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अखण्ड कीर्तनी जत्थे द्वारा राजनीतिक नेताओं को ब्यानबाज़ी में सिक्ख भावनाओं से खिलवाड़ करने की चेतावनी

January 26, 2017 07:35 PM

मोहाली/चण्डीगढ़
अखण्ड कीर्तनी जत्थे ने राजनीतिक नेताओं को चेतावनी दी है कि वे अपनी ब्यानबाजिय़ों में अथवा संकीण राजनीतिक हितों के लिए गुरबाणी, सिक्ख इतिहास तथा सिक्ख परंपराओं को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने से बाज़ आएं।

उन्होंने कहा कि ‘मर्द अगम्मड़ा’ शब्द भाई गुरदास जी ने केवल और केवल दशम पातिशाह व सरबंसदानी श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के लिए प्रयोग किया है। किसी राजनीतिक नेता की तुलना दशम पातिशाह के साथ करना घोर पाप है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेता गुरमति, गुरु इतिहास व गुरबाणी से पूर्णतया अनजान हैं तथा वे अपने संकीर्ण निजी राजनीतिक हितों के लिए गुरबाणी अथवा गुरु इतिहास को तोड़-मरोड़ करके सिक्ख भावनाओं को भारी ठेस पहुंचा रहे हैं।


अखण्ड कीर्तनी जत्थे के मुख्य भाई बख़शीश सिंह फगवाड़ा तथा मुख्य प्रवक्ता भाई आर.पी. सिंह ने कहा कि विगत दिनों पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की चापलूसी करते हुए एक कांग्रेसी नेता ने कैप्टन अमरेन्द्र को ‘मर्द अगम्मड़ा’ कहना तथा उसके पश्चात् कांग्रेसी नेता नवजोत सिंह सिद्धु द्वारा दशम पातिशाह के पावन कथन ‘चिडिय़ों से मैं बाज़ लड़ाऊँ, तबै गोबिन्द सिंह नाम कहाऊँ’ को तोड़-मरोड़ कर ‘कांग्रेस को पंजाब में लाऊँ, तब नवजोत सिंह सिद्धु नाम कहाऊँ’ कह कर सिक्ख भावनाओं को बुरी तरह से ठेस पहुंचाई है।

उन्होंने कहा कि ‘मर्द अगम्मड़ा’ शब्द भाई गुरदास जी ने केवल और केवल दशम पातिशाह व सरबंसदानी श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के लिए प्रयोग किया है। किसी राजनीतिक नेता की तुलना दशम पातिशाह के साथ करना घोर पाप है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेता गुरमति, गुरु इतिहास व गुरबाणी से पूर्णतया अनजान हैं तथा वे अपने संकीर्ण निजी राजनीतिक हितों के लिए गुरबाणी अथवा गुरु इतिहास को तोड़-मरोड़ करके सिक्ख भावनाओं को भारी ठेस पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक नेता भविष्य में ऐसा करने से बाज़ न आए तो अखण्ड कीर्तनी जत्था श्री गुरु ग्रन्थ साहिब, ख़ालसा पंथ तथा इसकी पवित्र मान-मर्यादा हेतु ऐसे राजनीतिक नेताओं के विरुद्ध प्रत्येक उपयुक्त कार्यवाही व सख़्त कानूनी कार्यवाही करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

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