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मोदी भक्ति : क्या ऐसी भक्ति से खुश होते हैं इनके भगवान ?

September 09, 2017 01:00 PM

मोदी भक्तों का इससे बड़ा नग्न ‘शब्द तांडव’ और क्या हो सकता है ?

फेसबुक, ट्विटर और व्हट्स ऐप आदि सोशल मीडिया बनाने वालों ने कभी सोचा भी न होगा कि भारत में इनका इस कद्र दुरुपयोग भी होगा। दूसरे देशों में भी होता होगा लेकिन भारत में कमोबेश ज्य़ादा है । इन दिनों कुछ ऐसे लोग जिनके ट्विटर हैंडल को स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फॉलो करते हैं, ऐसी बेबुनियाद और घटिया किस्म की जानकारी डाल रहे हैं जिससे जहां एक तरफ देश का माहौल खराब हो रहा है वहीं आपसी वैमनस्य भी बढ़ रहा है। ये तो शुक्र है कि लोग इन बातों को फ़ेक न्यूज़ यानि फर्जी खबर कहकर नकार देते हैं लेकिन यदि कभी किसी ऐसी खबर पर प्रतिक्रिया हो गई तो जो नुकसान होगा उसका अंदाज़ा लगाया जाना भी कठिन है। कुछ वेबसाईट तो शायद बनाई ही इसी मकसद से गई हैं कि देश में अफरातफरी का माहौल बना ही रहे।

प्रधानमंत्री ऐसे लोगों को ट्विटर पर क्यूँ फॉलो कर रहे हैं जो गंदी गालियां, भद्दी शब्दावली और किसी को भी ज़लील करने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, ये एक महत्वपूर्ण सवाल है। ऐसा नहीं है कि प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी नहीं है, जानकारी है, ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि एक सज्जन ने आरटीआई के जरिए ये जान लिया है कि प्रधानमंत्री का हर टवीट् वे स्वयं लिखते हैं और जिन्हें वो फॉलो करते हैं उन्हें रीटवीट् भी वे स्वयं ही करते हैं। तब ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि तो क्या जानबूझकर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि केंद्र सरकार की नाकामियों की ओर किसी का ध्यान ही न जाए और लोग बस एक दूसरे को गाली बकने में ही उलझे रहें। ऑल्ट न्यूज़ नाम की एक वेबसाईट पर ऐसे बहुत से प्रमाण मौजूद हैं जिनमें प्रधानमंत्री की इस टीम ने सिर्फ कांगेस को ही नहीं आम आदमी पार्टी नेताओं को भी बहत गंदी गालियां दे रखी हैं।

अगर ऑल्ट न्यूज़ पोर्टल पर यकीन करें तो पोस्टकार्ड डॉट न्यूज़ एक ऐसा पोर्टल है जिसमें जानबूझकर फर्जी खबरें गढ़ी जाती हैं और बाद में शुरू होता है गाली गलौच का सिलसिला। हाल ही में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद एक व्यक्ति ने अपनी ट्विटर हैंडल पर गौरी को बहुत गंदी गालियां बकते हुए हत्या को सही ठहराया। जब पता चला कि इस व्यक्ति को प्रधानमंत्री स्वयं फॉलो कर रहे हैं तो हंगामा तो होना ही था। अब पता चला है कि मात्र यही व्यक्ति नहीं है जो भाजपा के खिलाफ बोलने वालों को गालियां लिखता है बल्कि ऐसे बीसीयों और हैं जो सिर्फ यही काम कर रहे हैं। जितनी गंदी गालियां इन लोगों ने ट्विटर पर लिख रखी हैं, उन्हें यहां नहीं लिखा जा सकता, किसी सभ्य समाज में इस तरह के व्यवहार की आज्ञा कत्तई नहीं दी जा सकती। ये बरसों से चलता आ रहा है और मोदी इसे स्वीकार करते आ रहे हैं।

एक वेबसाईट के मुताबिक ट्विटर पर प्रधानमंत्री मोदी के करीब सवा तीन करोड़ फॉलोअर हैं और वे स्वयं  177 को फॉलो करते हैं। भले ही  इन में बहुत से बयूरोक्रेटस हैं, बड़े पत्रकार हैं फिर भी इन लोगों में से ज्य़ादातर गालियां बकने और दूसरी पार्टी के नेताओं को सिर्फ ज़लील करने का ही काम करते हैं। कभी महिला पत्रकारों को सेक्सी और ऐसे ही घटिया शब्दावली से पुकारा जाता है तो कभी उन्हें दलाल, देशद्रोही और बिकाऊ की संज्ञा दी जाती है । ये सब लिखने वाला व्यक्ति एक्ट इंडिया नाम के ट्विटर अकाऊंट का स्वामी कर्म भरत है।

भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के निकुंज साहू को कौन नहीं जानता। ज़रा उसकी बदतमीज़ी का एक नमूना देखें। आम आदमी पार्टी के कन्वीनर तथा दिल्ली के अरविंद केजरीवाल शर्मो हया की तमाम दहलीज लाँघ कर गाली बकता है। शर्म तो तब आती है जब प्रधानमंत्री इसे फॉलो करते हैं और उसे स्वीकार ही नहीं करते बल्कि सराहना भी करते हैं। ऐसा नहीं होता तो आज तक कब का उसे दरकिनार कर दिया होता मोदी ने। इनके अतिरिक्त ऐसे सैकड़ों लोग हैं जो बस उकसाने या गंदी गालियां निकालने के लिए रखे गए हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति महावीर ने जब बहुत गंदी गालियां ट्विटर पर डालीं तो उसका अकाऊंट डीएकटीवेट कर दिया गया। मज़ेदार बात ये है कि भाजपा के गिरीराज सिंह ने उनका अकाऊंट फिर से एक्टिवेट करने के लिए ट्विटर पर उसकी पैरवी की थी।

एक और व्यक्ति जिन्हें मोदी फॉलो करते हैं वो है समीरवारियर। इसने तो महिला पत्रकारों व अदाकारों को वेश्या तक लिखा है। रामकी नाम का एक व्यक्ति तो महिला अदाकारा को हद दर्जे की सैक्सी और आतंकवादी तक लिख देता है, न जाने उसने उसमें ऐसा क्या देखा और ये सब मोदी ने कैसे सहन कर लिया। बात यहीं खत्म नहीं होती, अक्सर सोनिया गांधी इन लोगों के निशाने पर होती हैं। उसे इटली से आई लुटेरी तक कहा जाता है, ये कहां की इंसानियत है ये तो आलोक भटट् ही जानें या फिर मोदी। भारत के पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी को देशद्रोही, हरामी और गद्दार बताने वाले राहुल कौशिक को भी मोदी फॉलो कर रहे हैं, क्या देश के किसी प्रधानमंत्री को ऐसा करना शोभा देता है ? ट्विटर पर सरगर्म ऐसे लोगों की फोटो भी मोदी के साथ ट्विटर पर उपलब्ध है जिसके बाद कोई शक नहीं रह जाता कि ये प्रधानमंत्री के कुछ खास लोग हैं।

ऐसे लोगों के टवीट् समाज में कितना ज़हर फैला रहे हैं इस बात का अंदाज़ा सिर्फ इस उदाहरण से लगाया जा सकता है कि अमितेश सिंह नाम के एक भाजपा युवा नेता ने एक बार 3000 मुसमानों को मार देने का आहवान किया था। बीस वर्ष से कम आयु के इस लडक़े को मोदी आखिर फॉलो क्यूँ कर रहे हैं अब ये सवाल मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। अब अगर कोई ट्विटर पर ये लिखे कि यदि यूपी को कश्मीर बनाने से रोकना है तो इसे गुजरात बनाना होगा तो बात समझ में आ जाती है कि इशारा किस ओर है। जब कोई सोशल मीडिया एक्टिविस्ट ये अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाता है कि 15 मुसमानों ने मिलकर एक हिंदु डॉक्टर को मार दिया है तो ज़रा सोचिए कि उसका क्या परिणाम हो सकता है। ज़ाहिर है दंगे फसाद होंगे और किसी भी धर्म के लोग अनायास मारे जाएंगे। मोदी तो उनको भी फॉलो कर रहे हैं जो मुस्लिम लोगों के धंधों का बायकॉट करने की मांग करते हैं।

बहुत बार ऐसा हुआ है कि फोटोशॉप से कुछ फोटो को ऐसी रंगत दे दी जाती है कि वो दंगा फैलाने का काम करती है। ऐसी फोटो की असलियत जब तक सामने आती है तब तक बहुत कुछ हो चुका होता है। कभी ये लिख दिया जाता है कि हिंदू धर्म खतरे में है, बस इतना लिखने से समाज का काफी नुकसान हो जाता है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब मोदी स्वयं ऐसे लोगों को फॉलो कर रहे होते हैं तो क्यों नहीं उन्हें रोकने के लिए कोई उचित कार्यवाही करते। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए कहा जा सकता है कि मोदी की सोशल मीडिया टीम ही इन सब के पीछे होती है और वो जानबूझकर ऐसा होने देती है। अब तो यहां तक कहा जाने लगा है कि जिन लोगों को आप फॉलो कर रहे हैं उनके टवीट् के लिए आप कैसे जिम्मेवार हो सकते हैं। सवाल ये है कि आम आदमी के मामले में तो ये सब सही है लेकिन खास के मामले में नहीं।

 

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