Saturday, October 21, 2017
Follow us on
National

इस रणनीति से सीबीएसई की बारहवीं में ‘टाॅप’ कर गए दिल्ली के सरकारी स्कूल

May 29, 2017 09:03 AM

ए.के.के. ब्यूरो
नई दिल्ली: लाख बाधाओं के बावजूद आम आदमी पार्टी जनता से किए अपने वादे निभाते हुए दिल्ली की तस्वीर बदलने में पूरी निष्ठा से जुटी हुई है। परिणाम बेहद साकारात्मक एवं उत्साह भरे हैं। लगातार दूसरे साल सीबीएसई की बारहवीं के नतीजों में दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने प्राइवेट स्कूलों को पछाड़ दिया है.

लाख बाधाओं के बावजूद आम आदमी पार्टी जनता से किए अपने वादे निभाते हुए दिल्ली की तस्वीर बदलने में पूरी निष्ठा से जुटी हुई है। परिणाम बेहद साकारात्मक एवं उत्साह भरे हैं। लगातार दूसरे साल सीबीएसई की बारहवीं के नतीजों में दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने प्राइवेट स्कूलों को पछाड़ दिया है.

रविवार को घोषित हुए इस साल के नतीजों में जहां प्राइवेट स्कूलों के 79.27 फीसदी बच्चे पास हुए वहीं सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 88.27 रहा. इस तरह पास प्रतिशत के मामले में दिल्ली के सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों से 9 फीसदी आगे रहे. इसके अलावा पास प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से भी दिल्ली सरकार के स्कूल आगे हैं.
पिछले साल भी निजी स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूल का पास प्रतिशत 2.24 फीसदी ज्यादा था. इस साल ये आंकड़ा काफी ज्यादा है. ये इसलिए अहम है क्योंकि अक्सर सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले कमतर आंका जाता रहा है और आम आदमी पार्टी ने इसी धारणा को बदलने का दिल्ली की जनता को वचन दिया था।
दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों का पास प्रतिशत पिछले साल के मुकाबले काफी गिर गया है जबकि पास प्रतिशत के आंकड़ों में दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने प्राइवेट स्कूलों को काफी पीछे छोड़ दिया है. दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि करार दिया. सिसोदिया ने कहा कि इस साल परीक्षा में नकल पर लगाम लगाने के लिए काफी सख्ती बरती गई थी. इस वजह से उन्हें पासिंग प्रतिशत घटने की आशंका थी, लेकिन नतीजों से वो काफी खुश हैं. सरकारी स्कूलों के अच्छे प्रदर्शन के लिए सोशल मीडिया पर सिसोदिया को खूब बधाईयां मिल रही हैं.
शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर प्राथमिकता से काम कर रही आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यों की सराहना इस लिए भी खूब हो रही है क्योंकि एक तरफ बारहवीं के नतीजों में सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले 9 फीसदी ज्यादा रहा. वहीं सरकारी स्कूलों के 372 बच्चों ने प्प्ज् श्रम्म् की परीक्षा पास की है. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पास शिक्षा, वित्त जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग हैं, लेकिन शिक्षा विभाग उनकी प्राथमिकता रहा है. बारहवीं के नतीजों में सरकारी स्कूलों के शानदार प्रदर्शन को उनकी 2 सालों की मेहनत के परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है. उनकी सलाहकार आतिशी मर्लिना ने एबीपी न्यूज़ के संवाददाता जैनेंद्र से बातचीत करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन सुधारने के लिए कौन कौन से कदम उठाए गए. आतिशी के मुताबिक

इस बदलती तस्वीर के पीछे है कड़ी मेहनत व दूरदर्शिता
सिसोदिया ने ना केवल शिक्षा का बजट बढ़ाया बल्कि जम कर स्कूलों का औचक निरीक्षण भी किया. इससे माहौल बदलना शुरू हुआ.
दिल्ली के लगभग हजार स्कूलों में स्कूल मैनेजमेंट कमिटी को एक्टिव किया गया, जिसमें कि अविभावकों की भागीदारी महत्वपूर्ण रखी गई.
खानापूर्ति की बजाय शिक्षकों की ट्रेनिंग को गंभीरता से लिया गया. अच्छे प्रधानाचार्यों का तबादला कमजोर स्कूलों में किया गया. छुट्टियों में कमजोर छात्रों के लिए अलग से क्लास की व्यवस्था की गई तो बोर्ड परीक्षा से पहले “एक्जाम टिप्स” और “मोटिवेशनल टॉक्स” दिए गए.
200 मेंटर टीचर बनाए गए. प्रत्येक को 5 स्कूल की जिम्मेदारी दी गई. तो वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अलग अलग 50 कमजोर स्कूलों को गोद लिया. आतिशी ने बताया कि शिक्षा विभाग में अतिरिक्त निदेशक सुनीता कौशिक ने सुल्तानपुरी के सर्वोदय कन्या विद्यालय को गोद लिया था. पिछले साल इस स्कूल के करीब 40 फीसदी बच्चे ही पास हुए थे जो इस साल बढ़ कर करीब 80 फीसदी तक पहुंच गया. जानकारी के मुताबिक इस साल से सिसोदिया दिल्ली के सभी प्रशासनिक अधिकारियों से एक स्कूल को गोद लेने को कहेंगे.
कुल मिला कर कहें तो दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बदले माहौल के पीछे टीम-सिसोदिया की कई स्तर की निगरानी और नए-नए आईडियाज हैं. इसने सरकारी स्कूलों को लेकर बनी धारणा को तोड़ने का काम किया है लेकिन अभी भी काफी काम बाकी है.

 

Have something to say? Post your comment
More National News
बादलों की तरह कैप्टन भी रद्द किए उम्मीदवारों को लोगों के सरों पर बैठा रहा है- भगवंत मान
केंद्र ने मानी AK की मांग लेकिन....|नवभारत टाइम्स
शीला दीक्षित की नाक के नीचे हुआ था करोड़ों रुपए का बैंक-घोटाला, अब अधिकारी जवाबदेही से भाग रहे   
गुजरात में CM योगी की तरह PM मोदी का भी बुरा हाल, ‘गौरव यात्रा’ समारोह में खाली कुर्सियों को PM करते रहे संबोधित
पराली के मुद्दे पर आप ने सभी जिलों के डिप्टी कमीशनरों को सौंपे मांग पत्र
AAP के ‘मेट्रो किराया सत्याग्रह’ का दूसरा चरण जारी, सोमवार को AAP कार्यकर्ता पहुंचे BJP सांसद उदित राज के आवास पर
फिर मोदी पर विफरे अन्ना कहा बीजेपी कांग्रेस से भी जहरीली
बड़ा धब्बा था गुजरात दंगा
खिलाडियों का खर्च उठाएगी सरकार
रियल ऐस्टेट के GST में आने से फायदे में रहेगी दिल्ली