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EVM प्रकरण : तकनीकी के जानकारों से जादूगरी की अपेक्षा न करे चुनाव आयोग

May 26, 2017 07:32 PM

अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के आधार पर करवाई जाए हैकथाॅन
देश विदेश के दर्जनों तकनीकि विशेषज्ञों ने ईवीएम को असुरक्षित बताते हुए चुनाव आयोग को लिखा पत्र
चुनाव आयोग चुनाव आयोग का 3 जून को ईवीएम मशीन हैक करने की चुनौती का आयोजन हास्यास्पद लग रहा है। चुनाव आयोग तकनीकि विशेषज्ञों से जादूगरी की अपेक्षा करता जान पड़ता है। आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की इस चुनौती को निरर्थक बताते हुए कहा है कि यह चुनौती तब तक व्यर्थ है जब तक कि मशीन को स्वतंत्रता से हैक करने की खुली अनुमति चुनाव आयोग नहीं दे देता। आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा कि है कि हम चुनाव आयोग की निगरानी में पूरी सुरक्षा के बीच आयोग की मशीन को टैम्पर करके दिखा देंगे बशर्ते हमें मशीन के हार्डवेयर के साथ छेड़छाड़ की इजाजत दी जाए, आम आदमी पार्टी ने कहा कि हैकाथॉन का एक मात्र सही तरीका भी यही हो सकता है। प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि ‘हम चुनाव आयोग का सम्मान करते हैं और मानते हैं कि इस देश के लोकतंत्र की संचालक शक्ति चुनाव आयोग में ही निहीत हैं लेकिन हैकाथॉन के नाम पर जो प्रदर्शनी लगाने का काम चुनाव आयोग कर रहा है उससे ईवीएम पर उठे सवालों का कोई समाधान नहीं निकल सकता।
गोपाल राय ने कहा कि हमने 24 तारीख को यह बात चुनाव आयोग के समक्ष रखी थी कि हमें ईवीएम को टैम्पर करने की पूरी छूट दी जाए जिसके जवाब में कल चुनाव आयोग ने कहा है कि हम ईवीएम को टैम्पर करने के लिए किसी भी प्रकार का टूल इस्तेमाल नहीं करने देंगे, मशीन को छूने नहीं दिया जाएगा। आप नेता ने कहा कि हम चुनाव आयोग को कहना चाहते हैं कि किसी इंजीनियर को जादू तो आता नहीं है कि वो आंखो के जादू से या फिर मंत्रोच्चारण से मशीन को हैक कर सके।
उन्होंने कहा कि हम दोबारा चुनाव आयोग को चिठ्ठी भेज रहे हैं जिसमें हमने लिखा है कि आखिर चुनाव आयोग को ईवीएम को स्वतंत्र हैकथाॅन करवाने में क्या आपत्ति है ? गोपाल राॅय ने कहा कि हमारे एक साथी विधायक सौरभ भारद्वाज ने विधानसभा में यह डैमो करके दिखाया था कि कैसे मदरबोर्ड चेंज करके मशीन को टैम्पर किया जाता है और वोट ट्रांसफर की जाती हैं।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि दुनियाभर में हैकाथॉन कराने के कुछ पैरामीटर्स हैं लेकिन चुनाव आयोग उन पैरामीटर्स को फॉलो करने के लिए कतई तैयार नहीं है। पत्र में ‘आप’ ने कहा है कि चुनाव आयोग को यह सोचना चाहिए कि अगर ईवीएम पर उठे सवालों का संदेह देश की जनता के मन से नहीं गया तो यह लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरनाक है क्योंकि चुनाव में लाखों लोग मेहनत करते हैं पसीना बहाते हैं और करोड़ों-अरबों रुपया खर्च होता है लेकिन अगर ईवीएम की सेटिंग से वोट ट्रांसफर किए जाते रहे तो ये देश के लोकतंत्र के लिए बेहद ही गंभीर मसला है।
प्रेस कॉंफेंस में मौजूद पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडे ने कहा कि ‘देश-विदेशों में काम कर रहे भारतीय पृष्ठभूमि के करीब डेढ़ दर्जन इंजीनियर्स और टैक्नोक्रेट्स ने मिलकर भारत के चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर यह बताया है कि ईवीएम पर उठे सवाल बेहद ही गंभीर हैं क्योंकि ईवीएम टैम्पर-प्रुफ नहीं है, ये सारे टैक्नोक्रेट्स ईवीएम से जुड़े सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के एक्सपर्ट हैं और सभी ये मान रहे हैं कि ईवीएम को आसानी से कोई भी थोड़ी बहुत तकनीक की जानकारी रखने वाला इंसान टैम्पर करके किसी के भी पक्ष में वोट डलवा सकता है।
ये सभी इंजीनियर्स भारत की पृष्ठभूमि से हैं और भारतीय लोकतंत्र के प्रति इनकी चिंता है कि ये लोग सीधा चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर इस खतरे से अवगत करा रहे हैं। ये लोग दुनियाभर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और दूसरे शिक्षण संस्थानों में पढ़ा रहे हैं या फिर इस विषय पर शोध कर रहे हैं सभी विषय के एक्सपर्ट हैं लिहाजा ये लोग भारत के चुनाव आयोग को इस खतरे से आगाह करा रहे हैं अब चुनाव आयोग पर निर्भर करता है कि वो इनकी इस बात पर गौर करता है या नहीं।

 

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