Tuesday, August 22, 2017
Follow us on
BREAKING NEWS
इन चोर दरवाजों से राजनीतिक पार्टियों को मिलता है 'धन'ADR की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, बिना PAN और पते के BJP ने लिया 705 करोड़ का चंदाविजय गोयल को जमीन देने के लिए पलट दिए DDA ने अपने ही बनाये नियम पुलिस की मौजूदगी में बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों का ऐसा 'हश्र' आपकी 'रूह' कंपा देगामोहल्ला क्लीनिक के लिए जमीन नहीं विजय गोयल की NGO को जमीन देने के लिए बदल डाले नियमअदानी समूह की कंपनी ने की 1500 करोड़ की हेराफेरी और टैक्‍स चोरी, मोदी जी के मित्र हैं कोई इनका क्या बिगाड़ लेगा ?प्रेरणा से ओतप्रोत है अरविन्द केजरीवाल का जीवन : जन्मदिवस विशेष योगी सरकार की संवेदनहीनता के चलते 36 घंटे में 30 बच्चों की मौत
National

चंडीगढ़ छेड़-छाड़ प्रकरण : पुलिस दबाव में, कदम दर कदम खुर्द-बुर्द किए जा रहे सबूत

August 09, 2017 11:04 AM

हरियाणा भाजपा प्रधान के बेटे ने की युवति से की छेड़छाड़

राजनीतिक वफ़ादारी बखूबी निभा रही है चंडीगढ़ पुलिस 

राजनीति की हुंकार से डरी सहमी चंडीगढ़ पुलिस के दबाव में काम करने का इससे बड़ा सबूत भला क्या हो सकता है कि आरोपी का राजनीतिक घराने से संबंध मालूम चलते ही पहले तो पुलिस आनन-फानन में आरोपी पर लगी धाराएं बदल कर उसे जमानती अपराध ठहराने पर जी जान से लग जाती है और फिर उन्हें जमानत पर रिहा कर मामले की निष्पक्षता से जांच का ढ़िढोरा पिटते हुए मामले में मीडिया ट्रायल बताने लगती है।

राजनीति की हुंकार से डरी सहमी चंडीगढ़ पुलिस के दबाव में काम करने का इससे बड़ा सबूत भला क्या हो सकता है कि आरोपी का राजनीतिक घराने से संबंध मालूम चलते ही पहले तो पुलिस आनन-फानन में आरोपी पर लगी धाराएं बदल कर उसे जमानती अपराध ठहराने पर जी जान से लग जाती है और फिर उन्हें जमानत पर रिहा कर मामले की निष्पक्षता से जांच का ढ़िढोरा पिटते हुए मामले में मीडिया ट्रायल बताने लगती है।

 इसी बीच कुछ सीसीटीवी फुटेज़ गायब कर दी जाती हैं और फिर मालूम चलता है कि पुलिस की राजनीतिक वफादारी इतनी आला दर्जे की है कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नशे में धुत आरोपियों का मेडिकल टेस्ट, ब्लड व यूरिन के नमूने तक लेने से पुलिस चूक जाती है। बाद में पुलिस की ओर से तर्क दिया जाता है कि आरोपियों ने सैंपल देने से इंकार कर दिया था, यानि हर कदम पर केस को कमज़ोर करने की सोची-समझी रणनीति. डॉक्टर से खाना पूर्ति के लिए ओब्जरवेशन के आधार पर रिपोर्ट ली जाती है, रिपोर्ट बताती है कि दोनों लड़कों ने शराब पी थी किंतु ठीक उसी वक़्त कुछ मीडिया संस्थानों के जरिए ख़बर चलाई जाती है कि विकास निहायत शरीफ लड़का है शराब को तो हाथ तक नहीं लगता. यह तो रही बात आदर्श पुलिस की आदर्श कार्यप्रणाली की अब बात करते हैं भाजपा की। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भारतीय जनता पार्टी के नेता जब स्वयं अपनी औलाद को ही ये नहीं सिखा सकते कि बेटियों की इज्जत कैसे की जानी चाहिए तो फिर उनसे दूसरे लोगों को नैतिक शिक्षा देने की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
????????? ?? ??? ????? ?????? ???????
सनद रहे कि चंडीगढ़ में हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर एक आइएएस अधिकारी की बेटी से न केवल छेड़छाड़ की बल्कि उसका दूर तक पीछा किया जिसे पीड़िता ने अपहरण की कोशिश बताया। जाहिर है भाजपा की नेकचलनी की बातें हकीकत से कोसों दूर हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने भी महज लीपापोती की है, जाहिर है सत्ता का दबाव अपना काम कर रहा था। अब भले ही सुभाष बराला ये कहें कि पीडित लड़की उनकी बेटी जैसी है लेकिन ये कहने से उनके बेटे के चरित्र के दाग धुलेंगे नहीं।

जरा भाजपा नेताओं के बयानों पर भी गौर करें। हरियाणा के भाजपा उपाध्यक्ष रामवीर भट्टी ने एक चैनल पर कहा कि लड़कियों को रात के बारह बजे के बाद घर से बाहर निकलना ही नहीं चाहिए था। क्या यही है भाजपा की महिलाओं के प्रति नीति, क्या ये पार्टी इसी तरह महिलाओं को सुरक्षा देगी। यहीं बस नहीं, भाजपा प्रवक्ता शायना एनसी तो युवति को पीडित ही नहीं मानतीं। वो तो कहती हैं कि विकास के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने सारी घटना को झूठ करार दिया है। शायना ने तो एक फोटो भी अपने ट्विटर हैंडल पर डाली है जिसमें वो कहना चाहती हैं कि पीड़ित युवति तो विकास की दोस्त है जबकि पीडिता ने फोटो को सरासर झूठ बताया है। सवाल ये है कि बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार आखिर बचा किसे रही है ?
घटना कुछ इस तरह हुई कि युवति आधी रात के करीब सेक्टर 7 से होकर पंचकूला अपने घर जा रही थी कि सेक्टर 26 के पास विकास बराला ने उसकी कार को रोकने की कोशिश की। दो जगह वह कार से नीचे भी उतरा और युवति की कार का दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन सेंटर लॉकिंग होने के कारण दरवाजा नहीं खुला। लड़की ने इस बीच अपने मोबाइल से पुलिस को सूचित किया कि दो लड़के उससे छेड़छाड़ कर रहे हैं, संभवतः वो अपहरण भी कर सकते हैं। पुलिस ने सूचना मिलने पर विकास और उसके दोस्त को गिरफ्तार तो किया लेकिन तत्काल छोड़ भी दिया। इस घटना की चहुं ओर निंदा हो रही है कि भारतीय जनता पार्टी अपने घर में ही नैतिकता का पाठ नहीं पढ़ा पा रही तो दूसरों को क्या सीख देगी ?
इस घटना का एक दुखद पहलू ये भी है कि कड़ा एक्शन लेना तो एक तरफ भाजपा अपने कथित हितैषियों को भी शांत नहीं कर पा रही। उनके हितैषी घटना को मनघड़ंत बताकर युवति के बारे सोशल मीडिया पर अनाप शनाप लिख रहे हैं। हैरानी तो इस बात की भी है कि इस घटना को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ एक सोची समझी साजिश तक बताया जा रहा है। अंधे स्वामिभक्त किस हद तक गिर सकते हैं, ये ट्विटर, फेसबुक और व्हाट्स एप पर इन दिनों साफ देखा जा सकता है। भाजपा हितैषियों को लगता है कि मानो घटना हुई ही न हो और ये सब भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करने का नया तरीका हो।
भाजपा के एक समर्थक पी.उमराव जो एक वकील हैं, ने सोशल मीडिया पर यहां तक लिखा कि ये कहानी दिल्ली की जसलीन कौर और रोहतक की दो बहनों जैसी है, मतलब फर्जी है। उसने ट्वीट किया कि लड़की का पिता जोकि एक आईएएस अधिकारी है, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हूडा का समर्थक है इसीलिए उसने ईमानदार सीएम खट्टर के खिलाफ ये चाल चली है। उसने तो यहां तक लिखा कि लड़की ने शराब पी रखी थी तो फिर उसका मेडीकल क्यों नहीं करवाया गया। भाजपाई तो ये भी कह रहे हैं कि लड़की ने गाड़ी चलाते समय फोन का इस्तेमाल किया इसलिए उसे एक हजार रुपए जुर्माना करके मामला दर्ज किया जाना चाहिए। मतलब ये कि यदि किसी लड़की का कोई लड़का अपहरण करने की कोशिश करे तो पहले उसे गाड़ी साईड पर लगा देनी चाहिए फिर पुलिस को बुलाना चाहिए, ये है भाजपा समर्थकों की सोच।
ये एक बहुत ही हैरानी की बात है कि भाजपा समर्थक कानून को ताक पर रखकर और संविधान की मर्यादा को भंग करते हुए अपने मुख्यमंत्री को दूध का धुला बताने पर तुल गए हैं। जैसा कि सब जानते हैं सीएम खट्टर को सीधे तौर पर किसी ने भी इस घटना के लिए जिम्मेवार नहीं ठहराया, तो फिर उन्हें बचाने के लिए भाजपा का ये कूड़ प्रचार किस बात की ओर इशारा करता है ? इस घिनौनी घटना की निंदा कर रहे हैं, हर सूझवान व्यक्ति भाजपा नेताओं के वारिसों की अनुशासनहीनता और दबंगई को लेकर खफा हैं। जाहिर है इससे समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल तो उठेंगे ही।
गौर करने वाली बात ये है कि लड़की ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि चंड़ीगढ़ के सेक्टर 26 से आधी रात के समय कार में बैठे दो युवकों ने अपनी टाटा सफारी से उसकी कार को रोकने और उसका अपहरण करने की कोशिश की। हैरानी तब हुई जब केंद्र सरकार को रिपोर्ट करने वाली चंडीगढ़ पुलिस ने विकास बराला के खिलाफ तीन अहम धाराओं 341, 365 और 511 को एक तरफ करके मामूली धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और 26 सेक्टर के थाने से ही उनकी जमानत भी करवा दी। पुलिस ने विकास और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया गया भी दिखा दिया और तत्काल छोड़ भी दिया, ये सब भाजपा के ऊपरी दबाव के कारण हुआ। ये भाजपा का सत्ता का दुरुपयोग नहीं तो और क्या है ?

Have something to say? Post your comment
More National News
इन चोर दरवाजों से राजनीतिक पार्टियों को मिलता है 'धन'
ADR की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, बिना PAN और पते के BJP ने लिया 705 करोड़ का चंदा
विजय गोयल को जमीन देने के लिए पलट दिए DDA ने अपने ही बनाये नियम
मोहल्ला क्लीनिक के लिए जमीन नहीं विजय गोयल की NGO को जमीन देने के लिए बदल डाले नियम
एक बड़े घोटाले की CBI जांच को दबा रही है BJP सरकार
हत्या के आरोप में BJP विधायक को उम्रकैद
अब राज्य सभा में भी नोट बंदी घोटाला गूंजा
भाजपा की नीतिओं के मारे, अर्थशास्त्री बेचारे
कैप्टन सरकार ने किसानों और नौजवानों समेत समाज के सभी वर्गों के साथ धोखा किया : सुखपाल खैरा
चंडीगढ़ छेड़छाड़ मामले में दोषियों के खिलाफ़ हो कड़ी कार्रवाई, बीजेपी की मानसिकता ही है महिला विरोधी