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विजय गोयल को जमीन देने के लिए पलट दिए DDA ने अपने ही बनाये नियम

August 17, 2017 08:30 PM

जनता के लिए अस्पताल बनाने के लिए दिल्ली सरकार जमीन नहीं दे रहा DDA

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बीजेपी नेता और मोदी सरकार में मंत्री विजय गोयल की एनजीओ को जमीन देने के लिए अपने ही विभाग की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए उनकी एनजीओ को दिल्ली में जमीन देने के लिए नियमों में फेरबदल कर डाले। जिस एनजीओ के लिए नियमों को ताक पर रखा गया उस एनजीओ में विजय गोयल उपाध्यक्ष और उनके बच्चे उसके सदस्य हैं और संस्था का नाम वैश अग्रवाल एजूकेशन सोसाइटी है। 

‘आपको बता दें कि यह ज़मीन डीडीए ने पोस्ट ऑफ़िस के लिए आबंटित कर रखी थी लेकिन यह डीडीए का प्लॉट बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री विजय गोयल के स्कूल के बगल में है और स्कूल के अंदर से एक गेट इस प्लॉट में खोला गया है और इसे स्कूल के खेल के मैदान के रुप में पहले से ही विजय गोयल का प्राइवेट स्कूल इस्तेमाल करता आ रहा है, स्कूल का नाम आधारशिला है। 

आम आदमी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रैस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ‘मोदी सरकार में मंत्री विजय गोयल की एनजीओ को जीटी करनाल रोड़ पर एक ज़मीन डीडीए ने सारे नियमों कायदों को नज़रअंदाज़ करते हुए अलॉट की है। डीडीए ने विजय गोयल की एनजीओ को ज़मीन देने के लिए लेआउट प्लान में भी बदलवा कर दिए।‘

‘आपको बता दें कि यह ज़मीन डीडीए ने पोस्ट ऑफ़िस के लिए आबंटित कर रखी थी लेकिन यह डीडीए का प्लॉट बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री विजय गोयल के स्कूल के बगल में है और स्कूल के अंदर से एक गेट इस प्लॉट में खोला गया है और इसे स्कूल के खेल के मैदान के रुप में पहले से ही विजय गोयल का प्राइवेट स्कूल इस्तेमाल करता आ रहा है, स्कूल का नाम आधारशिला है। लोग बताते हैं कि बीजेपी नेता की डीडीए के इस प्लॉट पर पहले से नज़र थी। डीडीए ने नियमों में बदलाव करते हुए बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री विजय गोयल की एनजीओ को खिलौना बैंक बनाने के लिए यह ज़मीन आबंटित कर दी जबकि असलियत यह है कि यह ज़मीन उनके स्कूल के लिए इस्तेमाल होती है।‘

‘आपको बता दें कि जिस बैठक में विजय गोयल की एनजीओ के आवेदन को स्वीकार किया गया, उसी बैठक में एक जानी मानी संस्था इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर ऑर्ट एंड कल्चर हेरिटेज के आवेदन को खारिज कर दिया था, जिसमें यह कहा गया कि यह आवेदन सामाजिक कार्य की श्रेणी में नहीं आता है जबकि विजय गोयल की संस्था को ज़मीन देने के लिए नियमों को बदलकर श्रेणी में ज़बरदस्ती लाया गया ताकि ज़मीन उन्हें दी जा सके।‘

‘दिल्ली सरकार डीडीए को बार-बार जनता के हित के लिए मोहल्ला क्लीनिक और अस्पताल बनाने के लिए ज़मीन मांग रही है लेकिन डीडीए दिल्ली की जनता के लिए बनने वाले अस्पतालों के लिए ज़मीन देने को तैयारे नहीं है। यहां आपको बता दें कि डीडीए के चेयरमैन दिल्ली के उपराज्यपाल होते हैं जो सीधे केंद्र की बीजेपी सरकार के इशारे पर काम करते हैं और विजय गोयल को यह अलॉटमेंट पूर्व एलजी नजीब जंग ने किया था, जबकि डीडीए दिल्ली सरकार को जनहित के काम करने के लिए ज़मीन नहीं दे रहा है।‘

  1. दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक और अस्पताल बनाने के लिए दिल्ली के सचिव, स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री ने डीडीए को अलग अलग वक्त में पत्र लिखे हैं लेकिन डीडीए के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
  2. अप्रैल 2015 में दिल्ली सरकार ने डीडीए के ऐसे 18 प्लॉट्स को चिह्नित करके पत्र लिखे थे जो प्लॉट्स सालों पहले अलग-अलग संस्थाओं को अस्पताल खोलने के लिए दिए गए थे लेकिन उन संस्थाओं ने वहां कुछ नहीं खोला, उनकी समय-सीमा भी ख़त्म हो गई लेकिन आज भी डीडीए की वो ज़मीनें उन संस्थाओं के पास हैं या फिर वो खाली पड़ी हैं और उनपर अवैध कब्ज़ा है। दिल्ली सरकार ने डीडीए से ये ज़मीनें अस्पताल और क्लीनिक खोलने के लिए मांगी थीं लेकिन डीडीए ने कोई सुनवाई नहीं की।
  3. विजय गोयल की ही एनजीओ को साल 2002 में भी मेहरौली-बदरपुर रोड़ पर एक प्राइम लैंड दी गई थी, उस वक्त भी केंद्र में बीजेपी की सरकार थी और विजय गोयल केंद्र में मंत्री थे। वहां भी खिलौना बैंक के नाम पर ज़मीन विजय गोयल की संस्था को दी गई।
  4. दिल्ली के एलजी और डीडीए ने सारे नियमों को नज़रअंदाज़ करते हुए दिल्ली में आईटीओ के नज़दीक दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर बीजेपी को दफ्तर बनाने के लिए एक बहुत बड़ा प्लॉट प्राइप लोकेशन पर दिया।

 ‘आम आदमी आने वाले पूरे हफ्ते में ऐसे ही बीजेपी के इशारों पर काम करने वाली डीडीए के ज़मीन घोटालों का पर्दाफ़ाश करेगी और जनता को सच्चाई बताएगी।‘

 आम आदमी पार्टी के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ‘जीटी करनाल रोड़ पर विजय गोयल के प्राइवेट स्कूल से सटा यह प्लॉट डीडीए ने बीजेपी नेता विजय गोयल की संस्था को दे दिया जबकि इसी इलाक़े में दिल्ली सरकार ने अस्पताल बनाने के लिए डीडीए से ज़मीन की मांग की है जिसके लिए 8 करोड़ 89 लाख रुपए जमा भी करा दिए हैं और डीडीए ने 11,730 स्वेयर मीटर की ज़मीन देने का वादा भी किया है लेकिन ज़मीन अभी तक नहीं दी है। डीडीए जनता के लिए नहीं बल्कि बीजेपी नेताओं के फ़ायदे के लिए काम करता है। 

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