Monday, January 21, 2019
Follow us on
Download Mobile App
BREAKING NEWS
आज अमेरिकी एक्सपर्ट करेंगे भारतीय EVM को सबके सामने हैकभगवंत मान ने मेरे सहित पूरे पंजाबियों का जीता दिल - केजरीवालझाड़ू को तिनका-तिनका करने वाला कोई पैदा नहीं हुआ -अरविन्द केजरीवालफर्जी गैरतमन्द है सुखपाल सिंह खहरा-मनजीत सिंह बिलासपुर इस गैर संवैधानिक काम करने के लिए देश और दिल्ली की जनता से माफ़ी मांगे भाजपा : राघव चड्ढाजिसने किया था 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा उसी ने छीन लिया 1 करोड़ 90 लाख लोगों का रोज़गारकांग्रेस के कई नेता व कार्यकर्ता हुए आम आदमी पार्टी में शामिल, दिलीप पाण्डेय ने स्वागत कियाहरियाणा से आए बाल्मीकि समाज सभा के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में की केजरीवाल से मुलाकात
Revolutionary Poems

गर्मी की कुंडलियाँ - अरविंद कुमार झा

October 29, 2014 06:39 PM

 

गर्मी का यह हाल है बिजली पानी बंद
ये सब छोटी बात है हम सब है स्वच्छंद
हम सब हैं स्वच्छंद नस्ल है कुछ की घटिया
बिजली बिल से मुक्ति फँसाए रहना कटिया
मिनरल वाटर खींच करे जब नल हठधर्मी
जेबें हल्की होंय स्वयं मिट जाए गर्मी

गर्मी क्षेत्र-विकास की जब जब पकड़े जोर
आए पास चुनाव तब करें विधायक शोर
करें विधायक शोर जोड़ हाथों को बोलें
तू मेरी दे पोल खोल हम तेरी खोलें
फिर उतरें मैदान एक से एक कुकर्मी
जब हो पास चुनाव बढ़े तब तब सरगर्मी

गर्मी जब सिर पर चढ़ी दे मूछों पर ताव
दिन में तारे दिख रहे तन पर जले अलाव
तन पर जले अलाव हवा भी खिसक गई है
हुई ज़िंदगी नर्क देह अब चिपक रही है
तभी कहें अरविंद कि जब जब बढ़े अधर्मी
बस तब तब भगवान बढ़ाते रहते गर्मी

गर्मी की सौगात है ककड़ी खीरा आम
फ्रिज कूलर पंखे चले जिसमें झाम तमाम
जिसमें झाम तमाम करो बिजली की पूजा
जब ये खेले खेल रहे मुँह सबका सूजा
अर्धनग्न 'अरविंद' छोड़ करके बेशर्मी
किए बिना कुछ काम पसीना देती गर्मी

गर्मी भारी पड़ रही मुख पर आया स्वेद
सारा मेकअप धुल गया उन्हें हुआ यह खेद
उन्हें हुआ यह खेद कि विपदा बड़ी विकट है
कहता है विज्ञान सूर्य आ रहा निकट है
ऐसा कर भगवान दिखे मौसम में नर्मी
वर्ना तो सब लोग भयंकर झेलो गर्मी

६ जुलाई २००९

Have something to say? Post your comment