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Interview

भाजपा के भ्रष्टाचार का अड्डा है दिल्ली एमसीडी: दिलीप पांडेय

April 21, 2016 11:42 AM

आम आदमी पार्टी, दिल्ली के प्रदेश संयोजक, दिलीप पांडेय से ‘आप की क्रांति’ प्रतिनिधि ने भ्रष्टाचार में अकंठ डूबी एमसीडी को लेकर बातचीत की। दिलीप पांडेय ने न सिर्फ एमसीडी में चल रहे तमाम भ्रष्टाचारों को बेबाकी से बेपर्दा किया बल्कि एमसीडी को भ्रष्टाचार मुक्त करने के उपायों पर भी खुल कर चर्चा की। दिलीप पाण्डेय ने हमें यह भी बताया कि दिल्ली की जनता शिद्दत से एमसीडी के भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने के लिए एमसीडी चुनावों का इंतजार कर रही है। आइए जानते हैं दिलीप पांडेय से हुई बातचीत के

  • दिल्ली के चिकित्सा ढांचे की अमेरिका के नामी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट व शिकागो ट्रिब्यून ने की सराहना.
  • नगर निगम है भ्रष्टाचार का गढ़
  • नगर निगम नेताओं के घर पहुंचता है पैसा
  • मोदी जी जो बोलते हैं उनमें उसे पूरा करने की क्षमता ही नहीं है.
  • प्रत्येक पार्षद ने बनवाई हैं 500-600 फर्जी पेंशन, खुद डकार जाते हैं यह पैसा.
  • पार्षद और विधायक आम आदमी पार्टी के होंगे तो होगी अच्छी सफाई.
    आप की क्रांति - भाजपा शासित दिल्ली में नगर निगम को भ्रष्टाचार का केंद्र कहा जाता है, क्या वास्तव में दिल्ली नगर निगम को यह कहना सही है ?

    पिछले एक साल में आप सरकार ने दिल्ली में बेहतरीन काम किए हैं जिनको लोगों ने खूब पसंद किया है। एक साल पहले दिल्ली की जनता ने ‘आप’ को भारी बहुमत से जिता कर एक नया प्रयोग किया था और एक ईमानदार पार्टी को सत्ता में लेकर आई थी, जनता का यह प्रयोग उसकी आशाओं से बढ़ कर सफल रहा। आज आम आदमी पार्टी सरकार देश की लोकप्रिय सरकार बनकर उभरी है। दिल्ली की जनता ने ‘आप’ का काम करीब से देखा है हमने कोई जुमला नहीं छोड़ा, जो चुनाव में वादे किए थे वो वादे पूरे किए हंै और दिल्ली की जनता का विश्वास जीता है।


    दिलीप पांडेय - नगर-निगम में भ्रष्टाचार की लम्बी फेहरिस्त है, अभी कुछ दिनों पहले एक न्यूज चैनल ने ‘स्टिंग’ कर उसे प्रसारित किया था, जिसमे पेंशन घोटाले का खुलासा हुआ था। प्रत्येक पार्षद ने अपने-अपने इलाकों में 500 से 600 फर्जी पेंशन बनवा रखी है यह पैसा पार्षदों की जेब में जा रहा था, इस तरह करोड़ों रूपये पेंशन के नाम पर घोटाला करके खाए जा रहे थे। इसके अलावा दिल्ली में डेंगू की रोकथाम के लिए नगर-निगम को पैसा मुहैया करवाया जाता है, नगर-निगम ने पैसे मिलने के बाद अभी तक न तो जरूरी दवा खरीदी है और न ही सफाई करवाई है यह भी एक घोटाला है, कि आखिर दवा और सफाई का पैसा कहां गया ? एक तरफ नगर-निगम पैसों का रोना रोती है वहीं दूसरी तरफ 13 करोड़ रूपए नगर-निगम की वेबसाइड के रख-रखाव पर खर्च कर देती है, क्या यह सही है ? भाजपा शासित नगर-निगम कचरे की राजनीति कर रही है, वेतन न मिलने पर कर्मचारियों के घर के चूल्हे बंद हो गए, दिल्ली सरकार ने उनके वेतन के लिए पैसे नगर-निगम को दिए उसके बावजूद पैसे उनके अकाउंट में नहीं पहुंचे, तो जाहिर है कि वह पैसा किसी नेता की जेब गर्म करने में इस्तेमाल किया गया होगा, नगर-निगम आज घोर भ्रष्टाचार जा गढ़ बन चुका है।
    आप की क्रांति - नगर-निगम की 13 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हंै, सभी सीटों पर पार्टी ने अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं आम आदमी पार्टी को इन चुनावों से क्या उम्मीदें हैं ?
    दिलीप पांडेय - पार्टी ने सोच-समझकर उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जो अभी से ही लोगों से घर-घर जाकर मिल रहे हैं। दिल्ली की जनता के पास भाजपा की कचरा नीति से बचने का यह अच्छा मौका है, जब विधायक और पार्षद एक ही पार्टी के होंगे तो इलाके में काम सही तरीके से हो पाएंगे। जनता के पास एक बेहतरीन प्रयोग करने अवसर है और हमें पूरी उम्मीद है कि दिल्ली की समझदार जनता ‘आप’ उम्मीदवारों को भारी मतों से विजयी बनाएगी।
    आप की क्रांति - नगर निगम उपचुनावों में पार्टी के मुख्य मुद्दे क्या हंै ? जिनको लेकर वह जनता के बीच जाएगी ?
    दिलीप पांडेय - नगर निगम का चुनाव छोटे -छोटे मुद्दों पर लड़ा जाता है, दिल्ली में नगर-निगम की वजह से जगह-जगह कूड़ा फैला होता है, जो रोड 60 फुट से ज्यादा चैड़े हैं उनकी सफाई का जिम्मा पीडब्लूडी का है वह रोड साफ-सुथरे रहते हंै जबकि जो रोड़ नगर-निगम के अंतर्गत आते हंै उन पर गंदगी पसरी रहती है। अभी पीडब्लूडी ने सड़कों को वेक्यूम क्लीनर से साफ करने का काम भी शुरू कर दिया है, ओपन इलाकों में ग्रीन पट्टी का काम शुरू हो गया है। नगर-निगम के अस्पतालों में साफ-सफाई की व्यवस्था चरमराई हुई है जबकि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में व्यवस्थित तरीके से काम-काज किया जा रहा है, अब तो सभी दिल्ली सरकार के अस्पतालों में फ्री दवाई और सभी चेकअप फ्री हो रहे हैं । अभी दिल्ली सरकार ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पॉली क्लिनिक और मोहल्ला क्लिनिक के जरिए दिल्ली को चिकित्सा का एक बेहतरीन विकल्प उपलब्ध करवाया है, जिसकी तारीफ अमरीका के नामी अखबार वाशिंगटन पोस्ट व शिकागो ट्रिब्यून ने भी की है। भाजपा शासित नगर-निगम ने अपनी कार्यशैली से साफ कर दिया है कि नगर-निगम चलाना उनके बस की बात नहीं है, दिल्ली की जनता सब कुछ देख रही है इन चुनावों में जनता भाजपा के खिलाफ माहौल तैयार करेगी।
    आप की क्रांति - दिलीप जी आप ‘आम आदमी पार्टी’ के उम्मीदवारों की जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त नज़र आ रहे हैं इस भरोसे का मुख्य आधार दिल्ली की जनता जानना चाहती है.
    दिलीप पांडेय - पिछले एक साल में आप सरकार ने दिल्ली में बेहतरीन काम किए हैं जिनको लोगों ने खूब पसंद किया है। एक साल पहले दिल्ली की जनता ने ‘आप’ को भारी बहुमत से जिता कर एक नया प्रयोग किया था और एक ईमानदार पार्टी को सत्ता में लेकर आई थी, जनता का यह प्रयोग उसकी आशाओं से बढ़ कर सफल रहा। आज आम आदमी पार्टी सरकार देश की लोकप्रिय सरकार बनकर उभरी है। दिल्ली की जनता ने ‘आप’ का काम करीब से देखा है हमने कोई जुमला नहीं छोड़ा, जो चुनाव में वादे किए थे वो वादे पूरे किए हंै और दिल्ली की जनता का विश्वास जीता है।
    आप की क्रांति - आम आदमी पार्टी उम्मीदवारों के चयन में विशेष ऐहतियात बरतती है, नगर निगम उपचुनाव में ‘आप’ ने जो उम्मीदवार खड़े किए हंै उनके चयन में पार्टी की तरफ से क्या मापदंड अपनाए गए हैं ?
    दिलीप पांडेय - ‘आप’ ने भ्रष्टाचार में लिप्त होने पर अपने एक मंत्री को खुद सबूत एकत्र कर निकाल दिया था, ‘आप’ भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाली पार्टी है, इन चुनावों में आप ने युवा चेहरों को मौका दिया है ताकि वह ऊर्जा और शक्ति के साथ लोगों की समस्याओं का निपटान कर सकंे। उम्मीदवारों के चयन में पार्टी ने विशेष ध्यान रखा है कि आम आदमी पार्टी का कोई भी उम्मीदवार अपराधिक पृष्ठभूमि का न हो, करप्ट न हो, समाज के प्रति कुछ करने का जनून रखता हो, इसके अलावा उनकी शिक्षा और समाजिक स्तर को भी ध्यान में रख गया है।
    आप की क्रांति - मोदी जी ने विकास के नाम पर वोट मांगे थे, नगर-निगम को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की बात कही थी क्या मोदी जी अपने कथन पर काम कर पाए हैं ?
    दिलीप पांडेय - दिल्ली नगर-निगम भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है, मोदी जी देश के विकास के नाम पर आए थे, लेकिन वह देश का विकास नहीं कर पा रहे हंै। उनमें  उतनी क्षमता नहीं है जितना वे कहते हैं , अगर क्षमता होती तो नगर-निगम का भ्रष्टाचार उनके प्रधानमंत्री बनते ही समाप्त हो जाता। नगर-निगम के नेताओं के घर पैसा पहुंच रहा है, मोदी जी कुछ नहीं कर पा रहे हैं और न ही कर पाएंगे। मगर दिल्ली की जनता जानती है कि एमसीडी में आम आदमी पार्टी के जीतते ही एमसीडी 100 फीसदी भ्रष्चाचार मुक्त हो जाएगी।


  • 1. आरटीआई से जो जानकारी मिली हैं, उनसे यह मालूम होता है कि लगभग 3400 एमसीडी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं।
    2. बीजेपी की एमसीडी में लगभग 23 हजार काल्पनिक कर्मचारी हैं। यानि उनका नाम कागज पर है जबकि वास्तव में उनका वजूद ही नहीं है। 100 करोड़ रूपए हर साल इन काल्पनिक कर्मचारियों को वेतन देने के नाम पर हजम किया जा रहा है। जाहिर है, यह पैसा भ्रष्ट पार्षदों की जेब में ही जाता होगा।
    3. दक्षिण दिल्ली की एमसीडी को 45 करोड़ रूपए डेंगू और मलेरिया नियंत्रण के लिए दिए गए थे, लेकिन इस निगम ने सिर्फ 18 करोड़ ही खर्च किये। इस ढीले रवैये की वजह से छह हज़ार लोग डेंगू के शिकार हुए और दो सौ लोगों को मलेरिया से जूझना पड़ा। यह बेहद चिंता की बात है।
    4. एमसीडी की वेबसाईट पर अब तक 13 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च हो चुकी है। आप सब जानते हैं आजकल वेब साईट बनाने में महज़ कुछ हज़ार का खर्च आता है, फिर करोड़ों रूपए किस हिसाब से खर्च हुए, इसका जवाब बीजेपी शासित एमसीडी के पास नहीं है।
    5. 2014-2015 में इन गरीब सफाई कर्मचारियों के वेतन के पैसे को एमसीडी ने स्वीमिंग पूल बनाने में खर्च कर दिये। एमसीडी में काबिज़ बीजेपी नेताओं ने एक बार भी नहीं सोचा कि इससे गरीब सफाई कर्मचारियों के घर का चूल्हा बुझ सकता है।
    6. केंद्र ने बीजेपी शासित एमसीडी को कई मल्टी लेवल पार्किंग बनाने के लिए 500 करोड़ रूपये दिये थे, लेकिन कहीं कोई निर्माण नहीं हुआ।
    7. सीएजी रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि एमसीडी के पास साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर कोई भी योज़ना नहीं है, ना ही एमसीडी के पास अपनी प्रतिदिन की साफ-सफाई की व्यवस्थाओं, जैसे कि सड़कों की सफाई, नालों की सफाई, शौचालयों की साफ-सफाई इत्यादि पर निगरानी रखने की कोई प्रणाली है।
    8. स्वच्छ भारत अभियान में भाजपा शासित एमसीडी की रैंकिंग से भ्रष्ट एमसीडी के निकम्मेपन को जग जाहिर कर दिया है। केंद्र सरकार की ही एक रिपोर्ट के मुताबिक 476 स्थानों की सूची में दिल्ली एमसीडी को 398 वें स्थान पर रखा गया है।
    9. सीएजी के अनुसार, एमसीटी दिल्ली में मात्र 25 प्रतिशत कूड़ा-कचरा ही उठा पा रही है और 23 करोड़ रूपए खर्च करने के बावजूद साफ-सुथरे शौचालय की व्यवस्था करने में नाकाम है।
    10. अभी हाल ही में पेंशन के नाम पर फर्जी और अयोग्य लोगों को पार्षदों द्वारा पेंशन दिलाए जाने का कई सौ करोड़ का घोटाला सामने आया है। जनता को मिलने के बजाए, इन फर्जी और अयोग्य लोगों के नाम पर वसूली जा रही पेंशन पार्षदों की जेब में जा रही है।
    स्वच्छता, दिल्ली के प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और कोई भी उनसे यह अधिकार छीन नहीं सकता। मैं हर एक दिल्लीवासी से अपील करूंगा कि वह बीजेपी संचालित एमसीडी में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करे। और औरों को भी इस बारे बताएं।
    दिलीप पाण्डेय
    संयोजक, दिल्ली
    आम आदमी पार्टी

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