यापारी और दुकानदार का खून चूस सके। इसके खिलाफ अब आम आदमी पार्टी ने रोष मार्च करने की तैयारी की है। इतना ही नहीं पार्टी कार्यकर्ता सिविक सेंटर पर क्रमिक अनशन पर भी बैठेंगे। ये सब इसलिए ताकि छोटे और मंझोले कारोबारियों को सीलिंग जैसे कठोर कानून से निजात दिलाई जा सके।

ध्यान देने योग्य बात ये है कि सोमवार को एक तरफ जहां केंद्र सरकार का बजट सेशन आरंभ हुआ वहीं आम आदमी पार्टी के लोकसभा सदस्य और नव निर्वाचित राज्य सभा सदस्य आम लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए संसद की ओर मार्च कर रहे थे। पार्टी नेता आशुतोषे, दिलीप पांडे, दुर्गेश पाठक, कई विधायक और पार्षद शांत रहकर प्रदर्शन करते हुए सरकार का ध्यान सीलिंग प्रक्रिया तथा दिल्ली वासियों की और अन्य मांगों की ओर दिलाने की कोशिश कर रहे थे जोकि सरकार को गवारा न हुआ। दिल्ली पुलिस का कहर उनपर भारी पड़ा। भाजपा शासित एमसीडी सुप्रीम कोर्ट की निगरान समिति के जरिए दिल्ली के कई बाजारों की उन दुकानों को सील कर रही है जिनके मालिक रिश्वत के नाम पर ली जा रही कन्वर्जन फीस देने से इंकार रहे हैं। व्यापारियों के काम धंधे चौपट हो रहे हैं और एमसीडी अपनी जेबें भर रही है जबकि एमसीडी चाहे तो कन्वर्जन फीस माफ कर सकती है।

दिल्ली के व्यापारी आज तक गुमराह होते आए हैं लेकिन जब से आम आदमी पार्टी सरकार वज़ूद में आई है तबसे वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने लगे हैं। आम आदमी पार्टी ने इससे पहले विधानसभा में भी कहा और उपराज्यपाल को भी पत्र लिखे कि सीलिंग का हल केंद्र सरकार के पास है, लेकिन कोई इस बात को स्वीकार करने को तैयार ही नहीं। गत दिनों जब भाजपा शासित तीनों नगर निगमों की संयुक्त बैठक हुई तो एमसीडी ने माना कि भाजपा शासित केंद्र सरकार चाहे तो सीलिंग का समाधान निकाल सकती है। अब इसके बाद क्या बचा है। एमसीडी आम जन हितैषी न कभी थी और न ही होने वाली है। इसी के खिलाफ भाजपा अनशन की तैयारी में है।

इस बीच आम आदमी पार्टी प्रवक्ता आशुतोष ने मीडिया से कहा कि भाजपा ने भले ही संसद के सामने लाठी के बल पर आम आदमी पार्टी की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया है लेकिन पार्टी अपने मकसद से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता तो सरकार से इंसाफ मांगने गऐ थे लेकिन बदले में लाठियां ही मिलीं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का तो जन्म ही दमन के खिलाफ आंदोलन से हुआ है, तो फिर इस तरह के जबर से डरने की बात तो बात ही नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी व्यापारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनके हक की आवाज़ को सडक़ से संसद तक लेकर जाएगी। उन्होंने कहा कि सीलिंग को रुकवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बता दें कि इससे पहले आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता को चुनाव आयोग के जरिए निलंबित करवाकर केंद्र सरकार अपनी दमनकारी नीतियों का परिचय दे चुकी है।

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