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किसान कंगाल, मज़दूर बेहाल, भाजपा के यार हैं मालामाल, जुमला सरकार के तीन साल

May 26, 2017 07:26 PM
अर्थव्यवस्था के हर पैमाने पर भाजपा सरकार फ़ेल, अपने करीबी उद्योगपतियों को फ़ायदा पहुंचा रही है सरकार
 देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बने तीन साल हो गए हैं लेकिन हक़ीक़त यह है कि अर्थव्यवस्था के हर पैमाने पर भाजपा सरकार फ़ेल साबित हुई है। देश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं लेकिन सरकार अपने कुछ बेहद क़रीबी उद्योगपतियों को फ़ायदा पहुंचा रही है। 

सीएजी की रिपोर्ट कहती है कि कैसे केंद्र सरकार ने अडानी और अंबानी की कम्पनियों को नियमों से परे जाकर फ़ायदा पहुंचाया है जिसमें सरकार को 5 हज़ार करोड़ का नुकसान हुआ है। अडानी और अम्बानी के फ़ायदे के रास्ते में अगर कोई नियम या कानून आता भी है तो उस नियम-कानून को हटा दिया जाता है या फिर बदल दिया जाता है।

आप कार्यालय में आयोजित हुई प्रैस कॉंफ्रैंस में बोलते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि जिस तरह से देश की सरकार के तीन साल पूरे होने पर जश्न मनाया जा रहा है वो हक़ीक़त में जश्न मनाने के काबिल नहीं है। आंकड़े उठाकर देखें तो हर मोर्चे पर देश की भाजपा सरकार बुरी तरह से फ़ेल साबित हुई है। कैसे बीजेपी की सरकार के आने के बाद सिर्फ़ बीजेपी के कुछ चुनिंदा उद्योगपति दोस्तों को फ़ायदा पहुंचाया जा रहा है। देश में तीन साल से भाजपा सरकार है और अब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं हो पाई है, तो आप समझ सकते हैं कि भ्रष्टाचार के मसले पर इनकी राय क्या है। व्यापम घोटाले में शिवराज सिंह चौहान हों या फिर दूसरे मामलों में वसुंधरा राजे हों, किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।‘ अडानी ग्रुप पर 72 हज़ार करोड़ का जो लोन बकाया है उसको वापस लेने की कोई कोशिश केंद्र की भाजपा सरकार की तरफ़ से होती नहीं दिख रही है। तकरीबन इतना ही यानि 72 हज़ार करोड़ रुपए देश के किसानों पर भी लोन बकाया है और अगर देश की भाजपा सरकार किसानों के बारे में भी थोड़ा सोच ले तो देश का अन्नदाता आत्महत्या नहीं करेगा लेकिन अफ़सोस कि भाजपा सरकार किसानों के बारे में ना सोचती है और ना ही कुछ करती है।
सीएजी की रिपोर्ट कहती है कि कैसे केंद्र सरकार ने अडानी और अंबानी की कम्पनियों को नियमों से परे जाकर फ़ायदा पहुंचाया है जिसमें सरकार को 5 हज़ार करोड़ का नुकसान हुआ है। अडानी और अम्बानी के फ़ायदे के रास्ते में अगर कोई नियम या कानून आता भी है तो उस नियम-कानून को हटा दिया जाता है या फिर बदल दिया जाता है।
आजकल एक नए व्यापारी हुए हैं उनका नाम है बाबा रामदेव। सरकार की तरफ़ से उनको 2 हज़ार एकड़ ज़मीन उपहार में दे दी गई है, क्यों ये ज़मीन बाबा रामदेव को दी गई इसका कारण किसी को नहीं पता। पिछले तीन साल में बाबा रामदेव के व्यापार में ज़बदस्त उछाल आया है और अब तो वो 10 हज़ार करोड़ रुपए के टर्नओवर का टारगेट लेकर चल रहे हैं। कौन सा योगा सिखाते हैं इसका तो नहीं पता लेकिन वो अपना व्यापार भाजपा सरकार की मदद से बहुत अच्छे से और तेज़ी से बढ़ा ज़रूर रहे हैं।
केंद्र की भाजपा सरकार ने अडानी के लिए 370 एकड़ जंगल की ज़मीन का आवंटन कर दिया। देश की सरकार के लिए अगर देश का किसान मरता है तो मरे लेकिन अडानी और अंबानी के लिए सारे दरवाज़े खुले हैं और अगर कोई रास्ते में आएगा तो उसे रास्ते से हटा दिया जाता है, जैसे आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को हटाया गया, उनकी जगह गुजरात के ही उर्जित पटेल को लाकर आरबीआई गवर्नर के पद पर बिठा दिया है और पूरा देश जानता है कि वो किसके हक़ में और क्यों काम कर रहे हैं।
तमिलनाडु के किसानों ने लम्बे समय तक जंतर-मंतर पर आंदोलन किया लेकिन देश के प्रधानमंत्री को इन किसानों की तरफ़ देखने की फुर्सत तक नहीं मिली। ये हाल तो तब है जब खुद भाजपा ने अपने मैनिफैस्टो में ये वादा किया था कि सरकार बनने के बाद उनकी प्राथमिकता किसान और खेती रहेगी।‘ ‘भाजपा सरकार के वक्त भारत देश में 7 अरबपतियों के पास उतनी सम्पत्ति है जितनी देश की 70 प्रतिशत आबादी के पास है। उद्योगपतियों का 4.6 लाख करोड़ रुपए का कर्ज़ माफ़ किया गया है। हमें उद्योगपतियों से कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अगर उद्योगपतियों का लोन माफ़ हो सकता है तो किसानों का भी होना चाहिए।‘ “किसानों की आत्महत्या की बात करें तो साल 2014 में 12,360 किसानों ने आत्महत्या की और साल 2015 में 12,602 किसानों के आत्महत्या की है। वर्तमान केंद्र सरकार देश के अन्नदाता की नहीं सुन रही है लेकिन भाजपा सरकार को अपने उद्योगपति दोस्तों की ज्यादा चिंता है। इसलिए हम कह रहे हैं तीन साल जुमला सरकार
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

 

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