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चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में नेहा न. 1 आस-पास भी नहीं ठहर पा रहे हैं प्रतिद्वंदी प्रत्याशी

दौलत भारती | April 17, 2017 06:58 PM
दौलत भारती
दिल्ली:
 
नेहा ने दी कांग्रेस-भाजपा के प्रत्याशियों को खुली बहस की चुनौती
भाजपा व कांग्रेस दोनों के प्रत्याशियों की उम्र 60 साल से ज्यादा
दोनों पार्टियों ने पिछले 20 सालों में कितना विकास किया, जनता को हिसाब दें, आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार का दो साल का लेखा जोखा देने को तैयार
आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी नेहा का राजनीति में पदार्पण प्रतिद्वंदी पार्टियों के लिए किसी अचरज से कम नहीं है। आम आदमी पार्टी ने वार्ड-53 एन. रोहिणी पूर्व से एमसीडी चुनावों में जिस चेहरे को अपना उम्मीदवार घोषित किया है वह तेजी से लोगों के बीच पहचान बनाती हुई आज लोकप्रियता के शीर्ष पर पहुंच चुकी है।

नेहा एक ओर महिला हितों की बुलंद आवाज हैं तो दूसरी ओर समाज में कुछ भी गलत को बर्दास्त न करने वाली जुझारू क्रांतिकारी। नेहा आंदोलन के दौर से लेकर सियासत तक के सफर में अरविंद केजरीवाल के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलने वाले उन कार्यकर्ताओं की टोली का हिस्सा हैं जिनकी रगों में सच्चाई, ईमानदारी एवं देश के प्रति निष्ठा कूट-कूट कर भरी है। नेहा ने हिमाचल प्रदेश के मनाली में एनजीटी के एक फरमान से बेरोजगार हुए 25000 लोगों की लड़ाई को एक आंदोलन में बदल कर उनकी रोजी रोटी न सिर्फ बहाल करवाई बल्कि एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट में भी उन्हें नि:शुल्क कानूनी मदद दिलवा कर उनके हितों की पैरवी आज तक कर रही हैं।

 

 
 
दूसरे दलों के प्रत्याशी इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि आम आदमी पार्टी के खिलाफ इतना दुष्प्रचार करने के बावजूद 'आप' के साथ जनता का हुजूम कैसे उमड़ पा रहा है ? राजनीति के जानकारों का मानना है कि दिल्ली सरकार द्वारा 2 वर्ष के दौरान किए गए विकास कार्य दिल्ली की जनता के जहन में गहराई से घर कर गए हैं. स्थानीय लोग इस बात को मानते हैं कि आम आदमी पार्टी के सिवा किसी भी राजनैतिक पार्टी से कोई भी उम्मीद करना खुद को धोखे में रखने से कम नहीं है। मतदाताओं का मानना है कि आम जनता के हितों के लिए किसी से भी टकरा जाने का दम रखने वाले अरविंद केजऱीवाल के प्रत्याशियों को जीत दिला कर ही जनता की सही अर्थों में जीत हो सकती है।
 
इसी क्षेत्र के एक बुजुर्ग मतदाता प्रोफेसर श्याम सुंदर पसरीज़ा का कहना है कि लोग यह भी भली भांति समझ गए हैं कि यदि एमसीडी में भाजपा अथवा कांग्रेस जीत गई तो केंद्र बिजली व पानी एमसीडी के अधीन कर बिजली व पानी माफिया को खुली लूट की आज़ादी दे देगा जिससे बढऩे वाली मंहगाई के कारण जनता का जीना दुभर हो जाएगा। हाल ही में सीवीसी की संसद में पेश हुई रिपोर्ट के खुलासे से भी जनता आम आदमी पार्टी से बेहद प्रभावित है। रिपोर्ट स्पष्ट कहती है कि दिल्ली सरकार से संबधित विभागों में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के उपरांत भ्रष्टाचार में 81 फीसदी की कमी आई है जबकि इसी अवधि के दौरान केंद्र सरकार के अधीन आने वाले विभागों में भ्रष्टाचार 67 फीसदी बढ़ा है। अरविंद केजरीवाल का एमसीडी में जीतते ही हाउस टैक्स माफ करने का ऐलान भी जनता को खूब रास आ रहा है।
 
दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधा में हुए उल्लेखनीय सुधार की तो जनता पहले ही कायल है।
नेहा की क्षेत्र में लोकप्रियता का एक और बड़ा कारण उनकी महिला अधिकारों व महिला सम्मान के लिए समर्पित हो कार्य करना है। नेहा इसलिए भी वार्ड के लोगों की चहेती बनी हुई हैं क्योंकि उनके मुकाबले भाजपा व कांग्रेस की उम्मीदवार उम्र दराज होने के कारण ना तो नेहा के मुकाबले वार्ड की जनता से सीधा संपर्क स्थापित कर पा रही हैं और एक अपने पुत्र व दूसरी अपने पति पर आश्रित होने के कारण न स्वतंत्र निर्णय लेने में जनता को समर्थ दिखाई दे रही हैं।  दूसरी ओर सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने वाली नेहा कुशल योग प्रशिक्षिका होने के साथ-साथ स्वतंत्र विचार धारा की प्रभावशाली युवा कार्यकर्ता के रूप में पहचान रखती हैं।
 
नेहा एक ओर महिला हितों की बुलंद आवाज हैं तो दूसरी ओर समाज में कुछ भी गलत को बर्दास्त न करने वाली जुझारू क्रांतिकारी। नेहा आंदोलन के दौर से लेकर सियासत तक के सफर में अरविंद केजरीवाल के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलने वाले उन कार्यकर्ताओं की टोली का हिस्सा हैं जिनकी रगों में सच्चाई, ईमानदारी एवं देश के प्रति निष्ठा कूट-कूट कर भरी है। नेहा ने हिमाचल प्रदेश के मनाली में एनजीटी के एक फरमान से बेरोजगार हुए 25000 लोगों की लड़ाई को एक आंदोलन में बदल कर उनकी रोजी रोटी न सिर्फ बहाल करवाई बल्कि एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट में भी उन्हें नि:शुल्क कानूनी मदद दिलवा कर उनके हितों की पैरवी आज तक कर रही हैं।
 
केदारनाथ की प्राकृतिक आपदा हो या फिर देश के किसी अन्य भू भाग में कोई त्रासदी वह मदद के लिए सदैव तत्पर रहती हैं। पार्टी ने नेहा के समाज सेवा के प्रति इसी जज्बे को ध्यान में रखते हुए उन्हें वार्ड-53 एन. रोहिणी पूर्व से अपना उम्मीदवार बनाया है। आम आदमी पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ताओं में शामिल नेहा, पार्टी की फाउंडर मेम्बर व आप महिला विंग की उपाध्यक्ष हैं। वह कहती हैं कि यहां साफ-सफाई के साथ कई और समस्याएं भी विद्यमान हैं। निगम स्कूल और पार्कों की हालात खराब है, स्कूलों में पढ़ाई नहीं तो पार्कों में हरियाली नहीं है। वह कहती हैं कि एक ओर निगम में विकास भ्रष्टाचार की बली चढ़ रहा है तो वहीं दिल्ली सरकार के विधायक लगातार विकास के कार्य कर दिल्ली को संवारने की भरसक कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि पार्षद बन कर वह भी विकास की गति बढ़ाएंगी और अरविंद केजरीवाल के कंधे से कंधा मिलाकर विकास में सहभागी बनेंगी।
 
 
क्या रहेंगी नेहा त्यागी की प्राथमिकता ?
वह कहती हैं कि अपने वार्ड के लिए वह बहुत कुछ करना चाहती हैं। नेहा की प्राथमिकताओं में शामिल कुछ बिंदू:
1. बारिश के पानी का संग्रहण कर उसे पार्कों इत्यादि की सिंचाई व अन्य उपयोग में लाया जाएगा।
2. इलाके की तमाम ग्रिल, चारदीवारी और फुटपाथ साफ  करने के लिए मशीनों का उपयोग किया जएगा।
3. वृद्ध केंद्र बनाए जाएंगे, लाइब्रेरी खोली जाएंगी, योग सेंटर की स्थापना की जाएगी, पार्कों में मौसम अनुसार फूलों के पेड़ लगवाए जाएंगे।
4. सौंदर्यीकरण और संगीतमय फव्वारे लगेंगे, हर मौसम में हरियाली, स्पोट्र्स एरिया मेंटेन किया जाएगा, लाईटों का उचित प्रबंध एवं रख रखाव होगा।
5. साप्ताहिक बाजारों को सुव्यवस्थित किया जाएगा. समय समय फागिंग करवाई जाएगी।
6. महिलाओं के लिए स्वीमिंग पूल रोजाना 3 घण्टे खोला जाएगा, लेडीज कोच की व्यवस्था की जाएगी। (विस्तृत मैनीफेस्टो देखें पृष्ठ 4-5 पर)
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