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मां बाप का भरोसा हलाल, युवति से जैन मुनि ने किया बलात्कार

October 15, 2017 11:44 AM

अभिभावकों को जाप में व्यस्त रखकर दिया गलत काम को अंजाम

दिगंबर जैन मुनि शांतिसागर महाराज गिरफ्तार, जैन समाज में रोष

 अमरजीत सिंह

दुनिया को शांति एवं प्रेम का संदेश देने वाले दिगंबर जैन समुदाय के एक कथित मुनि ने एक छात्रा के अभिभावकों को किसी मंत्र के जाप में व्यस्त रखकर उनके भरोसे को हलाल करते हुए छात्रा की इज्ज़त तार-तार कर दी। मुनि को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह प्रदेश गुजरात में घटी इस सनसनीखेज घटना ने अब उन लोगों की ज़हनियत पर भी सवाल उठा दिए हैं जो दावा करते हैं कि चींटी को मारने से भी उतना ही पाप लगता है जितना एक मनुष्य को मारने से। सफेद वस्त्रधारी जैन मुनि भी कामग्रस्त होकर यदि कथित बाबाओं जैसा व्यवहार करेंगे तो लोग विश्वास किस पर करेंगे। स्वयं को दिगंबर जैन मुनि आचार्य शांतिसागर महाराज कहलवाने वाले इस ढोंगी ने समाज को जो झटका दिया है उसके चलते अब लोग इस समुदाय का अनले धर्मगुरुओं पर से विश्वास उठने लगा है। कथित मुनि को सूरत से गिरफ्तार किया गया है जबकि मुनि के समर्थक आरोपों को एक साजि़श बताकर इसका खंडन कर रहे हैं। 

पीडि़त लड़की ने 13 अक्टूबर को पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह गत एक अक्तूबर को सूरत के नानपुरा में महावीर मंदिर में परिवार सहित गई थी। क्योंकि कथित मुनि को पता था कि युवति के साथ उसके परिवारजन भी आएंगे इसलिए उसने पहले ही से योजना बना ली थी। 

पीडि़त लड़की ने 13 अक्टूबर को पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह गत एक अक्तूबर को सूरत के नानपुरा में महावीर मंदिर में परिवार सहित गई थी। क्योंकि कथित मुनि को पता था कि युवति के साथ उसके परिवारजन भी आएंगे इसलिए उसने पहले ही से योजना बना ली थी। उसने युवति के मां बाप को कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य एवं विकास के लिए विशेष पूजा अनिवार्य है। रात के करीब 9 बजे मुनि ने सभी परिवार जनों को एक मंत्र के जाप में व्यस्त कर दिया और ज्ञान पिपासु छात्रा वहां जाने को तैयार हो गई। इस बीच काम पिपासु कथित मुनि मौका पर उस कमरे में पहुंचा और अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया। वह छात्रा से छेड़छाड़ करने लगा तो उसने विरोध किया।

जब युवति ने चिल्लाने की कोशिश की तो कथित मुनि ने कहा कि उसके मां बाप इस समय विशेष पूजा कर रहे हैं, यदि उसमें विघ्न पड़ा तो उसके मां बाप की मौत हो जाएगी। धर्मभीरू युवति ने शांत रहना मुनासिब रहना उचित समझा और मुनि ने मां बाप के भरोसे को छलनी करते हुए युवति को रौंद डाला। इस बीच असहाय छात्रा विनती करती रही, भगवान का वास्ता भी दिया लेकिन कामांध मुनि नहीं माना और छात्रा से बलात्कार कर डाला। बात यहीं समाप्त नहीं हुई, मुनि ने कमरा छोड़ते समये युवति को आदेश दिया कि यदि उसने किसी के सामने मुंह खोला तो वह उसे कहीं का न छोड़ेगा। लड़की घबराकर कई दिन तक चुप रही। आखिर उसने हौसला किया, मां बाप को सबकुछ बता दिया, थाने गई और रपट दर्ज करवा दी।

इतने बड़े रसूख बाले कथित मुनि के खिलाफ मामला दर्ज करवाना भी युवति के लिए टेढ़ी खीर था। पहले तो कोई इस 19 वर्षीय छात्रा की बात पर यकीन करने को तैयार ही न हुआ, फिर कथित मुनि के समर्थकों ने थाने को घेर लिया और आरोप लगाया कि युवति झूठी है और उनके गुरु को बदनाम करने की चाल चल रही है। बहुत दिक्कत के बाद जब पुलिस युवति का मैडीकल करवाने को राज़ी हुई तो एफआईआर दर्ज करने का रास्ता खुल गया। मैडीकल टैस्ट में युवति के साथ बलात्कार होने की पुष्टि होते ही सूरत की पुलिस ने कथित मुनि को 14 अक्तूबर को गिरफतार कर लिया। ये समाचार सामने आते ही दिगंबर जैन समाज में कोहराम मच गया है। अब इस मामले पर ये समाज भी दो भागों में बंट गया है। कुछ वो हैं जो मामले की बारीकी से ताफ्शिस करने की मांग कर रहे हैं ताकि दूध का दूध, पानी का पानी हो सके, लेकिन कुछ वो हैं जो राजनीतिक दबाव से मामले को दबाने की कोशिश में हैं।

शांतिसागर (?) महाराज की इस हरकत से दिंगबर जैन समाज बुरी तरह आहत हुआ है। इसी के चलते समाज के कुछ बुद्धिजीवि सारे मामले की न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि कथित मुनि ने छात्रा को भगवान महावीर के नानपुरा वाले दिगंबर जैन मंदिर में रात को आशीर्वाद लेने को बुलाने से पहले वो युवति के मां बाप की उसपर श्रद्धा के चलते लड़की का मोबाइल नंबर लेने में कामयाब हो चुका था। वह अकसर फोन पर ऐसी बेतुकी बातें करता था जिनसे साफ ज़ाहिर है कि वो छात्रा से व्यभिचार करने की बहुत देर से चाल चल रहा था। कुछ भी अचानक नहीं हुआ बल्कि ये कथित मुनि की एक सोची समझी चाल थी। 45 वर्षीय कथित मुनि के इस व्यवहार से देश विदेश में बसे दिगंबर जैन समुदाय में एक बहुत बड़ी बहस छिड़ गई है।

इस बीच कथित मुनि के समर्थक पुलिस कमिशनर से मिले और शिकायत की कि एक अक्तूबर को घटी घटना को लेकर 13 अक्तूबर को शिकायत दर्ज करवाना एक सोची समझी चाल है। वे लोग युवति को झूठी करार दे रहे हैं। इस बीच पुलिस ने मुनि के पौरुष का टैस्ट करने की योजना भी बना ली है ताकि पता चले कि क्या वो बलात्कार करने में सक्षम भी है कि नहीं। अब जो होगा वो केवल आरोप प्रत्यारोप होंगे लेकिन मुनिजनों और बाबाओं पर इस तरह के आरोप आज आम बात हो गई है। इससे पहले कथित बापू आसाराम, उसका बेटा सांईं, गुरमीत राम रहीम और ऐसे ही बहुत से ढोंगी बलात्कार के आरोपों में जेल में बैठे हैं और अब दिगंबर मुनि भी फंस गया है। ये लोग जो समाज को नई दिशा देने और सुचरित्र का मुज़ाहरा करने के लिए जाने जाते हैं आखिर ये क्यों हो रहे हैं कमांध और ये क्यों हलाल कर रहे हैं अपने भक्तों का भरोसा, यदि इस सवाल का जवाब नहीं मिला तो आने वाले समय में किसी भी संत पर भरोसा करना कठिन होगा।

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