Sunday, December 17, 2017
Follow us on
National

दिल्ली को 'कीकड़ फ्री' करने का अभियान जल्द 

May 24, 2017 10:15 PM
उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पर्यावरण एवं वन मंत्री इमरान हुसैन और जल मंत्री राजेंद्र गौतम की मौजूदगी में बुधवार को सिटी फॉरेस्ट को जनता के लिए खोल दिया गया।

- उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, दिल्ली में 800 एकड़ में बढ़ा ग्रीन कवर
- गीता कॉलोनी का सिटी फॉरेस्ट जनता के लिए खोला गया 

नई दिल्ली। दिल्ली के जिस कोने में भी हम जाते हैं, वहां ग्रीनरी तो दिखती है लेकिन उसमें कुछ ऐसे पेड़ दिखते हैं जो वास्तव में धरती के दुश्मन हैं। उनमें सबसे बड़ा दुश्मन है कीकड़। कीकड़ की अपनी विशेषता है।

ये एक महात्वाकांक्षी योजना है जिससे हम न केवल ग्रीनरी और फॉरेस्ट कवर बढ़ा पाएंगे बल्कि धरती के नीचे का पानी बचा पाएंगे और पर्यावरण को बेहतर बना सकेंगे।गीता कॉलोनी के ताज एन्क्लेव में बने सिटी फॉरेस्ट को जनता को समर्पित करते हुए दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ये बात कही।

अगर हजार में दो-चार पेड़ कीकड़ के हों तो ठीक है लेकिन अगर हजार में 900 पेड़ हों तो वो धरती का दुश्मन है। क्योंकि वो धरती का सारा पानी सोखकर बरबाद कर देता है। हम एक साल से एक योजना पर काम कर रहे हैं जिसके तहत बहुत जल्द पूरी दिल्ली को कीकड़ फ्री करने की शुरुआत होने जा रही है। ये एक महात्वाकांक्षी योजना है जिससे हम न केवल ग्रीनरी और फॉरेस्ट कवर बढ़ा पाएंगे बल्कि धरती के नीचे का पानी बचा पाएंगे और पर्यावरण को बेहतर बना सकेंगे।गीता कॉलोनी के ताज एन्क्लेव में बने सिटी फॉरेस्ट को जनता को समर्पित करते हुए दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ये बात कही। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पर्यावरण एवं वन मंत्री इमरान हुसैन और जल मंत्री राजेंद्र गौतम की मौजूदगी में बुधवार को इस सिटी फॉरेस्ट को जनता के लिए खोल दिया गया। मनीष सिसोदिया ने कहा कि इनसानियत में पेड़ लगाने से बड़ा कोई उपकार नहीं होता। दिल्ली में लगातार वृक्षारोपण का काम चल रहा है। इसी का नतीजा है कि दिल्ली में ग्रीन कवर 0.2 परसेंट बढ़ा है। देखने में 0.2 परसेंट बहुत छोटा मोटा लग सकता है लेकिन जमीन के हिसाब से देखें तो 800 एकड़ से ज्यादा जमीन ग्रीन कवर बढ़ा है जिसके लिए वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई। इस मौके पर वन एवं पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में जहां लोग बढ़ती आबादी और बढ़ते वाहनों से उत्पन्न प्रदूषण से जूझ रहे हैं, ऐसे में दिल्ली के विभिन्न भागों में सिटी फॉरेस्ट विकसित करने का अभियान एक सकारात्मक कदम है।

सिटी फॉरेस्ट में पेड़-पौधों की विभिन्न प्रजातियों के साथ-साथ इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है जिसके लिए सिटी फॉरेस्ट के अंदर एनवायरनमेंट फ्रेंडली इको हट्स, वाट टावर्स, फुटपाथ, योगा सेंटर्स जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

Have something to say? Post your comment
More National News
दिल्ली में ‘प्रदूषण’ और एल.जी. बने दमघोंटू
सरकार का बड़ा ऐलान : ये 40 सेवाएं अब दिल्ली वासियों को घर बैठे मिलेंगी, अफसरों के चक्कर काटना बीते दिनों की बात
अब दिल्ली में तैयार होगा ‘राशन’ का होम डिलीवरी नेटवर्क
अल्का के ‘सैनेटरी पैड्स’ और भक्तों की ‘गाय’
‘प्रदूषण’ का खेल खेलते नेताओं का अखाड़ा बनी ‘दिल्ली’
केजरीवाल का केंद्र सरकार को जबाब, पहले पानी का छिड़काव अब ऑड-ईवन
'नोटबंधी' के 'हिटलरी फरमान' से जनता को दिया धोखा
जो न कर पाई 'केंद्र सरकार', वो करेगी 'आप सरकार'
नार्थ घोंडा की तेजराम गली और प्रजापति गली के निर्माण कार्य का शुभारंभ
‘अरविंद केजरीवाल और योगेंद्र यादव हमारी वर्तमान राजनीति की दो ज़रूरतें हैं’